UP News: मुजफ्फरनगर में भारी बारिश ने खोली नगर पालिका की पोल,सड़कें हुईं जलमग्न, इन्हीं रास्तों से गुजरेंगे कावंड़िए
UP News: मुजफ्फरनगर में बारिश होने के बाद सड़कों पर जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है. वहीं इस स्तिथि ने नगर पालिका की पूरी तरह से पोल खोल दी है और कांवड़ियों की आस्था सवालिया निशान भी खड़े हो गए हैं.

सावन की शुरुआत के साथ कांवड़ यात्रा जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन का माहौल पूरे जोश में है, लेकिन मुजफ्फरनगर में बुधवार को हुई थोड़ी सी बारिश ने नगर पालिका प्रशासन की सफाई व्यवस्था की हकीकत सामने ला दी है. नगर में बारिश के कुछ ही मिनटों के भीतर कई कॉलोनियां, प्रमुख मार्ग, मंदिरों की ओर जाने वाले रास्ते और बाजार क्षेत्र जलमग्न हो गए. इससे न केवल स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, बल्कि कांवड़ियों की आस्था पर भी सवालिया निशान खड़े हो गए हैं.
नगरपालिका चेयरमैन मीनाक्षी स्वरूप ने कुछ दिन पहले बड़े दावे किए थे कि नाले-नालियों की समय से सफाई कराई जा रही है और बारिश के लिए पूरी तैयारी है. लेकिन हकीकत इसके बिल्कुल उलट नजर आई. कई इलाकों में पानी का बहाव इतना ज्यादा था कि लोगों को अपने घरों से निकलना मुश्किल हो गया, वहीं कांवड़ यात्रा के मुख्य मार्गों पर पानी भरा होने से श्रद्धालुओं को कीचड़ और गंदगी के बीच से गुजरना पड़ा.
नगर के इन्ही रास्तों से गुजरेंगे कांवड़िए
सावन में आने वाले लाखों कांवड़िए हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर अपने-अपने शहरों, गांवों की ओर जाते हैं और इस दौरान कई रास्तों से होकर गुजरते हैं जो नगर क्षेत्र से होकर जाते हैं. ऐसे में यह जरूरी था कि नगर पालिका समय रहते सफाई और जल निकासी की ठोस व्यवस्था करती, लेकिन हुआ उल्टा. जलभराव के कारण कई जगहों पर फिसलन और दुर्घटना की आशंका बनी हुई है.
कांवड़ मार्ग पर जलभराव की स्थिति यह बताने के लिए काफी है कि प्रशासन ने न तो यात्रा की संवेदनशीलता को समझा और न ही जनता की सुविधा का ध्यान रखा. बारिश के पानी में सड़कों का नामोनिशान मिट गया, नालों का गंदा पानी सड़कों पर बहता दिखा, और श्रद्धालुओं को कीचड़ में चलना पड़ा.
नगर पालिका की खुली पोल
यह पहली बार नहीं है जब थोड़ी सी बारिश ने नगर पालिका की पोल खोली हो. इससे पहले भी कई बार हल्की बारिश में ही शहर की सड़कें तालाब बन चुकी हैं. लेकिन इस बार बात केवल आमजन की नहीं, लाखों कांवड़ियों की है, जिनकी सुविधा, सुरक्षा और आस्था से जुड़ा सवाल है.अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर कांवड़ यात्रा जैसे पवित्र पर्व पर भी नगरपालिका गंभीर नहीं है, तो आम दिनों में वह शहर की समस्याओं से कैसे निपटती होगी?
आम नागरिक अमित चौरसिया की माने तो आज दोपहर बाद से बारिश लगातार जारी रही मैं जहां भी निकाल क्योंकि मेरा फील्ड का काम है जहां भी मैं जा रहा था वहां पानी भरा हुआ था इसमें नगरपालिका की कोई व्यवस्था नहीं थी बाढ़ जैसे हालात थे जिस गली में घुसो वहां बहुत पानी था निकलने का कोई रास्ता नहीं था मुझे कई बार पैदल स्कूटी लेकर जानी पड़ी अपनी बहुत ज्यादा सुविधाओं का माहौल मुझे देखने को मिला इतना पानी था घुटने से नीचे तक अगर कोई पैदल जाना चाहे तो नहीं जा सकता था स्कूटी और बाइक की तो अलग बात है मैं कहना चाहता हूं कि नगर पालिका की तरफ से ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए कि इसकी जब समस्या आए तो उसका समाधान हो सके ऐसी व्यवस्था हो कि की कोई प्रॉब्लम ना हो बारिश बहुत तेज थी.
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