लखनऊ की शातिर महिला वकील के खिलाफ केस दर्ज, झूठे मुकदमे में फंसाकर ऐंठती थी पैसा
Lucknow News: एडवोकेट शालिनी शर्मा उच्च अधिकारियों से संपर्क करती है. संपर्क में आने के बाद अलग-अलग बहाने से पैसे लेती है. पैसे देने से मना करने पर कोर्ट के जरिए रेप के फर्जी मुकदमे दर्ज कराती है.

UP News: लखनऊ पुलिस ने एक महिला वकील के खिलाफ ठगी का केस दर्ज किया है. महिला अन्य वकीलों के साथ मिलकर गैंग चलाती है. गैंग का सरगना इलाहाबाद कोर्ट में तैनात एक वकील है, महिला एडवोकेट उच्च अधिकारियों को झूठे मुकदमे में फंसाकर पैसे ऐंठती है.
इस मामले का खुलासा बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के विपुल खंड स्थित कैंप कार्यालय ने सुनवाई के बाद हुआ. गोमतीनगर थाने में महिला वकील के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. बनारस में एपीओ के पद पर तैनात दीपक कुमार लखनऊ के आशियाना में रहते हैं. एडवोकेट शालिनी की शिकायत पर बार काउंसिल ने नोटिस भेजकर उन्हें पेश होने के लिए कहा.
इसके बाद दीपक कुमार बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के विपुल खंड स्थित कैंप कार्यालय पहुंचे. उन्होंने बताया कि जनक नगर सहारनपुर की रहने वाली शालिनी शर्मा ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में वकील है. उसने फर्जी मैरिज सर्टिफिकेट लगाकर मेरे खिलाफ झूठी शिकायत दी है. 2 जनवरी 2001 को मैरिज रजिस्ट्रार सहारनपुर में शादी रजिस्टर्ड होना बताया गया है.
20 दिसंबर 2024 को मुझे सहारनपुर से पता चला कि शालिनी की शादी वहां पर रजिस्टर्ड नहीं है. शालिनी ने रुपये ऐंठने की नीयत से फर्जी दस्तावेज दिए थे. इसके बाद बार काउंसिल ने मामले की जांच करवाई तब फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ.
कैसे काम करती है गैंग
एडवोकेट शालिनी शर्मा उच्च अधिकारियों से संपर्क करती है. संपर्क में आने के बाद अलग-अलग बहाने से पैसे लेती है. पैसे देने से मना करने पर कोर्ट के जरिए रेप के फर्जी मुकदमे दर्ज कराती है. इस गैंग को हाईकोर्ट के वकील अशोक कुमार पाण्डेय चलाते हैं। जो शालिनी के मुख्य मददगार और सीनियर हैं. इन्हीं की मदद से वह कोर्ट से आदेश कराती है.
सहारनपुर निवासी उसका दोस्त वसीम भी गैंग में शामिल है. वसीम का काम मेडिकल बनाने का है. ये झूठे मुकदमे में फंसाकर अधिकारी को ब्लैकमेल करते हैं. अगर अधिकारी दबाव में नहीं आता है तो एफआईआर कॉपी उनके विभाग में भेज देते हैं. जब संबंधित अधिकारी परेशान होता है, तब उससे ये लोग पैसे की मांग करते हैं. अधिकारी अपनी नौकरी और इज्जत के साथ समाज की डर से लाखों रुपए देने को तैयार हो जाते हैं.
अब पढ़ें वो केस जिन्हें शालिनी ने डराया-धमकाया और पैसे वसूले...
केस-1. बनारसी बाबू को फंसाया
बनारस एपीओ दीपक कुमार के खिलाफ शालिनी ने जार्ज टाउन थाना प्रयागराज में फर्जी मुकदमा दर्ज कराया. मुकदमा दर्ज होने के बाद एडवोकेट अशोक कुमार पांडे संपर्क किया. उसने 10 लाख की डिमांड की, दीपक की पत्नी प्रेग्नेंट थी, वह परेशान थे. इज्जत बचाने के डर से पैसे दे दिए, बाद में केस वापस ले लिया. कुछ दिन बाद फिर कॉल करके 35 लाख की डिमांड की गई. दीपक ने मना किया तो कोर्ट के जरिए शाहजहांपुर में होटल में ले जाकर रेप करने का मुकदमा दर्ज करवा दिया.
अक्टूबर 2023 में होटल में रेप की घटना दिखाई. FIR की कॉपी परिवार और ऑफिस में भेजी. इसके बाद दीपक पर विभागीय जांच बैठ गई. SP शाहजहांपुर से रिपोर्ट मांगी गई। जिसमें सामने आया कि दीपक का ट्रांसफर जून 2023 में एपीओ बनारस के पद पर हो चुका है. जून के महीने में होटल में जाने का भी साक्ष्य नहीं मिला. न ही कोई ऐसी फुटेज है जिससे आरोप सिद्ध हो सके. इस मामले में फाइनल रिपोर्ट लगाकर केस बंद कर दिया गया.
बार काउंसिल ने लगाया बैन, 50 हजार जुर्माना
दीपक के खिलाफ शालिनी बार काउंसिल में शिकायत दर्ज कराई थी. इसके बाद दीपक ने सबूत देते हुए शालिनी पर ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाया. जांच के दौरान अनुशासन समिति ने शिकायतकर्ता शालिनी पर लगे आरोप सही और दीपक के ऊपर लगे आरोप गलत पाए. इसके बाद शालिनी का रजिस्ट्रेशन रद्द कर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया. शालिनी शर्मा के खिलाफ बनारस और लखनऊ में मुकदमा दर्ज होने के बाद भी वह पुलिस गिरफ्त से दूर है.
केस-2. सेना के अधिकारी को फर्जी मामले में फंसाया
शालिनी शर्मा ने सहारनपुर के जनकपुरी थाने में साल 2021 में सेना के एक अधिकारी और उसके परिवार के खिलाफ कोर्ट के माध्यम से फर्जी मुकदमा दर्ज कराया. इस मामले में शालिनी और गैंग के लोगों ने अधिकारी की जमीन कब्जा कर ली. अधिकारी अपनी नौकरी बचाने के लिए शांत रहा.
(लखनऊ से शाहनवाज खान की रिपोर्ट)
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