सपा सांसद रुचि वीरा का सरकार पर बड़ा हमला, बोलीं- 'विकास और रोजगार से ध्यान भटकाने के लिए...'
UP News: सांसद रुचि वीरा ने सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष केवल धार्मिक ध्रुवीकरण की राजनीति में लगा हुआ है. शंकराचार्य विवाद तक सरकार पर निशाना साधा है.

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जनपद में समाजवादी पार्टी की सांसद रुचि वीरा ने सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष केवल धार्मिक ध्रुवीकरण की राजनीति में लगा हुआ है. रुचि वीरा ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के बयान से लेकर शंकराचार्य विवाद तक सरकार पर जमकर निशाना साधा है.
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा हरिद्वार के 'हर की पौड़ी' पर गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने के बयान पर संसद ने कहा कि यह केवल जनता को उलझाने का प्रयास है. सांसद ने तर्क दिया कि गंगा सभी के लिए पवित्र है और मुस्लिम समाज गंगा के पानी से नामक के वज़ू तक करते है. उन्होंने कहा जब दुनिया प्रगति की बात कर रही है, तब हमारी सरकार लोगों को मंदिर-मस्जिद और हिंदू-मुस्लिम के विवादों में फंसा रही है ताकि शिक्षा और रोजगार पर कोई सवाल न पूछे.
वाराणसी कॉरिडोर और इबादतगाहों पर चिंता
वाराणसी में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर निर्माण का जिक्र करते हुए संसद ने सरकार को 'विध्वंसकारी' बताया, सांसद ने आरोप लगाया कि विकास के नाम पर प्राचीन मंदिरों और मूर्तियों को तोड़ा गया है. इसी तरह मुस्लिम इबादतगाहों को लेकर अदालतों में दायर की जा रही याचिकाओं पर रुचि वीरा ने कहा कि पूजा स्थल सुकून और इबादत की जगह होते हैं, राजनीति का अखाड़ा बनाना नकारात्मक सोच का परिचायक है.
शंकराचार्य विवाद पर कड़ा रुख
रुचि वीरा ने जगद्गुरु शंकराचार्य के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार को बेहद शर्मनाक बताया, सांसद ने भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा एक तरफ ये खुद को सनातन धर्म का रक्षक बताते हैं, और दूसरी तरफ देश के सर्वोच्च धर्मगुरुओं का अपमान कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री अपनी डिग्री नहीं दिखाते, लेकिन सरकार शंकराचार्य से उनकी प्रामाणिकता का सर्टिफिकेट मांग रही है. शंकराचार्य के शिष्यों के साथ पुलिस द्वारा की गई मारपीट और उन पर हुए हमलों की भी कड़ी निंदा की गई है.
'मुरादाबाद के बुर्का विवाद पर मजाक को साजिश न बनाएं'
मुरादाबाद के बिलारी में हिंदू छात्रा को बुर्का पहनाने और 'लव जिहाद' के आरोपों पर सांसद ने स्पष्ट किया कि यह नाबालिग बच्चों के बीच खेल-खेल में हुई बात हो सकती है. रुचि वीरा ने कहा कि शुरू में छात्रा का बयान अलग था, लेकिन बाद में दबाव में आकर इसे साजिश का रूप दिया जा रहा है. रुचि वीरा ने प्रशासन से इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है.
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