UP Politics: मिशन 80 के लिए बीजेपी की रणनीति से विपक्ष की मुश्किलें बढ़ना तय, जानें क्या है तैयारी
Lok Sabha Election 2024 Date: लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटी बीजेपी एक बार फिर यहां 2022 की रणनीति अपनाने जा रही है. जिससे विपक्षी दलों की मुश्किलें बढ़ना तय है.

Lok Sabha Election 2024: आगमी लोकसभा चुनाव के पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी 2022 की रणनीति को दोहराने का मन बनाया है. इस रणनीति के तहत समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party), बहुजन समाज पार्टी (BSP), रालोद (RLD) और कांग्रेस (Congress) में सेंध लगाने के लिए भाजपा ने तैयारी शुरू कर दी है. पार्टी के बड़े नेताओं ने जिला और प्रदेश स्तर पर प्रभावी नेताओं की सूची तैयार की जा रही है. जिसके तहत विपक्षी दलों के प्रभावशाली नेताओं को पार्टी में शामिल कराने के लिए उनको चिन्हित कर उनकी एक सूची बनाने की रणनीति बनाई है.
भारतीय जनता पार्टी ने साल 2022 में विपक्षी दलों में साइड लाइन हो चुके नेताओं को अपने साथ लाने की रणनीति बनाई थी, इसी के तहत अपर्णा यादव, राकेश सचान जैसे विपक्षी दलों के बड़े नेताओं को बीजेपी में शामिल करवाया गया था. राकेश सचान को चुनाव भी लड़वाया गया और इसके बाद उन्हें कैबिनेट में मंत्री भी बनाया गया.
भारतीय जनता पार्टी एक बार फिर से लोकसभा चुनाव के पहले सभी 80 लोकसभा सीटों पर दूसरे दलों के साइड लाइन नेताओं की सूची तैयार करवा रही है, जिनका अपने क्षेत्र में वजूद है और जिनके बीजेपी में शामिल होने पर पार्टी को फायदा हो सकता है. उन तमाम लोगों को अपने साथ लेकर भाजपा 2024 की रण में उतरना चाहती है.
प्रदेश स्तर पर हुई बैठक में तय हुई रणनीति
भाजपा के प्रदेश मुख्यालय पर हुई बैठक में प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी, महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह ने एक कमेटी के प्रस्ताव पर अपनी मोहर लगाते हुए कहा कि अन्य दलों में साइड लाइन मजबूत नेताओं को पार्टी में शामिल किया जाए. पिछले दिनों प्रदेश स्तर पर एक कमेटी का गठन किया गया था, उसी कमेटी के प्रस्ताव पर प्रदेश के प्रमुख नेताओं ने अपनी संस्तुति दी है. जिलाध्यक्षों को ऐसे नेताओं की सूची बनाने की जिम्मेदारी दी गई है.























