ओम प्रकाश राजभर ने खोला अखिलेश यादव का राज! बताया क्यों सपा मुखिया ने I-PAC तोड़ा से कॉन्ट्रेक्ट
Om Prakash Rajbhar ने समाजवादी पार्टी की चुनावी रणनीति बनाने वाली आई-पैक कंपनी के साथ करार तोड़ने के पीछे की वजह बताई है. उन्होंने कहा कि ये सब इसलिए हुआ क्योंकि ममता बनर्जी चुनाव हार गईं.

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने चुनावी रणनीति तैयार करने वाली कंपनी आई-पैक से समझौता तोड़ दिया है. जिसे लेकर सियासी गलियारों में कई तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं. वहीं इस मामले को लेकर यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने बड़ा खुलासा किया है. उन्होंने बताया कि ये करार टूटने के पीछे की असल वजह क्या है?
यूपी के मंत्री ने किया खुलासा
ओम प्रकाश राजभर ने आई-पैक कंपनी के साथ अखिलेश यादव के करार तोड़ने के पीछे की पूरी कहानी बताई हैं. उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट कर इस राज से पर्दा हटाया है. राजभर ने लिखा- 'आज बताता हूं, अखिलेश यादव की I-PAC को हटाने की कहानी.
ममता दीदी ने I-PAC नाम की एक पॉलिटिकल स्ट्रैटजी कंपनी हायर की. उस कंपनी को काम देने के साथ ही ममता दीदी ने यूपी में सपा के लिए कॉम्प्लीमेंट्री काम करने का निर्देश दिया. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार I-PAC की पूरी फंडिंग पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की सरकार में हुए 2700 करोड़ से ज्यादा के कोयला घोटाले से हो रही थी.
तमाम जांचों में यह बात सामने आई है कि हवाला के जरिए I-PAC को फंडिंग हो रही थी और ब्लैक मनी को व्हाइट किया जा रहा था. पश्चिम बंगाल के कोयला घोटाले का यही फंड हवाला के जरिए I-PAC की यूपी विंग को आना था, जो सपा के लिए चुनावी जमीन तैयार करता. अखिलेश जी के लिए दुखद घटना यह हो गई कि पश्चिम बंगाल में ममता दीदी हार गई. अब घोटाले का फंड यूपी कैसे आ सकता है, जब सरकार ही नहीं बची?
आज बताता हूं, अखिलेश यादव की I-PAC को हटाने की कहानी।
— Om Prakash Rajbhar (@oprajbhar) May 7, 2026
ममता दीदी ने I-PAC नाम की एक पॉलिटिकल स्ट्रैटजी कंपनी हायर की।
उस कंपनी को काम देने के साथ ही ममता दीदी ने यूपी में सपा के लिए कॉम्प्लीमेंट्री काम करने का निर्देश दिया।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार I-PAC की पूरी फंडिंग…
यही वजह रही कि ढाई महीने I-PAC से काम कराने के बाद अखिलेश जी ने I-PAC को नमस्ते कर दिया, जवाब दीजिए अखिलेश जी?' राजभर ने अपनी पोस्ट में दावा किया कि बंगाल में ममता बनर्जी की हार की वजह से इस कंपनी का फंड बंद हो गया था, जिसकी वजह से सपा मुखिया ने कंपनी से अपना करार तोड़ दिया.
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अखिलेश यादव ने भी मानी थी ये बात
बता दें कि इससे पहले बुधवार अखिलेश यादव ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस बात को स्वीकार किया था कि उनका आई-पैक के साथ करार खत्म हो गया है. उन्होंने पत्रकारों के पूछे सवाल का जवाब देते हुए कहा कि हमने कुछ महीने इस कंपनी के साथ काम किया था लेकिन अब हम साथ नहीं है क्योंकि हमारे पास फंड की कमी है और हम इतना फंड नहीं दे सकते हैं.























