प्रयागराज में 27 फरवरी तक जहां नहीं थी पैर रखने की जगह, अब वहां वीरानी, खाली दिख रहा इलाका
UP News: महाकुंभ समापन के बाद प्रयागराज के मेला क्षेत्र में सन्नाटा पसर गया है. महाकुंभ के समापन के बाद संगम की रेती पर बसाए गए तंबुओं के अस्थाई शहर को उजाड़ा जा रहा है.

Prayagraj News: प्रयागराज महाकुंभ का महाशिवरात्रि पर समापन हो चुका है. समापन के बाद मेला क्षेत्र में अब उन क्षेत्रों में भी सन्नाटा पसर गया है, जहां हफ्ते भर पहले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के चलते तिल रखने तक की जगह नहीं होती थी. महाकुंभ के समापन के बाद संगम की रेती पर बसाए गए तंबुओं के अस्थाई शहर को उजाड़ा जा रहा है. संत महात्माओं और संस्थाओं के शिविरों को हटाने का काम किया जा रहा है.
संगम घाट के आसपास और वहां तक जाने वाले रास्ते अब भी श्रद्धालुओं की भीड़ से गुलजार है, लेकिन बाकी मेला क्षेत्र पूरी तरह से खाली हो चुका है. रास्तों पर सन्नाटा पसरा हुआ है. सिर्फ इक्का दुक्का वहां और श्रद्धालु ही नजर आ रहे हैं. इसके साथ ही जो शिविर दिव्यता और भव्यता की झांकी पेश कर रहे थे, वह अब उजड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं. संगम के आसपास जिन जगहों पर शिविर हटाए गए हैं, वहां अब वाहनों को पार्क कराया जा रहा है.
हालांकि शिविरों को उजाड़े जाने की तस्वीर उन लोगों के लिए कतई सुखदायक नहीं है, जिन्होंने इसकी दिव्यता और भव्यता को देखा है. कहा जा सकता है कि संगम के क्षेत्र को छोड़कर महाकुंभ मेला अब सिर्फ यादों में ही सिमटता हुआ नजर आने लगा है.
66 करोड़ से अधिक लोगों ने संगम में लगाई डुबकी
गौरतलब है कि 13 जनवरी से शुरू हुए आस्था के महाकुंभ में 66 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई. श्रद्धालुओं की अप्रत्याशित संख्या ने मेले की भव्यता में चार चांद लगा दिए. विदेशों से आए हुए श्रद्धालु और पर्यटक शिविरों की भव्यता और दिव्यता को देखकर अभिभूत हो गए. महाकुंभ का समापन 26 फरवरी को महाशिवरात्रि पर हुआ. इसके बाद से ही शिविरों को उजाड़ने का काम शुरू हो गया है. धीरे-धीरे कर मेला क्षेत्र अब वीरान होने लगा है.
ये भी पढ़ें: रामलला के भक्तों के लिए बड़ी खबर, अयोध्या में अब सुबह इतने बजे खुलेंगे राम मंदिर के द्वार
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL






















