ईरान-इजरायल जंग के बीच अखिलेश यादव का मोदी सरकार से सवाल- 'एक तटस्थ देश होने के नाते...'
Iran-Israel War: अखिलेश यादव ने मध्य पूर्व में तनाव पर भारत सरकार से रुख स्पष्ट करने की मांग की है. उन्होंने पूछा कि क्या भारत शांति के साथ है या युद्ध के साथ.युद्ध रोकने के लिए क्या प्रयास कर रहा है?

मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कन्नौज सांसद अखिलेश यादव ने बड़ा बयान दिया है. एक्स पर पोस्ट कर उन्होंने भारत सरकार से अपना रुख स्पष्ट करने की बात कही है. अखिलेश यादव ने लिखा है, "किसी देश के सबसे खास से लेकर आम नागरिकों तक पर हो रहे जानलेवा हमलों व जंग के इन हालात में हमारे देश की सरकार, इस अंतरराष्ट्रीय विषय पर अपना रुख साफ करे और बताए कि वो जंग के साथ है या अमन के?"
अखिलेश यादव ने यह भी सवाल किया कि युद्ध को रोकने और शांति बहाली के लिए एक तटस्थ देश होने के नाते भारत सरकार क्या कूटनीतिक प्रयास कर रही है?
किसी देश के सबसे ख़ास से लेकर आम नागरिकों तक पर हो रहे जानलेवा हमलों व जंग के इन हालातों में हमारे देश की सरकार, इस अंतरराष्ट्रीय विषय पर अपना रुख़ साफ़ करे और बताए कि वो जंग के साथ है या अमन के और युद्ध को रोकने व शांति की बहाली के लिए एक तटस्थ देश होने के नाते क्या कूटनीतिक…
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) March 1, 2026
'हर देश को करना चाहिए जिम्मेदाराना बर्ताव'- अखिलेश यादव
सपा चीफ ने जंग में जान गंवाने लोगों को लेकर अफसोस जताया और लिखा, "हमारे देश की सरकार, हर संभव स्तर पर, युद्ध में मारे जाने वालों से जुड़ी खबरों की पुष्टि करे और सच क्या है ये जनता के सामने रखे. युद्धकालीन समाचार अक्सर रणनीति का हिस्सा होते हैं, इसीलिए उनकी पुष्टि की जरूरत होती है. इंसान के साथ इंसानियत का मारा जाना बेहद अफसोसजनक है. हर देश को जिम्मेदाराना व्यवहार करना चाहिए.
गौरतलब है कि ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की मौत के बाद से कई मुस्लिम देशों में हिंसा भड़क गई है. इजरायल और अमेरिका द्वारा किए गए इस हमले में खामेनेई की मौत के बाद से विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं. यूपी के कई जिलों में विरोध मार्च निकाला जा रहा है और इसी क्रम में पाकिस्तान में भी बवाल मचा हुआ. कराची-लाहौर में हिंसक प्रदर्शन हुआ है.
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Source: IOCL

























