देहरादून-टिहरी में ऑरेंज अलर्ट, पिथौरागढ़ में 23 सड़कें बंद
Uttarakhand News: चमोली जिले में बाजपुर के पास पहाड़ी दरकने से बद्रीनाथ हाईवे पूरी तरह ठप हो गया. लगातार गिर रहे बोल्डर और मलबे ने सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लगा दीं.

उत्तराखंड में शनिवार को कई हिस्सों में जमकर बादल बरसे, जिसने कई जगह आम जनजीवन अस्त -व्यस्त कर दिया. नैनीताल जिले में हल्द्वानी और आसपास के इलाकों समेत रुद्रप्रयाग, ऊधमसिंह नगर, पिथौरागढ़, हरिद्वार और देहरादून में झमाझम बारिश दर्ज की गई. मौसम विभाग के अनुसार आज यानी 17 अगस्त को भी राज्य में मानसून का असर बना रहेगा.
देहरादून और टिहरी जिले के लिए मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. दोनों जिल में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. बाकी जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है यानी वहां भी गरज-चमक और आकाशीय बिजली और तेज बारिश की आशंका बनी हुई है. मौसम विभाग के मुताबिक अब तक की सबसे ज्यादा 30.5 मिमी बारिश नैनीताल में दर्ज की गई है.
बद्रीनाथ हाईवे बंद, चमोली में मलबे ने रोकी रफ्तार
चमोली जिले में बाजपुर के पास पहाड़ी दरकने से बद्रीनाथ हाईवे पूरी तरह ठप हो गया. लगातार गिर रहे बोल्डर और मलबे ने सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लगा दीं, जिससे यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा. सूचना मिलते ही एनएच की टीमें मौके पर पहुंचीं और मलबा हटाकर रास्ता खोलने में जुट गईं.
पिथौरागढ़ में हालत सबसे ज्यादा गंभीर
वहीं भारी बारिश के चलते सबसे बुरा असर पिथौरागढ़ जिले पर पड़ा है, जहां लैंडस्लाइड की वजह से 23 सड़कें पूरी तरह बंद हो गई हैं. इनमें मुनस्यारी-हरकोट और चोना मार्ग प्रमुख हैं. थल-मुनस्यारी सड़क दिनभर बाधित रहीं, हालांकि राहत की बात यह रही कि चीन सीमा से जुड़ने वाली रणनीतिक रूप से अहम धारचूला-तवाघाट-गुंजी सड़क पर वाहनों की आवाजाही बहाल कर दी गई है.
मौसम विभाग ने आम लोगों से खास एहतियात बरतने की अपील की है खासतौर पर निचले इलाकों, नदी-नालों के आसपास और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में तेज बारिश के दौरान न जाने की सलाह दी गई है. पहाड़ी रास्तों पर सफर करने वालों से भी कहा गया है कि वे मौसम का हाल देखकर ही आगे बढ़ें.
























