उत्तराखंड: केदारनाथ धाम यात्रा से पहले बड़ी तैयारी, 80 फीसदी बर्फ हटी, 22 अप्रैल को खुलेंगे कपाट
Chardham Yatra 2026: कपाट खुलने से पहले श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन, डीडीएमए गुप्तकाशी, लोक निर्माण विभाग और सुरक्षा बलों की संयुक्त टीमें काम में जुटी हुई हैं.

उत्तराखंड में केदारनाथ धाम की आगामी यात्रा को लेकर तैयारियां अपने अंतिम चरण में पहुंच गई हैं. गौरीकुंड से केदारनाथ तक पैदल यात्रा मार्ग पर बर्फ हटाने का कार्य लगभग 80 प्रतिशत पूरा कर लिया गया है. कपाट खुलने से पहले श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन, डीडीएमए गुप्तकाशी, लोक निर्माण विभाग और सुरक्षा बलों की संयुक्त टीमें दिन-रात काम में जुटी हुई हैं.
आगामी 22 अप्रैल को बाबा केदारनाथ के कपाट आम श्रद्धालुओं और तीर्थ यात्रियों के लिए खोल दिए जाएंगे. इससे पहले यात्रा मार्ग को पूरी तरह सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए बर्फ हटाने, मरम्मत और पुनर्निर्माण कार्यों में तेजी लाई गई है. पैदल मार्ग पर कई स्थानों पर भारी बर्फ जमी हुई थी, जिसे हटाने का कार्य अब लगभग अंतिम चरण में है.
पैदल आवाजाही के लिए मार्ग तैयार
लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) के अधिशासी अभियंता राजबिंद सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि गौरीकुंड से केदारनाथ तक का पैदल मार्ग अब आवाजाही के लिए काफी हद तक तैयार हो चुका है. उन्होंने बताया कि थारू, लिनचोली, हथनी, भैरव और कुबेर ग्लेशियर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में 5 से 6 फीट तक जमी बर्फ को हटाया जा चुका है. इन इलाकों में विशेष सावधानी बरती जा रही है क्योंकि यहां ग्लेशियर खिसकने और ऊपर से बर्फ गिरने का खतरा बना रहता है.
ग्लेशियर पिघलने से बढ़ रहा खतरा
उन्होंने यह भी बताया कि जैसे ही धूप निकलती है, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ग्लेशियर टूटकर नीचे पैदल मार्ग की ओर आ सकते हैं, जिससे यात्रियों की सुरक्षा पर खतरा पैदा हो सकता है. इसी को ध्यान में रखते हुए इन संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है और उनकी निगरानी में श्रमिक लगातार बर्फ हटाने का कार्य कर रहे हैं.
कपाट खुलने से पहले होगा काम पूरा
यात्रा मार्ग को सुरक्षित बनाने के लिए रेलिंग की मरम्मत, डेंट-पेंट, रैन शेल्टर का निर्माण और अन्य आवश्यक कार्य भी लगभग पूरे कर लिए गए हैं. प्रशासन का प्रयास है कि कपाट खुलने से पहले सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर दी जाएं ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े.
बेमौसम बर्फ़बारी ने बढ़ाई चुनौती
इस वर्ष बेमौसमी बर्फबारी ने विभाग के सामने कई चुनौतियां खड़ी कीं, जिससे कार्य में देरी की आशंका बनी हुई थी. हालांकि, संबंधित विभागों और श्रमिकों की मेहनत के चलते अब स्थिति नियंत्रण में है और कार्य तेजी से पूरा किया जा रहा है.
कुल मिलाकर, केदारनाथ यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है. आने वाले दिनों में शेष कार्य भी पूरा कर लिया जाएगा, जिससे श्रद्धालु बिना किसी बाधा के बाबा केदारनाथ के दर्शन कर सकेंगे.
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Source: IOCL

























