Rakesh Tikait: गेहूं निर्यात पर रोक लगाने के फैसले पर राकेश टिकैत ने उठाए सवाल, जानें- क्या कहा?
Rakesh Tikait Attack On BJP: भाकियू नेता राकेश टिकैत गेहूं निर्यात पर रोक लगाने के फैसले की आलोचना की और कहा कि किसानों को उनकी फसल का दाम सही मिल रहा था तो सरकार ने निर्यात रोक दिया.

Rakesh Tikait Attack On BJP: भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) आज बागपत (Baghpat) पहुंचे, जहां उन्होंने बीजेपी सरकार पर एक बार फिर हमला बोला. राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार को गेहूं का निर्यात (Ban On Wheat Export) नहीं रोकना चाहिए था. ये सरकार ने किसान हित में नहीं किया है. यदि निर्यात होता तो इस बार किसानों को गेहूं की फसल के ज्यादा रुपये मिल सकते थे, लेकिन सरकार ने गेहूं का निर्यात ही रोक दिया. देश में ये पहला मौका था जब हमारे देश में पर्याप्त खाद्यान्न का भंडारण है. किसानों को गेहूं का रेट सही मिल रहा था तो बेच देना चाहिए था ताकि आगे किसानों का उत्साह बना रहता.
राकेश टिकैत ने उठाए बीजेपी पर सवाल
राकेश टिकैत बागपत के बड़ौत शहर में एक प्रतिष्ठान पर पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से भी बात की और भाकियू में हुई टूट पर भी खुल कर अपनी प्रतिक्रिया दी. राकेश टिकैत ने भाकियू में टूट पर कहा कि कुछ नेताओं के अलग होने से कोई फर्क नहीं पड़ता है. विचार अलग होने के बाद उन्हें निकाला गया है. बातचीत करने के बावजूद भी जब वो नहीं माने तो अलग हो जाना ही सही है. राकेश टिकैत ने मंदिर-मस्जिद की राजनीति को लेकर कहा कि देश में गांव-गांव मंदिर और मस्जिद स्थित है इसलिए सरकार को इस झगड़े काे छोड़कर जनसंख्या नियंत्रण कानून पर काम करना चाहिए.
जनसंख्या नियंत्रण कानून लाने की मांग की
टिकैत ने कहा कि सरकार अभी जनसंख्या नियंत्रण कानून पर काम नहीं करेगी. चुनाव के नजदीक आते ही इस मु्द्दे को छेड़ेगी. उन्होंने कहा कि भाकियू किसानों के नलकूपों पर मीटर लगाने का कड़ा विरोध करेगी वहीं बिजली के मुद्दे के पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि पड़ोसी प्रदेश हरियाणा में किसानों को निशुल्क बिजली मिल रही है. हरियाणा में भी बीजेपी की ही सरकार है. बीजेपी ने चुनाव में अपने घोषणा पत्र में बिजली फ्री देने की बात कही थी, लेकिन अभी तक किसानों को फ्री बिजली नहीं मिली है. केंद्र सरकार जो गलत फैसले लेगी, भाकियू उसका कड़ा विरोध करेगी.
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