भारत की मस्जिदों और मदरसों में क्यों नहीं लग सकते कैमरे? BJP सांसद अरुण गोविल ने फिर उठाई मांग
UP News: मेरठ सांसद अरुण गोविल ने कहा है कि जब मक्का और मदीना में सीसीटीवी कैमरे लगा सकते हैं तो भारत की मस्जिद और मदरसों कैमरे क्यों नहीं लग सकते हैं? यह सवाल सिर्फ सुरक्षा का है.

उत्तर प्रदेश की मेरठ लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सांसद अरुण गोविल सुरक्षा को बड़ी मांग की है, बीजेपी सांसद अरुण गोविल ने मंदिरों की तर्ज पर मस्जिदों और मदरसों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग है. उन्होंने कहा है कि, "इससे हमारा राष्ट्रीय सुरक्षा तंत्र और अधिक मजबूत होगा."
बीजेपी सांसद अरुण गोविल ने कहा, "जब मक्का और मदीना में सीसीटीवी कैमरे लगा सकते हैं तो भारत की मस्जिद और मदरसों कैमरे क्यों नहीं लग सकते हैं? यह सवाल सिर्फ सुरक्षा का है." उन्होंने टीएससी से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर के बाबरी मस्जिद निर्माण किए जाने की घोषणा पर प्रतिक्रिया दी है. अरुण गोविल ने कहा कि 6 दिसंबर के दिन बाबरी मस्जिद के निर्माण की घोषणा करना, सिर्फ प्रचार हासिल करने का तरीका है.
सांसद ने की मस्जिदों और मदरसों में कैमरे लगाने की मांग
मेरठ हापुड़ लोकसभा सीट से सांसद अरुण गोविल ने कहा कि सुरक्षा के मद्देनजर उन्होंने मदरसों और मस्जिदों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की बात कही है. उनका कहना है कि मक्का और मदीना में जब सीसीटीवी कैमरे मौजूद हैं तो भारत की मस्जिदों और मदरसों में सीसीटीवी कैमरे क्यों नहीं लग सकते?
'विधायक हुमायूं कबीर का बयान सुर्खिया हासिल करने का तरीका'
इसके अलावा सांसद अरुण ने आज 6 दिसंबर को पश्चिम बंगाल में टीएमसी के निलंबित विधायक हुमायूं कबीर द्वारा बाबरी मस्जिद की नींव रखी जाने को लेकर कहा कि यह सिर्फ यह सिर्फ सुर्खियां हासिल करने का तरीका है, यह लोग कभी देश के हितेषी नहीं हो सकते. फिलहाल, मेरठ सांसद अरुण गोविल की यह मांग सियासी चर्चा के केंद्र में आ गई है. कई लोग इसे समान सुरक्षा नीति की दिशा में जरूरी कदम मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे विवाद पैदा करने वाला मुद्दा भी बता रहे हैं.
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