Muzaffarnagar: ईरान-इजरायल तनाव और धार्मिक नेता के निधन पर शिया समुदाय का फैसला, इस बार सादगी से मनाई जाएगी ईद
Muzaffarnagar News In Hindi: शिया समुदाय ने ईरान-इजरायल तनाव और एक धार्मिक नेता के निधन के चलते ईद सादगी से मनाने का फैसला किया है. नमाज होगी, लेकिन मुबारकबाद, मिलना-जुलना, और खरीदारी नहीं होगी.

मध्य पूर्व में ईरान और इजरायल के बीच जारी तनाव और एक बड़े धार्मिक नेता के निधन के बाद मुजफ्फरनगर में शिया समुदाय ने इस बार ईद सादगी से मनाने का फैसला किया है. शिया समुदाय के धर्मगुरु मौलाना असद ने अपने आवास पर जानकारी देते हुए कहा कि इस बार ईद पर पारंपरिक खुशियों का प्रदर्शन नहीं किया जाएगा. मौजूदा हालात को देखते हुए समुदाय ने एकजुट होकर यह फैसला लिया है कि ईद मनाना जरूरी है लेकिन इसे पूरी सादगी के साथ मनाया जाएगा.
नमाज तो होगी लेकिन न मिलना न मुबारकबाद
मौलाना असद ने बताया कि ईद की नमाज तो अदा की जाएगी लेकिन इसके बाद लोग न तो एक-दूसरे के घर जाएंगे और न ही गले मिलकर मुबारकबाद देंगे. मिठाइयों का आदान-प्रदान और बाजारों में खरीदारी से भी पूरी तरह परहेज किया जाएगा. समुदाय के लोग नमाज के बाद सीधे अपने घर लौट जाएंगे. इस फैसले से ईद के उस उत्सव माहौल की जगह इस बार गम और संवेदना का माहौल रहेगा.
मौलाना असद बोले - कठिन समय में पीड़ितों के प्रति संवेदना रखें
मौलाना असद ने समुदाय के लोगों से अपील की कि वे इस कठिन समय में मध्य पूर्व के पीड़ितों के प्रति संवेदना रखें. उन्होंने कहा कि ईद मनाना जरूरी है लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए इसे सादगी से मनाना ही बेहतर और उचित है. उन्होंने लोगों से यह भी कहा कि नमाज के दौरान देश की शांति, सुरक्षा और अमन के लिए दिल से दुआ करें. यह वक्त जश्न मनाने का नहीं बल्कि दुआओं और संवेदना का है.
ईरान-इजरायल तनाव ने बदला ईद का माहौल - खुशी की जगह गम
मध्य पूर्व में जारी युद्ध जैसे हालात का असर अब सीधे भारत के धार्मिक त्योहारों पर भी दिखने लगा है. मु























