'मुस्कुराइए आप लखनऊ में हैं' की थीम पर बनेगा स्माइलिंग ब्रिज, गोमती नदी का दिखेगा नजारा
Smiling Bridge in Lucknow: लखनऊ में गोमती नदी पर पेडेस्ट्रियन ब्रिज के निर्माण कराए जाने से रिवर फ्रंट पर गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा. रात के समय रोशनी की व्यवस्था के लिए कई तरह की लाइट लगाई जाएंगी.

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गोमती नदी पर पेडेस्ट्रियन ब्रिज बनने जा रहा है. लगभग 54 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस 180 मीटर लंबे ब्रिज को शासन की मंजूरी मिल गई है. परियोजना के लिए पहली किस्त के तौर पर 18.90 करोड़ रुपये जारी कर दिए गए हैं. ब्रिज का निर्माण 18 माह में पूरा किया जाएगा. पुल को सहारा देने के लिए 13 पिलर बनाए जाएंगे.
यह ब्रिज एडीसीपी कार्यालय के पास बनेगा और रिवर फ्रंट के दोनों किनारों को आपस में जोड़ेगा. एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के अनुसार, ब्रिज का डिजाइन अहमदाबाद के अटल ब्रिज की तर्ज पर तैयार किया जाएगा. इसके लिए आयोजित आर्किटेक्ट डिजाइन प्रतियोगिता में देशभर की 25 संस्थाओं ने भाग लिया था, जिसमें मुंबई की संस्था आरवैम्प स्टूडियो की डिजाइन को चयनित किया गया है.
पेडेस्ट्रियन ब्रिज की क्या होगी खासियत?
ब्रिज की चौड़ाई 12 मीटर होगी, जिससे पैदल चलने वालों को पर्याप्त जगह मिल सके. रैम्प और प्लेटफॉर्म सहित इसकी कुल लंबाई करीब 380 मीटर होगी. पुल को सहारा देने के लिए 13 पिलर बनाए जाएंगे. इसके अलावा कुछ स्थानों पर चौड़े स्पैन प्लेट गर्डर दिए जाएंगे, जहां लोग खड़े होकर गोमती नदी का नजारा देख सकेंगे.
गोमती नदी पर पेडेस्ट्रियन ब्रिज बनने से क्या होगा फायदा?
इसको लेकर एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने कहा, ''गोमती नदी पर इस पेडेस्ट्रियन ब्रिज के निर्माण से रिवर फ्रंट पर गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा. ब्रिज के निर्माण से गोमती नदी के किनारे लोगों की आवाजाही बढ़ेगी. इससे वहां विकसित क्रिकेट स्टेडियम, विवाह स्थल, बच्चों के खेल क्षेत्र, एम्फीथिएटर, फ्लोटिंग रेस्टोरेंट, वॉटर स्पोर्ट्स जैसी सुविधाओं का उपयोग भी बढ़ने की उम्मीद है.''
'मुस्कुराइए कि आप लखनऊ में हैं’ थीम पर आधारित ब्रिज
ब्रिज की डिजाइन ‘मुस्कुराइए कि आप लखनऊ में हैं’ थीम पर आधारित होगी. रात के समय रोशनी की व्यवस्था के लिए स्ट्रीट लाइट, बोलार्ड लाइट और फ्लोर लाइट लगाई जाएंगी, जिससे पुल और आकर्षक दिखाई देगा.
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Source: IOCL






















