अनिरुद्धाचार्य की कथा में बोला शादी करवा दो, साहिबा बानो ने खुशी बनकर बुलाया और कर दी हत्या
Kushinagar News: इंद्र कुमार तिवारी, जो जबलपुर के मझौली थाना क्षेत्र के रहने वाले थे. इंद्र ने कथा वाचक अनिरुद्धाचार्य की कथा के दौरान अपनी शादी न होने की व्यथा साझा की थी.

UP News: उत्तर प्रदेश की कुशीनगर पुलिस एक सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा किया है. जिसमें मध्य प्रदेश के जबलपुर से शादी के लिए बुलाया गया और यहां हत्या कर उसकी लाश फेंक दी गयी. हत्या की वजह युवक की सम्पत्ति हथियाना था. ये माला सोशल मीडिया पर काफी वायरल है क्यूंकि जिस युवक की हत्या हुई है उसने कथावाचक अनिरुद्धाचार्य के सामने अपनी शादी कराने की बात कही थी.
दरअसल इंद्र कुमार तिवारी, जो जबलपुर के मझौली थाना क्षेत्र के रहने वाले थे. इंद्र ने कथा वाचक अनिरुद्धाचार्य की कथा के दौरान अपनी शादी न होने की व्यथा साझा की थी. उन्होंने मंच पर बताया कि उनकी उम्र 45 वर्ष हो चुकी है, उनके पास 18 बीघा जमीन है, लेकिन शादी नहीं हो पाई है. यह अपील सोशल मीडिया पर वायरल हो गई. इस वीडियो को देखकर गोरखपुर की साहिबा बानो ने अपने साथियों के साथ मिलकर साजिश रची. उसने फर्जी आधार कार्ड बनवाकर खुद को खुशी तिवारी बताया और इंद्र से संपर्क स्थापित किया.
साहिबा ने शादी का झांसा देकर इंद्र को गोरखपुर बुलाया. 6 जून को कुशीनगर के हाटा कोतवाली क्षेत्र के सुकरौली में NH-28 के पास मझना नाला पुल के निकट झाड़ियों में इंद्र का शव मिला. शव पर चाकू के कई निशान थे और गले में चाकू फंसा हुआ था. बकरी चराने वाली महिलाओं ने शव देखकर पुलिस को सूचना दी.
सेंट्रलसेंट्रल पोर्टल से हुआ खुलासा
पुलिस ने अज्ञात शव की पहचान के लिए सेंट्रल पोर्टल पर डिटेल्स अपलोड कीं, जिसके आधार पर जबलपुर पुलिस ने शव की शिनाख्त इंद्र कुमार तिवारी के रूप में की. जांच में पता चला कि साहिबा बानो ने फर्जी पहचान बनाकर इंद्र को शादी के बहाने बुलाया और अपने साथियों के साथ मिलकर उनकी हत्या कर दी. हत्या का मकसद इंद्र की 18 एकड़ जमीन और संपत्ति हड़पना था.
एसपीएसपी कुशीनगर संतोष कुमार मिश्र ने बताया कि साहिबा बानो को हिरासत में लिया गया है और उसके साथियों की तलाश जारी है. कॉल डिटेल्स, सर्विलांस, और सोशल मीडिया रिकॉर्ड्स की जांच से साहिबा का एक अन्य साथी कुशल का नाम भी सामने आया, जिससे उसने पहले शादी कर रखी थी. पुलिस को शक है कि साहिबा इंद्र की हत्या के बाद खुद को उनकी विधवा बताकर संपत्ति पर कब्जा करने की फिराक में थी.
ऐसे हुई पहचान
हाटा कोतवाली पुलिस ने शव की पहचान के लिए गोरखपुर, देवरिया, और कुशीनगर पुलिस से संपर्क किया, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला. सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले गए, पर कोई ठोस सबूत नहीं मिला. अंततः पुलिस के सेंट्रल पोर्टल पर अपलोड किए गए शव के विवरण (हुलिया, कपड़े, और निशान) के आधार पर जबलपुर पुलिस ने इंद्र की पहचान की, क्योंकि उनके परिजनों ने गुमशुदगी की शिकायत दर्ज की थी.
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Source: IOCL






















