रामपुर में 396 हेक्टेयर सरकारी जमीन पर वक्फ संपत्तियों का खुलासा, डीएम ने दी बड़ी जानकारी
रामपुर की 6 तहसीलों के रिकॉर्ड की गहन जांच की गई. जिलाधिकारी के मुताबिक, इन संपत्तियों का मिलान राजस्व अभिलेखों से किया गया, करीब 396 हेक्टेयर सरकारी भूमि वक्फ संपत्तियों के रूप में दर्ज है.

Rampur News: रामपुर में वक्फ संपत्तियों को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. जिलाधिकारी जोगेन्द्र सिंह ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा कराए गए वेरिफिकेशन में यह सामने आया है कि कुल 3365 वक्फ संपत्तियों में से 2363 संपत्तियां सरकारी गाटों पर या सरकारी भूखंडों पर स्थित पाई गई हैं.
वेरिफिकेशन प्रक्रिया एक महीने तक चली, जिसमें रामपुर की छह तहसीलों के रिकॉर्ड की गहन जांच की गई. जिलाधिकारी के मुताबिक, इन संपत्तियों का मिलान राजस्व अभिलेखों से किया गया, जिसमें यह स्पष्ट हुआ कि करीब 396 हेक्टेयर सरकारी भूमि वक्फ संपत्तियों के रूप में दर्ज है.
सरकारी भूमि दान करने का कोई प्रावधान नहीं
डीएम जोगेन्द्र सिंह ने साफ किया कि सरकारी भूमि को दान करने का कोई प्रावधान नहीं है. वक्फ वही संपत्ति होती है, जिसे कोई व्यक्ति निजी तौर पर दान करता है. ऐसे में सरकारी जमीनों पर दर्ज इन संपत्तियों की जांच और कार्रवाई का आगे क्या कदम होगा, यह प्रशासन जल्द तय करेगा.
सरकार को सौंपे गए इस सर्वे की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्यवाही होगी. क्या रामपुर में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे हटाए जाएंगे, और क्या इन संपत्तियों पर कोई कानूनी कार्रवाई होगी? ये बड़े सवाल बने हुए हैं. इस मुद्दे पर आगे क्या होगा, इसकी जानकारी हम आपको लगातार देते रहेंगे.
जनपद में 3365 संपत्तियों को प्रशासन वेरिफिकेशन कराया है
जिलाधिकारी जोगेन्द्र सिंह ने बताया हमारे जनपद में 3365 ऐसी संपत्तियां थीं. जिनका वेरिफिकेशन जिला प्रशासन ने कराया है और वेरिफिकेशन में हमारे यहां जो 6 तहसीलें हैं रामपुर में, यह निकलकर आया है. 3365 जो वक्फ संपत्तियां हैं उनमें से 3363 जो 70% कवर करता है, जिसका भूखंड क्षेत्रफल लगभग चार सौ हेक्टेयर निकलकर आया है. वह सरकारी संपत्तियां निकल कर आई हैं, यह जानकारी एक महीने की वेरिफिकेशन प्रोसेस से निकलकर सामने आई है. और जो हमारे रेवेन्यू विलेज है और तहसील हैं छः के छः उसमें यह सूची प्रेषित की थी और हर प्रॉपर्टी का वेरिफिकेशन कराया था. ऐसी संपत्तियां लगभग 3365 हम लोगों को प्राप्त हुई थी. शासन से जिनका वेरिफिकेशन कराना था उनमें से 2363 ऐसी वक्फ की संपत्ति निकली हैं.
जो सरकारी गाटाओं पर या सरकारी भूखंडों पर स्थापित है, जो हमारे राजस्व अभिलेख होते हैं उसका रिकार्ड तहसीलों में होता है, की किस गाटाओं पर क्या नोहियत है. क्या उसकी ओनरशिप है, अगर उस पर कोई और क्लेम करता है तो वह सरकारी ज़मीन पर कब्जा माना जाता है और उसका रिकार्ड तहसीलों में होता है.
वक्फ प्रॉपर्टी को सरकारी गाटा में दिखाया गया
उसी वेरिफिकेशन में हमारे सामने यह बात सामने आई है. 1359 जो अभिलेख होता है वह मूल अभिलेख होता है उससे ही किसी गाटा को लेकर ओनरशिप निर्धारित होती है और विभिन्न माननीय कोर्टों में भी उसी का आधार लिया जाता है. उसमें किसी भी प्रकार का कोई संदेह नहीं है जो मूल दस्तावेज हैं उसी के सापेक्ष लोगों ने इन प्रॉपर्टियों का वेरिफिकेशन कराया है.
किसी भी सरकारी संपत्ति को दान करने का कोई प्रोविजन नहीं है. वक्फ वही प्रॉपर्टी होती है जिसे दान किया जा सके और दान निजी रूप से कोई व्यक्ति दान करता है. जिलाधिकारी जोगेन्द्र सिंह ने बताया रामपुर में कुछ ऐसी संपत्तियां हैं जिन्हें हम आप लोगों को प्रेषित कर देंगे, कुछ बड़े स्ट्रक्चर हैं. वक्फ प्रॉपर्टी हैं जिनको सरकारी गाटो में दिखाया गया है. इन प्रॉपर्टीज का सरकारी गाटो पर जो हमारे गाटो पर मिला है. लगभग 396 हैक्टेयर ऐसी सरकारी भूमि है जिसने वक्फ की प्रापर्टी निकल कर आई है सामने.
यह भी पढ़ें- महाकुंभ में वायरल गर्ल मोनालिसा की ये तस्वीर देखकर दंग रह जाएंगे आप, आर्ट गैलरी में मिली जगह
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL






















