उत्तराखंड: जन्माष्टमी पर भक्तों का सैलाब, सनातन धर्म मंदिर में बाल गोपाल को चढ़ाए गए खिलौने
Udhamsingh Nagar News: उधम सिंह नगर जिले के किच्छा क्षेत्र में स्थित श्री सनातन धर्म मंदिर में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की तैयारियां जोर-शोर से की गई. मंदिर को फूलों और पत्तियों से आकर्षक रूप से सजाया गया.

भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर देवभूमि उत्तराखंड में भक्ति का रंग चढ़ा रहा. उधम सिंह नगर जिले के मंदिरों में सुबह 5 बजे से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा दिखाई दिया. मंदिरों को फूलों, पत्तियों, और रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया, जबकि भगवान राधा-कृष्ण और लड्डू गोपाल की प्रतिमाओं को नई पोशाक, मुकुट, बाजूबंद, बांसुरी, मोर पंख, तुलसी की माला, और फूलों की माला से भव्य रूप में सजाया गया.
उधम सिंह नगर जिले के किच्छा क्षेत्र में स्थित श्री सनातन धर्म मंदिर में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की तैयारियां जोर-शोर से की गई. मंदिर को फूलों और पत्तियों से आकर्षक रूप से सजाया गया, जो भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. भगवान राधा-कृष्ण और लड्डू गोपाल की प्रतिमाओं को विशेष आभूषण, तुलसी की माला, और रंग-बिरंगे फूलों से सजाया गया है. भक्तों ने "लड्डू गोपाल की जय," "मुरली वाले की जय," और "वासुदेव की जय" के जयघोष के साथ मंदिर परिसर को भक्तिमय बना दिया.
भक्तों ने अर्पित किए बाल कृष्ण को खिलौने
जन्माष्टमी के अवसर पर भक्तों ने भगवान श्रीकृष्ण, लड्डू गोपाल, और बाल कृष्ण को विशेष भेंट अर्पित की. किच्छा के श्री सनातन धर्म मंदिर में भक्तों और मंदिर कमेटी ने मिलकर भगवान को खिलौने जैसे गाड़ी, कार, ट्रैक्टर, बैट-बॉल, और अन्य बच्चों की पसंदीदा चीजें अर्पित कीं.
इसके अलावा, दूध, माखन, दही, मिठाई, फल, और चॉकलेट भी भगवान को भेंट किए गए. पंडित सुनीत शर्मा ने बताया कि सनातन धर्म में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का विशेष महत्व है. भक्त भगवान को बच्चों की तरह मानकर खिलौने और खाने की सामग्री अर्पित करते हैं, जो उनकी भक्ति का प्रतीक है.
मंदिरों में सुबह से शुरू हुआ दर्शन का सिलसिला
वरिष्ठ आचार्य पंडित अरुणेश मिश्रा ने बताया कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर सुबह 5 बजे से ही मंदिरों के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए थे. तभी से भक्तों का मंदिरों में आने का सिलसिला शुरू हो गया. मंदिर कमेटी ने पूरे मंदिर को भव्य रूप से सजाया और रात में जन्मोत्सव के लिए विशेष प्रसाद तैयार किया गया. यह प्रसाद पहले भगवान श्रीकृष्ण को अर्पित किया जाएगा, फिर भक्तों में वितरित होगा.
श्रद्धालु की भक्ति: 18 साल से मंदिर की सेवा
हिमाचल प्रदेश के रहने वाले श्रद्धालु ओमप्रकाश गुंबर, जो उत्तराखंड में रहते हैं. उन्होंने बताया कि वह पिछले 18 वर्षों से किच्छा के श्री सनातन धर्म मंदिर में जन्माष्टमी उत्सव में हिस्सा ले रहे हैं. कहा कि मेरा परिवार हिमाचल में धूमधाम से जन्माष्टमी मनाता है, लेकिन मैं यहां मंदिर कमेटी के साथ जुड़कर भगवान श्रीकृष्ण की सेवा करता हूं. यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है.
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Source: IOCL





















