'एकनाथ शिंदे शिवसेना का जयचंद नहीं बनते तो...', बीएमसी चुनाव में हार पर छलका संजय राउत का दर्द
Maharashtra News: महाराष्ट्र नगर निकाय चुनाव में शिवसेना (उद्धव ठाकरे) को हार का सामना करना पड़ा है, जिसके बाद पार्टी के नेता संजय राउत ने एकनाथ शिंदे पर निशाना साधा और उनकी तुलना जयचंद से की है

महाराष्ट्र नगर निकाय चुनाव में भारतीय जनता पार्टी और एकनाथ शिंदे गठबंधन की जीत हुई हैं. जबकि शिवसेना (उद्धव ठाकरे) को करारी हार का सामना करना पड़ा है. इन नतीजों के बाद शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत का दर्द छलक उठा और उन्होंने एकनाथ शिंदे पर निशाना साधते हुए उन्हें जयचंद बताया. राउत ने कहा कि अगर वो पार्टी को धोखा नहीं देते तो मुंबई का मेयर बीजेपी का नहीं बनता.
महाराष्ट्र निकाय चुनाव के नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय राउत ने एक्स पर पोस्ट कर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि 'अगर एकनाथ शिंदे शिवसेना का जयचंद नहीं बनते तो मुंबई में बीजेपी का मेयर कभी नही बनता! मराठी जनता शिंदे को जयचंद के तौर पर याद रखेगी.'
जयचंद से की एकनाथ शिंदे की तुलना
संजय राउत ने पार्टी के साथ विश्वासघात करने पर एकनाथ शिंदे को जयचंद का नाम दिया, जिसके इतिहास में सबसे बड़े धोखे के तौर पर जाना जाता है. शिवसेना का बीएमसी की सत्ता पर साल 1997 से 2022 तक लगातार कब्जा रहा है. लेकिन, 25 साल बाद बीजेपी गठबंधन ने उन्हें बीएमसी से बाहर का रास्ता दिखा दिया.
बीएमसी में बीजेपी गठबंधन को मिली जीत
बीएमसी चुनाव के नतीजों का शुक्रवार को ऐलान किया गया, जिसमें भाजपा को 89 सीटों पर जीत मिली हैं जबकि बीजेपी के सहयोगी एकनाथ शिंदे की शिवसेना को 29 सीटों पर जीत दर्ज की. इस गठबंधन ने बीएमसी की 227 सीटों में से 118 सीटों पर जीत हासिल कर मेयर पद पर कब्जा कर लिया है. वहीं ठाकरे ब्रदर्स को 72 सीटें मिली हैं.
बता दें कि एकनाथ शिंदे ने 39 सांसदों के साथ मिलकर पार्टी नेतृत्व उद्धव ठाकरे के खिलाफ बगावत की और 2022 में शिवसेना की सरकार को गिरा दिया था. तब से शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत एकनाथ शिंदे पर निशाना साधते रहे हैं और उन्हें नियमित रूप से देशद्रोही कहकर संबोधित करते रहे हैं.
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Source: IOCL






















