मिडिल ईस्ट में बोर्ड परीक्षा पर असर, CBSE ने दिया नंबर सुधारने का नया रास्ता; जानें क्या है ये तरीका
मिडिल ईस्ट में युद्ध जैसे हालात के कारण CBSE की कुछ परीक्षाएं रद्द होने के बाद बोर्ड ने नया रिजल्ट फॉर्मूला लागू किया है, जिससे हजारों छात्रों को राहत मिली है.

परीक्षा का समय हर छात्र के लिए बेहद अहम होता है, लेकिन इस बार मिडिल ईस्ट में पढ़ने वाले हजारों छात्रों के लिए यह दौर कुछ अलग ही साबित हुआ. युद्ध जैसे हालात के बीच जब कई परीक्षाएं अचानक रद्द हो गईं, तो छात्रों के सामने बड़ा सवाल खड़ा हो गया अब उनका रिजल्ट कैसे बनेगा? इसी बीच केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने एक खास व्यवस्था लागू कर दी है, जिससे करीब 13,500 से ज्यादा कक्षा 10 के छात्रों को राहत मिली है. साथ ही अब कई छात्र अपने नंबर बेहतर करने के लिए इम्प्रूवमेंट एग्जाम देने की भी तैयारी कर रहे हैं.
क्यों बदली परीक्षा की स्थिति
बहरीन, ईरान, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और यूएई में हालात अचानक बदल गए थे. सुरक्षा कारणों से 2 मार्च के बाद होने वाली कई परीक्षाएं रद्द करनी पड़ीं. हालांकि 17 फरवरी से 28 फरवरी के बीच जो परीक्षाएं हुईं, वे पूरी हो गईं. इस दौरान कुल 44 पेपर कराए गए, जिनमें गणित, अंग्रेजी, विज्ञान जैसे मेन सब्जेक्ट के साथ भाषा और स्किल आधारित विषय भी शामिल थे.
अब कैसे बनेगा रिजल्ट
CBSE ने स्थिति को देखते हुए एक नया तरीका अपनाया है. जिन छात्रों ने सभी परीक्षाएं दी हैं, उनका रिजल्ट उनके असली प्रदर्शन के आधार पर बनेगा. लेकिन जिन छात्रों की कुछ परीक्षाएं छूट गईं, उनके लिए अलग तरीका अपनाया जाएगा. ऐसे छात्रों के बाकी विषयों के नंबर उनके दिए गए पेपर के औसत के आधार पर तय किए जाएंगे.
जैसे अगर किसी छात्र ने चार में से तीन पेपर दिए हैं, तो सबसे अच्छे तीन विषयों का औसत लिया जाएगा. इसी तरह दो या तीन पेपर देने वाले छात्रों के लिए भी अलग-अलग फॉर्मूला तय किया गया है. CBSE ने यह भी साफ किया है कि मिडिल ईस्ट के छात्रों का रिजल्ट बाकी छात्रों के साथ ही घोषित किया जाएगा.
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इम्प्रूवमेंट एग्जाम बना नया विकल्प
इस पूरी स्थिति के बीच अब छात्रों का ध्यान इम्प्रूवमेंट एग्जाम की ओर जा रहा है. CBSE ने 2026 से एक नई व्यवस्था शुरू की है, जिसमें छात्र अपने नंबर सुधारने के लिए दूसरी बार परीक्षा दे सकते हैं.
कैसे काम करेगा नया सिस्टम
रिपोर्ट्स के अनुसार CBSE के नए नियम के अनुसार छात्र अधिकतम तीन विषयों में अपने अंक सुधार सकते हैं. इनमें से केवल एक ही भाषा विषय हो सकता है. छात्र चाहें तो दो मुख्य विषय और एक भाषा चुन सकते हैं या फिर तीनों मुख्य विषयों में परीक्षा दे सकते हैं. रिजल्ट आने के बाद छात्रों को लगभग पांच दिन का समय दिया जाएगा, जिसमें उन्हें अपनी पसंद के विषय चुनने होंगे और जरूरी फीस जमा करनी होगी.
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Source: IOCL


























