रामपुर में अवैध हथियार बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़, दो गिरफ्तार
रामपुर पुलिस ने अवैध हथियार बनाकर बेचने वाले गिरोध का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने मौके से दो लोगों को गिरफ्तार किया है. इनके पास से बने और अधबने हथियार भी बरामद किए हैं.

उत्तर प्रदेश के रामपुर में पुलिस ने अवैध हथियार बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. सिविल लाइंस थाना पुलिस, स्वाट, सर्विलांस और एसओजी की संयुक्त टीम ने मुखबिर की सूचना पर शिवापुरम स्थित एक खंडहर में छापेमारी की. पुलिस को मौके से एक बंदूक, दो देसी रायफल, अधबनी बंदूक और आठ तमंचों समेत बड़ी संख्या में कारतूस और हथियार बनाने के उपकरण बरामद हुए हैं.
पुलिस के मुताबिक, आरोपी अवैध हथियार तैयार कर अपने फरार साथी शाहिद के माध्यम से बेचते थे और अवैध कमाई करते थे. पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर मुकदमा दर्ज कर लिया है, जबकि फरार आरोपी की तलाश की जा रही है.
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छापेमार कार्रवाई में पकड़े गए
पुलिस के मुताबिक, 29 अक्टूबर को मुखबिर की सूचना पर शिवापुरम स्थित एक खंडहर में छापेमारी की गई. इस दौरान वीर सिंह निवासी खिमौतिया खेड़ा, थाना अजीमनगर और बनवारी लाल निवासी खिमौतिया बख्ती, थाना अजीमनगर को गिरफ्तार किया गया.
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक सिंगल बैरल बंदूक 12 बोर, दो देसी रायफल 315 बोर, एक अधबनी बंदूक 315 बोर और 315 बोर के पांच तथा 12 बोर के तीन तमंचे बरामद किए हैं. इसके अलावा 315 बोर के चार जिंदा कारतूस और तीन खोखा कारतूस, 12 बोर के आठ जिंदा कारतूस और तीन खोखा कारतूस भी मिले हैं. मौके से चार अतिरिक्त नाल और हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण भी बरामद किए गए.
बरामद उपकरणों में ड्रिल मशीन, ग्राइंडर, हथौड़े, रेती, लोहे की रॉड, पाइप, स्प्रिंग, बोल्ट, स्क्रू, गैस सिलेंडर, बर्नर और अन्य औजार शामिल हैं. पुलिस के अनुसार, आरोपी अवैध हथियारों का निर्माण करते थे और शाहिद नाम के अपने साथी के जरिए उनकी बिक्री कर अवैध धन अर्जित करते थे. इस मामले में पिपलिया जट निवासी शाहिद पुत्र अब्दुल वाहिद फरार बताया जा रहा है. पुलिस उसकी तलाश में जुटी है.
गिरोह में शामिल अन्य की जांच जारी
थाना सिविल लाइंस में मुकदमा अपराध संख्या 460/2026 के तहत धारा 5/25 आर्म्स एक्ट में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है. पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपियों द्वारा तैयार किए गए अवैध हथियार कहां-कहां बेचे जाते थे और इस गिरोह से अन्य कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं.
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