'जिनको देश से प्रेम नहीं है, वही विरोध करेंगे', वंदे मातरम् विवाद पर बोलीं नूपुर शर्मा
UP News: बुलंदशहर में नूपुर शर्मा ने महिलाओं के सशक्तिकरण, बाबरी मस्जिद विवाद और ‘वंदे मातरम’ के विरोध पर तीखी टिप्पणी की. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी जमकर तारीफ की.

यूपी के बुलंदशहर पहुंचीं BJP की निलंबित पदाधिकारी नूपुर शर्मा ने एक कार्यक्रम के दौरान बाबरी मस्जिद विवाद और ‘वंदे मातरम’ को लेकर तीखी टिप्पणी की. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद थीं, इस दौरान उन्होंने महिलाओं के सशक्तिकरण और सुरक्षा पर जोर दिया.
नूपुर शर्मा ने कहा, "मैं इतना ही सभी को अपनी बहनों को देशभर में याद दिलाना चाहूंगी कि जब तीसरी पारी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आए तो उन्होंने कहा था कि तीसरी पारी बहनों के नाम होगी. लखपति दीदी का भी योजना के लिए उन्होंने आह्वान किया था और इसीलिए आज इस कार्यक्रम में मेरा भी यही संदेश था कि बहनों को केवल पढ़ाई-लिखाई बढ़ाया जाना नहीं, उनको सशक्त भी बनाना चाहिए."
उन्होंने आगे कहा, "महिलाओं को अपनी सुरक्षा स्वयं करनी चाहिए. सब कॉलेज से डिफेंस कोर्सेस भी शुरू करें और एक मैं कहूंगी कि एक सुरक्षित माहौल बने बहनों के रहने के लिए, उठने बैठने के लिए, बाहर जाने के लिए. तो आज यही संदेश से मैं आज यह लेकर छतरपुर आई हूं, बलून शहर आई हूं और आप सभी को मेरा प्रणाम और."
उन्होंने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ आत्मरक्षा के लिए भी तैयार रहना चाहिए और कॉलेजों में डिफेंस कोर्स शुरू किए जाने चाहिए.
बाबरी मस्जिद विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का जिक्र
बाबरी मस्जिद विवाद पर बोलते हुए नूपुर शर्मा ने कहा, "देखिए, इसमें तो मैं कहूंगी कि आदरणीय सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय आ चुका है तो यह चुनौती सीधा आदरणीय सर्वोच्च न्यायालय को है. यह बात मैं कहूंगी कि सु मोटो कॉमिशन सर्वोच्च न्यायालय को इस बात पर पूरा निर्णय करना चाहिए."
उन्होंने साफ कहा कि इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ चुका है और किसी भी तरह की चुनौती सीधे सर्वोच्च न्यायालय को चुनौती है.
‘वंदे मातरम’ के विरोध पर किया पलटवार
‘वंदे मातरम’ के विरोध को लेकर भी उन्होंने अपनी बात रखी. उन्होंने कहा, "वंदे मातरम पर मैं तो कहूंगी विरोध क्यों कर रहे हैं? यह देशभक्ति का गीत है और मेरे ख्याल से 88 साल बाद पूरा गाया जाएगा, ऐसा निर्णय भी सरकार ने लिया है और और 150 साल पूरे हुए हैं. तो जिनको देश से प्रेम नहीं है, जिनकी देश विरोधी विचारधारा है, वही वंदे मातरम का विरोध करेंगे."
उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में फिर से चर्चा तेज हो गई है. कार्यक्रम में मौजूद समर्थकों ने उनके बयान का समर्थन किया, वहीं विपक्षी दलों की ओर से इस पर प्रतिक्रिया आना बाकी है.
























