Nuh News: नूंह मेडिकल कॉलेज की टंकी में मिले मरे हुए बंदर, MLA आफताब बोले- BJP सरकार की लापरवाही
Nuh News In Hindi: नूंह मेडिकल कॉलेज में नर्सिंग स्टाफ की पानी की टंकी में तीन मृत बंदर मिलने से विवाद खड़ा हो गया है. कांग्रेस विधायक आफताब अहमद ने बीजेपी सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया है.

नूंह जिले का शहीद हसन खान मेवाती मेडिकल कॉलेज एक बार फिर गंभीर विवादों में घिर गया है. यहां नर्सिंग स्टाफ भवन की पानी की टंकी में तीन मृत बंदर मिलने से हड़कंप मच गया है. इस घटना का खौफनाक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में खलबली मची हुई है. वहीं, अब इस मामले ने तूल पकड़ लिया है और राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है.
जानकारी के अनुसार, दो दिन पहले मेडिकल कॉलेज के E-3 भवन (नर्सिंग स्टाफ क्वार्टर) में नलों से बेहद बदबूदार और दूषित पानी आने लगा था. जब स्टाफ की शिकायत पर टंकी की सफाई के लिए मजदूरों को ऊपर भेजा गया, तो अंदर का नजारा देखकर सब सन्न रह गए. टंकी के अंदर तीन बंदर मृत अवस्था में पड़े थे.
कांग्रेस विधायक आफताब अहमद ने BJP सरकार पर बोला हमला
नूंह से कांग्रेस विधायक आफताब अहमद ने इस गंभीर लापरवाही को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि पानी की टंकी में मृत बंदरों का मिलना प्रशासन की घोर लापरवाही और लचर व्यवस्था का जीता-जागता प्रमाण है.
विधायक ने प्रशासन और सरकार को घेरते हुए कई गंभीर आरोप लगाए, विधायक ने कहा कि मेडिकल कॉलेज की हालत लगातार बदतर होती जा रही है. यहां आने वाले मरीजों को न तो सही इलाज मिल पा रहा है और न ही अस्पताल में दवाइयों की पर्याप्त व्यवस्था है. उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा भाजपा सरकार जानबूझकर मेवात क्षेत्र की अनदेखी कर रही है, जिसके चलते मेडिकल कॉलेज के रखरखाव और सफाई पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है.
आफताब अहमद ने याद दिलाया कि इस विशाल मेडिकल कॉलेज का निर्माण कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हजारों करोड़ रुपये की लागत से किया गया था, लेकिन वर्तमान में इसकी स्थिति बेहद दयनीय हो चुकी है.
उच्च स्तरीय जांच और सख्त कार्रवाई की मांग
विधायक आफताब अहमद ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है. उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस अमानवीय लापरवाही के लिए जो भी दोषी हैं, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए और अस्पताल की सभी खामियों को जल्द दूर किया जाए.
फिलहाल, घटना के सामने आने और वीडियो वायरल होने के बाद से स्वास्थ्य विभाग और मेडिकल कॉलेज प्रशासन पर जवाबदेही का भारी दबाव बन गया है और आम जनता कड़ी कार्रवाई का इंतजार कर रही है.






















