UP Police: मुजफ्फरनगर में अवैध हथियार फैक्ट्री का भांडाफोड़, पुलिस घेराबंदी में 3 अभियुक्त गिरफ्तार
Uttar Pradesh News: प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद में पुलिस ने छापेमारी कर अवैध हथियार की फैक्ट्री का भांडाफोड़ किया है. पुलिस ने इस छापेमारी में डेढ़ दर्जन से ज्यादा अवैध हथियार बरामद किए हैं.

Muzaffarnagar News: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर एक खेत में बने खंडहर पर बुधवार को छापेमारी की छापामारी के दौरान टीम ने जहां मौके से अवैध हथियार बना रहे तीन अभियुक्त को गिरफ्तार किया है तो वहीं इस दौरान टीम ने खंडहर से बड़ी तादाद में बने अधबने अवैध हथियारों के साथ साथ इन हथियारों को बनाने के उपकरण भी बरामद किए हैं.
दरअसल बुढाना कोतवाली पुलिस को आज मुखबिर के द्वारा सूचना मिली थी कि सफीपुर गांव में स्थित एक खेत में बने खंडहर पर अवैध हथियार बनाने की फैक्ट्री चल रही है. जिसके चलते पुलिस ने जब घेराबंदी करते हुए इस खंडहर पर छापेमारी की तो मौके से पुलिस ने जहां अवैध हथियार बना रहे तीन अभियुक्त मेहरबान, कयूम और राहुल को गिरफ्तार किया है तो वही इस खंडहर से पुलिस ने डेढ़ दर्जन से भी अधिक बने अधबने अवैध हथियारों के साथ बड़ी तादात में हथियार बनाने के उपकरण भी बरामद किए हैं.
मामले में एसपी ग्रामीण ने क्या बताया?
आलाधिकारियों की मानें तो गिरफ्त में आए अभियुक्त इन अवैध हथियारों को बनाकर मुजफ्फरनगर सहित आसपास के जनपदों में सप्लाई करने का काम किया करते थे. पुलिस पूछताछ में इन अभियुक्तों ने कुछ ऐसे लोगों के भी नाम उजागर किए हैं जिन्होंने यह अवैध हथियार सप्लाई किए हैं. अब पुलिस इन अवैध हथियारों को खरीदने वाले लोगों की गिरफ्तारी के प्रयास में भी जुट गई है.
इस बारे में अधिक जानकारी देते हुए एसपी ग्रामीण आदित्य बंसल ने बताया कि आज थाना बुढ़ाना में एसएचओ के नेतृत्व में कस्बा बुढ़ाना में चल रही एक अवैध शस्त्र फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है. इसमें मौके से तीन अभियुक्त मेहरबान, कयूम और राहुल तीन अभियुक्त मौके से गिरफ्तार हुए हैं. इनके पास से अवैध शस्त्र बनाने के पूरे उपकरण जैसे कि आरी, लोहे की चाप, लोहे की नाल, फर्मा अन्य उपकरण बरामद हुए हैं.
आसपास के जनपदों में तमंचे बेचने का था प्लान
इसके साथ ही टोटल 20 शस्त्र बने और अधबने 10 फंक्शनल शस्त्र हैं. 12 बोर के साथ 315 बोर भी बरामद हुए हैं. इसके अलावा 6 लोहे की नाल जो की तमंचे की बैरल बनाने के लिए इस्तेमाल होती है. 6 जिंदा 315 बोर के कारतूस यह सब सामान इनके पास से बरामद हुए हैं. इनमें से जो कयूम और राहुल है यह पहले भी शस्त्र फैक्ट्री में जेल जा चुके हैं. कयूम लकड़ी के कारपेंटर का काम करता है. मेहरबान उनके ग्रुप का संचालक है. जो सामान इनको लाकर प्रोवाइड करवाता था और तमंचों की आगे डीलिंग करता था.
इनसे पूछताछ में ऐसे भी नाम आए हैं, जिनको इन्होंने तमंचे बेचे हैं या जिनसे बेचने की डील हुई थी. उनका भी नाम प्रकाश में लाया गया है और आने वाले समय में उनको भी गिरफ्तार किया जाएगा. यहां पिछले एक डेढ़ महीने से शस्त्र फैक्ट्री चल रही थी. इनका बताना है कि एक तमंचे को बनाने में एक दिन का समय लगता है. लगातार तमंचे बनाकर इकट्ठे कर रहे थे. आसपास के जनपदों में इन तमंचे को बेचने का प्लान था. यह चार से ₹5000 में एक तमंचा बेचते थे.
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Source: IOCL






















