स्पोर्ट्स सिटी से यूनिफाइड पॉलिसी तक, नोएडा प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में 19 बड़े प्रस्तावों को मंजूरी
Noida Development Authority: नोएडा में विकास की गति ने तेजी पकड़ ली है. नोएडा विकास प्राधिकरण ने 19 बड़े प्रस्तावों को मिली मंजूरी दी है. यह फैसला 221वीं बोर्ड बैठक के बाद सफलतापूर्वक संपन्न हुई.

उत्तर प्रदेश में नोएडा के समग्र विकास की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए नोएडा विकास प्राधिकरण की 221वीं बोर्ड बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई. इस बैठक की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश के अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार ने की. बैठक में शहर के विकास, आवास, उद्योग, पर्यावरण और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कुल 19 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा हुई और उन्हें मंजूरी दी गई.
बैठक का सबसे बड़ा और चर्चित फैसला सेक्टर-150 में स्थित स्पोर्ट्स सिटी परियोजना को लेकर रहा. सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुपालन में ‘स्पोर्ट्स सिटी एससी-02’ परियोजना पर लगी रोक हटाने का निर्णय लिया गया. इसके तहत गोदरेज ब्रिक राइस परियोजना के छह टावरों को सशर्त अधिभोग प्रमाणपत्र (ओसी) जारी करने की अनुमति दी गई है. इस फैसले से करीब 10 हजार फ्लैटों की रजिस्ट्री का रास्ता साफ होने की उम्मीद है. लंबे समय से अपने घर की रजिस्ट्री का इंतजार कर रहे हजारों खरीदारों के लिए यह बड़ी राहत मानी जा रही है.
यूनिफाइड पॉलिसी में राहत भरा संशोधन
बोर्ड बैठक में औद्योगिक, संस्थागत और व्यावसायिक संपत्तियों से जुड़ी यूनिफाइड पॉलिसी में भी अहम संशोधन को मंजूरी दी गई. अब दादा-दादी या नाना-नानी से विरासत में मिलने वाली संपत्ति के ट्रांसफर पर 10 प्रतिशत ट्रांसफर चार्ज नहीं देना होगा. हालांकि यह छूट आवासीय संपत्तियों पर लागू नहीं होगी. इस फैसले से कारोबारियों और संस्थानों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है.
पर्यावरण सुधार पर भी जोर
नोएडा में जल प्रदूषण की समस्या को देखते हुए शहर के प्रमुख नालों के सुधार के लिए आधुनिक शोधन प्रणाली यानी एसटीपी लगाने का रास्ता साफ किया गया है. इसके लिए कंपनियों से रुचि पत्र (ईओआई) आमंत्रित करने की मंजूरी दी गई है. प्राधिकरण का मानना है कि इससे नालों का गंदा पानी साफ होगा और यमुना सहित अन्य जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने में मदद मिलेगी.
पुरानी योजनाओं पर आगे बढ़ी प्रक्रिया
आवासीय भूखंड योजना 2011-1 के तहत बचे हुए भूखंडों के आवंटन के लिए एक विशेष समिति बनाने का निर्णय लिया गया है. इससे वर्षों से इंतजार कर रहे आवेदकों को जल्द राहत मिलने की संभावना है. वहीं, आवासीय समितियों में पंजीकरण से जुड़ी दिक्कतों को दूर करने के लिए 8 सदस्यीय समिति का गठन किया गया है, जो ट्रिपार्टाइट सब-लीज और ‘सब्सीक्वेंट मेंबर्स’ से जुड़े मामलों की समीक्षा करेगी.
ट्रैफिक और व्यापार के लिए नई योजना
शहर में बढ़ते ट्रैफिक और माल ढुलाई की समस्या को देखते हुए सिटी लॉजिस्टिक प्लान तैयार करने का प्रस्ताव भी पास किया गया है. इसके लिए एसपीए दिल्ली या आईआईटी रुड़की जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से सलाह ली जाएगी. इसके साथ ही, नोएडा प्राधिकरण ने दुकानों और छोटे व्यावसायिक भूखंडों की नई योजना लाने के संकेत भी दिए हैं, जिससे छोटे व्यापारियों को लाभ मिल सके.
रुकी परियोजनाओं से मिली राहत
बैठक में अमिताभ कांत समिति की सिफारिशों के तहत रुकी हुई आवासीय परियोजनाओं की स्थिति की भी समीक्षा की गई. बताया गया कि 57 में से 36 परियोजनाओं ने शासन की राहत योजनाओं का लाभ उठाया है. इससे अब तक 872 करोड़ से अधिक की राशि जमा हो चुकी है और करीब 6,855 फ्लैट खरीदारों की रजिस्ट्री संभव हो पाई है.
कुल मिलाकर, नोएडा प्राधिकरण की इस बोर्ड बैठक में लिए गए फैसलों से शहर के विकास को नई गति मिलने और आम लोगों, खासकर घर खरीदारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.
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Source: IOCL























