GST में बदलाव से खुश नहीं यूपी के किसान! कहा- एक तरफ सब्सिडी की बात, दूसरी तरफ टैक्स की
GST Reforms: भारत सरकार ने जीएसटी की दरों में बड़े बदलाव किए हैं. अब इस पर भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने प्रतिक्रिया दी है.

जीएसटी परिषद ने बुधवार को लोगों को राहत देते हुए माल एवं सेवा कर के तहत पांच प्रतिशत और 18 प्रतिशत की दो-स्तरीय कर संरचना को मंजूरी दे दी. इसमें रोजमर्रा के उपयोग वाले सामानों पर जीएसटी दरों में कटौती की गयी है.
वहीं इस बदलाव पर किसान नेता राकेश टिकैत ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि किसानों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरणों पर अभी भी 5% जीएसटी है. हमने सरकार से कृषि को 0% जीएसटी के दायरे में लाने की माँग की थी, जिससे और राहत मिलेगी. एक तरफ़ वे सब्सिडी की बात करते हैं और दूसरी तरफ़ टैक्स की. उपकरण और खाने-पीने की चीज़ें पूरी तरह जीएसटी मुक्त होनी चाहिए. ये ज़रूरत की चीज़ें हैं, व्यापारिक वस्तुएँ नहीं.
बता दें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जीएसटी परिषद की 56वीं बैठक में लिये गये निर्णय के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि जीएसटी में व्यापक सुधारों के तहत बाल में लगाने वाले तेल, साबुन, साइकिल आम और मध्यम वर्ग की वस्तुओं पर जीएसटी 12 प्रतिशत या 18 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत कर दिया गया है. इसके अलावा, छेना, पनीर, रोटी और पराठा पर कोई जीएसटी नहीं लगेगा.
उन्होंने बताया कि जीवन रक्षक दवाओं पर भी जीएसटी शून्य होगा. सीतारमण ने यह भी कहा कि व्यक्तिगत जीवन बीमा, स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी के प्रीमियम पर जीएसटी से छूट मिलेगी. इसके अलावा, छोटी कारों और 350 सीसी तक के दोपहिया वाहनों पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगेगा. तिपहिया वाहन पर भी अब 18 प्रतिशत कर लगेगा. उन्होंने कहा कि तंबाकू, पान मसाला और सिगरेट पर जीएसटी 40 प्रतिशत की विशेष दर से लगेगा. सीतारमण ने कहा, ‘‘ यह केवल जीएसटी में सुधार नहीं है, बल्कि संरचनात्मक सुधारों और लोगों की जीवन को सुगम बनाने की दिशा में उठाया गया कदम है.’’ तंबाकू उत्पादों और सिगरेट को छोड़कर नई जीएसटी दरें 22 सितंबर से प्रभावी होंगी.
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Source: IOCL






















