'लापरवाही न होती तो बच जाता मेरा बेटा', इंजीनियर युवराज मेहता की शोक सभा में भावुक हुए पिता
Yuvraj Mehta Death Case: युवराज पिता ने सभी साथ देने वालों का धन्यवाद दिया और प्रशसनिक लापरवाही तय करने की मांग की. राजकुमार मेहता के मुताबिक बचाव दल ने कोई पहल नहीं की थी, वरना बचाया जा सकता था.

उत्तर प्रदेश नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के बाद शनिवार को यूरेका पार्क सोसायटी में शोक सभा का आयोजन हुआ. जिसमें युवराज के पिता राजकुमार मेहता ने प्रशासनिक अधिकारियों को इसका जिम्मेदार ठहराया, और युवराज को बचाने वाले युवक मुनेंद्र को भी धन्यवाद दिया. युवराज मेहता की शोक सभा में सोसाइटी के लोग मौजूद रहे सभी ने पुष्पर्पित कर श्रद्धांजलि दी. इस शोक सभा में सांसद डॉक्टर महेश शर्मा और दादरी विधानसभा विधायक तेजपाल नागर भी पहुंचे, लेकिन सभी मीडिया से दूरी बनाते दिखे.
शोक सभा में युवराज पिता ने सभी साथ देने वालों का धन्यवाद दिया और प्रशसनिक लापरवाही तय करने की मांग की. राजकुमार मेहता के मुताबिक बचाव दल ने कोई पहल नहीं की थी, वरना मेरे बेटे ने हिम्मत दिखाई थी और दो घंटे तक जद्दोजहद की.
मीडिया को आवाज उठाने के लिए दिया धन्यवाद
शोक सभा के दौरान युवराज मेहता के पिता राजकुमार मेहता ने मीडिया से बात करते हुए बोला, “मैं अब सभी मीडिया मित्र को हृदय से धन्यवाद देता हूं कि आपने प्रशासनिक लापरवाही के कारण मेरे बेटे युवराज की दुखद और आसमयिक निधन हुआ, उसके लिए आप लोगों ने आवाज उठाई मेरा साथ दिया. और इस मामले पर सही दिशा दी जिससे कि गैर जिम्मेदाराना अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और उचित सजा दिलाई जा सके.”
राजकुमार मेहता ने आगे कहा, “मैं अपने बेटे की मृत्यु के समय पूरी तरीके से शोक में डूब चुका था हताश हो चुका था. लेकिन आप सभी लोगों ने मुझे पूरा सपोर्ट दिया, मेरे बेटे की मौत की लापरवाही को देश की जनता और सरकार तक प्रभावी ढंग से पहुंचवाया उसका धन्यवाद.”
बेटे के साहस को किया याद
राजकुमार मेहता ने घटना के दौरान बेटे युवराज के साहस की बात बतायी. बोले- “मेरा बेटा बहुत साहसी था, जल जमाव वाले गड्ढे में गिरने के बाद भी उसने काफी संघर्ष किया. उसने खुद को बचाने के लिए और हम सबको भी 2 घंटे का पर्याप्त समय दिया और मौका भी दिया लेकिन बचाव दल ने बहुत लापरवाही दिखाई और मेरे बेटे को भगवान भरोसे छोड़ दिया. जबकि युवराज को आसानी से बचाया जा सकता था. हम युवराज को तो कभी न्याय नहीं दिला सकते क्योंकि वह अब कभी वापस नहीं आएगा. लेकिन यह जरूर चाहते हैं कि इस क्रम में लापरवाह विभागों के अधिकारियों के खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई की जाए, और यह सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में कोई दूसरा युवराज इस प्रकार की त्रासदी में न जाए.”
मुनेन्द्र और यूपी सरकार को का दिया धन्यवाद
बेटे को बचाने के लिए गड्ढ़े में उतरने वाले डिलीवरी बॉय मुनेन्द्र के लिए बोले, “मैं भाई मुनेंद्र का भी धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने किसी की परवाह न करते हुए नाले में छलांग लगाई और मेरे बेटे को ढूंढने में और बचाने का पूरा प्रयास किया. यूपी गवर्नमेंट का भी शुक्रिया जिन्होंने संज्ञान लेते हुए एसआईटी गठित की, मैं चाहता हूं किसी भी स्थिति में किसी भी गुनहगार को ना छोड़ा जाए. प्रशासन ने पूरी तरह से लापरवाही दिखाई संबंधित लापरवाह अधिकारियों के ऊपर कार्यवाही की जाए.”
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Source: IOCL























