रामनवमी पर देश-विदेश से उमड़े राम भक्त, यूके से आए अशोक बोले- 'अयोध्या आकर जीवन धन्य हो गया'
अशोक भाई की तरह गुजरात से भी कई श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे हैं. इन श्रद्धालुओं में कुछ ऐसे भी हैं जो 1992 में कारसेवक के रूप में यहां आए थे और आंदोलन के दौरान जेल भी गए थे. उ

अयोध्या में रामनवमी के पावन पर्व पर श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा. राम जन्मभूमि पर विराजमान रामलला के दिव्य और भव्य दर्शन के लिए देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे. हर भक्त के चेहरे पर आस्था और भक्ति की झलक साफ नजर आई.
ऐसे ही एक रामभक्त हैं अशोक भाई दमन, जो खास तौर पर यूनाइटेड किंगडम (यूके) से अयोध्या पहुंचे हैं. उन्होंने एबीपी न्यूज़ से खास बातचीत में कहा, 'मैं खुद को बहुत सौभाग्यशाली मानता हूं कि रामनवमी के शुभ दिन पर मुझे रामलला के दर्शन करने का अवसर मिला. अब जब मैं यूके लौटूंगा, तो वहां के लोगों से जरूर कहूंगा कि वह भी जीवन में एक बार अयोध्या आएं और रामलला का आशीर्वाद लें.'
अशोक भाई की तरह गुजरात से भी कई श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे हैं. इन श्रद्धालुओं में कुछ ऐसे भी हैं जो 1992 में कारसेवक के रूप में यहां आए थे और आंदोलन के दौरान जेल भी गए थे. उन्हीं में से एक हैं रामू भाई. उन्होंने कहा, 'मैंने उस समय अयोध्या के लिए संघर्ष किया था, जेल गया, लेकिन मन में यही आस थी कि एक दिन अयोध्या में रामलला का मंदिर बनेगा. आज जो भव्यता और दिव्यता देख रहा हूं, उससे मेरा जीवन सफल हो गया है. रामनवमी के दिन यहां होना मेरे लिए बहुत बड़ा सौभाग्य है.'
अयोध्या: सरयू में श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी, बोले- रामलला के दर्शन से पहले ये स्नान जरूरी
बता दें कि इस साल की रामनवमी अयोध्या के लिए बेहद खास रही क्योंकि यह पहली बार है जब रामलला अपनी भव्य नव-निर्मित मंदिर में विराजमान हैं. 22 जनवरी 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रभु श्रीराम के ‘प्राण-प्रतिष्ठा’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया था. इसके बाद से अयोध्या में श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है.
रामनवमी के इस पर्व पर अयोध्या पूरी तरह राममय हो गई. सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे और श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं. हर कोई यही कह रहा था – 'जय श्रीराम!'
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL























