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Kotedar Kidnapping Case: हरदोई में विरोधियों को फंसाने के लिए खुद के अपहरण का नाटक कर कोटेदार ने ही की थी ड्राइवर की हत्या

एसपी अजय कुमार ने बताया 26 नवंबर की रात में बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र के शिवथाना गांव निवासी कोटेदार सभाजीत सिंह और गांव के ही उनके ड्राइवर गयादीन के अपहरण होने के मामले में लोगों ने जाम लगा दी थी.

Hardoi Kidnapping Case: हरदोई के बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र में कोटेदार और ड्राइवर के अपहरण की कहानी का बुधवार को पर्दाफाश हो गया. पुलिस के मुताबिक कोटेदार ने ही ड्राइवर की हत्या कर अपहरण होने की कहानी रची थी. यह खुलासा कोटेदार के ही गिरफ्त में आने के बाद पूछताछ में हुआ है.

एसपी अजय कुमार ने बताया 26 नवंबर की रात में बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र के शिवथाना गांव निवासी कोटेदार सभाजीत सिंह उर्फ गुड्डू और गांव के ही उनके ड्राइवर गयादीन के अपहरण होने के मामले में लोगों ने जाम लगा दी थी. इस पर पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर लोगों को कार्रवाई करने का भरोसा दिला कर जाम खुलवाया था.

48 घंटे के अंदर ही पुलिस ने किया पर्दाफाश

वहीं कोटेदार के पिता की तहरीर पर गांव के ही आधा दर्जन लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी. इस सनसनीखेज वारदात का जल्द खुलासा करने के लिए एएसपी पश्चिमी दुर्गेश सिंह, सीओ सिटी विकास जायसवाल, सीओ हरियावां अशोक त्रिपाठी, बेनीगंज पुलिस, एसओजी टीम को लगाया गया था. इसी मामले की जांच कर रहे सीओ सिटी विकास जायसवाल की टीम ने घटना के 48 घंटे के अंदर ही अगवा हुए कथित कोटेदार सभाजीत सिंह उर्फ गुड्डू को कानपुर देहात के बिल्हौर थाना क्षेत्र से सड़क के किनारे से बरामद कर लिया था.

पुलिस ने कोटेदार से उनके ड्राइवर गयादीन के गायब होने के मामले में पूछताछ की तो पहले कोटेदार ने पुलिस को भ्रमित करने का प्रयास किया. पुलिस टीम को जब कोटेदार की बातों पर संदेह हुआ तो उसके साथ कड़ाई से पूछताछ की गई. जिसके बाद सीओ सिटी की टीम कोटेदार की निशानदेही पर लखनऊ के रहीमाबाद थाना क्षेत्र में पहुंची, जहां पर एक बाग में कोटेदार सभाजीत सिंह ने अपने ड्राइवर गयादीन की गोली मारकर हत्या की थी.

हत्या को अंजाम देने के बाद कानपुर देहात चला गया था कोटेदार

घटनास्थल पर पुलिस टीम को खून के निशान मिले. जिसके बाद कोटेदार से लाश छुपाने के बारे में जानकारी ली गई. उसने बताया कि उसी जगह पर हत्या करने के बाद वह कानपुर देहात चला गया था. इसके बाद पुलिस टीम ने रहीमाबाद थाने पहुंचकर पता किया कि कोई अज्ञात शव तो नहीं बरामद हुआ है. जहां से गयादीन के मिले फोटो के आधार पर कोटेदार से पहचान कराई गई. पहचान होने के बाद गयादीन के परिजनों को सूचना दी गई, जिसे परिजन मौके पर पहुंचकर पहचान की.

पुलिस की पूछताछ में कोटेदार ने यह भी कबूल किया है कि उसने अपने ड्राइवर की हत्या इसलिए की थी, क्योंकि वह अपने गांव के विरोधियों को इस मामले में फंसाना चाह रहा था. वहीं दूसरे मामले का भी पुलिस को कुछ सुराग नहीं मिला है. पुलिस टीम के मुताबिक इस मामले में गांव के जो आधा दर्जन लोग नामजद किए गए थे उन सभी को इस मामले से मुक्त किया जाएगा. किसी भी निर्दोष व्यक्ति को जेल नहीं भेजा जाएगा और दोषी व्यक्ति को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा.

शातिर अपराधी है कोटेदार

इस वारदात को खुलासा करने के लिए पुलिस टीम को जनपद में ही नहीं बल्कि उसे लखनऊ के रहीमाबाद, कानपुर देहात जनपद के बिल्हौर थाना तक भूखे प्यास और नींद को त्यागना पड़ा. जिसके बाद इस सनसनीखेज वारदात का खुलासा किया. पुलिस के मुताबिक कोटेदार सभाजीत सिंह उर्फ गुड्डू एक शातिर अपराधी है. इसके खिलाफ पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और जिला बदर भी किया जा चुका है. फिलहाल कोटेदार को जेल भेज दिया गया है.

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