अब दुबई की मंडियों में भी महकेंगे मलिहाबाद के दशहरी आम, यूपी से पहली बार सीधा निर्यात शुरू
Lucknow News: लखनऊ के रहमानखेड़ा स्थित मैंगो पैक हाउस से यह कन्साइनमेंट शनिवार को दुबई रवाना हुआ. इसमें कुल 400 पैक थे, हर पैक में 3-3 किलो आम पैक किए गए थे.

UP News: उत्तर प्रदेश के आम उत्पादकों के लिए एक नई कामयाबी की शुरुआत हो चुकी है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में कृषि निर्यात को बढ़ावा देने की नीति अब रंग लाने लगी है. लखनऊ के मलिहाबाद इलाके में उगाए गए दशहरी आम का 1200 किलो का पहला सीधा कन्साइनमेंट दुबई रवाना किया गया है. यह पहली बार है जब प्रदेश के किसी एफपीओ (किसान उत्पादक संगठन) को अंतरराष्ट्रीय बाजार से सीधा ऑर्डर मिला है.
लखनऊ के रहमानखेड़ा स्थित मैंगो पैक हाउस से यह कन्साइनमेंट शनिवार को दुबई रवाना हुआ. इसमें कुल 400 पैक थे, हर पैक में 3-3 किलो आम पैक किए गए थे. यह आम दुबई की कंपनी ‘वरग्रो ट्रेडिंग एलएलसी’ द्वारा आयात किया गया है. इस कन्साइनमेंट की कुल कीमत 2992 अमेरिकी डॉलर है, जो भारतीय मुद्रा में लगभग 2.5 लाख रुपये होती है. यह आम हवाई मार्ग से सीधे लखनऊ से दुबई भेजा गया.
दशहरी को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की पहल
दशहरी आम उत्तर प्रदेश खासकर मलिहाबाद की शान माने जाते हैं. यह आम अपनी सुगंध, मिठास और लंबे शेल्फ लाइफ के कारण देशभर में प्रसिद्ध हैं. अब यह पहचान अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी स्थापित हो रही है. इरादा फार्मर्स प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड और मलिहाबाद फार्मर्स प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड जैसे एफपीओ ने इस बार दुबई से सीधे ऑर्डर हासिल कर नया इतिहास रच दिया है.
सरकार दे रही है तकनीकी प्रशिक्षण और निर्यात का मार्गदर्शन
राज्य के बागवानी, विपणन व कृषि निर्यात मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने इस कन्साइनमेंट को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. उन्होंने बताया कि सरकार ने इंडो-जर्मन एएमडी प्रोजेक्ट के जरिए किसानों को निर्यात के लिए जरूरी ट्रेनिंग और संसाधन मुहैया कराए हैं. इस योजना में किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाजार की मांग के अनुसार आम का उत्पादन, ग्रेडिंग, पैकेजिंग और कोल्ड स्टोरेज की व्यवस्था सिखाई जाती है.
दशहरी आम: मलिहाबाद की पहचान
गौरतलब है कि दशहरी आम को जियोग्राफिकल इंडिकेशन (GI टैग) प्राप्त है, जो इसकी विशिष्टता और गुणवत्ता को दर्शाता है. मलिहाबाद दशहरी की खेती का केंद्र है और यहां के किसान दशकों से आम की बागवानी से जुड़े हैं. अब सरकार की पहल से इस क्षेत्र के किसानों को वैश्विक बाजार में नई उम्मीदें मिल रही हैं.
योगी सरकार का लक्ष्य - ‘लोकल से ग्लोबल’
मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने कहा, “मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में हम चाहते हैं कि प्रदेश के किसान ‘लोकल से ग्लोबल’ की दिशा में आगे बढ़ें. सरकार निर्यात को बढ़ाने, बाजार उपलब्ध कराने और किसानों को मुनाफा दिलाने के लिए हरसंभव सहयोग कर रही है.”
इस मौके पर कृषि सचिव इंद्र विक्रम सिंह, निदेशक टी.के. शिबु, सीआईएसएच लखनऊ के निदेशक और इंडो-जर्मन प्रोजेक्ट की टीम मौजूद रही. यह कदम न सिर्फ प्रदेश के आम किसानों की आय बढ़ाएगा, बल्कि उत्तर प्रदेश को आम निर्यात में भी एक बड़ा खिलाड़ी बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा.
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Source: IOCL






















