भारत की कला का रुतबा! महोबा के मनमोहन सोनी रियाद में दिखाएंगे पीतल की अद्भुत कारीगरी
Mahoba News: मनमोहन सोनी पीतल की हस्तनिर्मित कलाकृतियों के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध हैं.भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय ने उन्हें रियाद की प्रतिष्ठित प्रदर्शनी में शामिल होने का अवसर प्रदान किया है.

उत्तर प्रदेश के महोबा में रहने वाले राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता मेटल आर्टिस्ट मनमोहन सोनी अपनी अद्भुत हस्तशिल्प कला को अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर ले जाने के लिए तैयार हैं. 9 से 11 सितंबर तक सऊदी अरब की राजधानी रियाद में आयोजित होने वाली तीन दिवसीय इंडेक्स प्रदर्शनी में वे भारतीय दल के हिस्से के रूप में अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे. यह प्रदर्शनी रियाद फ्रंट एग्जिबिशन और कॉन्फ्रेंस सेंटर में होगी, जहां मनमोहन सोनी अपनी पीतल की आकर्षक कलाकृतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे.
बता दें कि कुलपहाड़ कस्बे के निवासी मनमोहन सोनी पीतल की हस्तनिर्मित कलाकृतियों के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध हैं. उनकी उत्कृष्ट कृति “कमलम” को पिछले साल नई दिल्ली में आयोजित जी-20 शिखर सम्मेलन में विश्व नेताओं को स्मृति चिन्ह के रूप में भेंट किया गया था. इस उपलब्धि के बाद भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय ने उन्हें रियाद की प्रतिष्ठित प्रदर्शनी में शामिल होने का अवसर प्रदान किया है. मनमोहन सोनी 7 सितंबर को नई दिल्ली से रियाद के लिए रवाना होंगे.
वे देशभर से चुने गए पांच सदस्यीय भारतीय दल का हिस्सा हैं. इस मौके पर उन्होंने कहा कि मुझे गर्व है कि मुझे अपनी कला को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर मिला. मैं अपने परिवार के साथ मिलकर इस प्रदर्शनी के लिए विशेष कलाकृतियां तैयार कर रहा हूं.
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित कलाकार
मनमोहन सोनी को उनकी कला के लिए कई प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हो चुके हैं:
- 2012: राष्ट्रीय हस्तशिल्प पुरस्कार
- 1998: राज्य हस्तशिल्प पुरस्कार
- 1997: राष्ट्रीय श्रेष्ठता प्रमाण पत्र
इसके अलावा उन्होंने मास्को कंज्यूमो एक्सपो 2012, कॉमनवेल्थ गेम्स पुणे 2008, कॉमनवेल्थ गेम्स नई दिल्ली 2010, और दिल्ली प्रगति मैदान व सूरजकुंड मेला 2012 जैसे मंचों पर अपनी कला का प्रदर्शन किया है. रूस में भी उनकी कलाकृतियों को खूब सराहना मिली थी.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कदम
सऊदी अरब की इंडेक्स प्रदर्शनी में मनमोहन सोनी न केवल अपनी कलाकृतियों का सजीव प्रदर्शन करेंगे, बल्कि अपने उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी पेश करेंगे. यह उनके लिए अपनी कला को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने का सुनहरा अवसर है. उनकी तैयारियां जोरों पर हैं और उनके परिवार में भी इस उपलब्धि को लेकर उत्साह का माहौल है.
हस्तशिल्प कला का गौरव बढ़ाने की दिशा में कदम
मनमोहन सोनी की यह उपलब्धि न केवल महोबा बल्कि पूरे भारत के लिए गर्व का विषय है. उनकी कला न केवल भारतीय हस्तशिल्प की समृद्ध परंपरा को दर्शाती है, बल्कि इसे वैश्विक मंच पर नई ऊंचाइयों तक ले जाने का प्रयास भी है.
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