एक्सप्लोरर

Uttarakhand News: दोगुनी रफ्तार से पिघल रहा है हिमालय! सदी के अंत तक 68 फीसदी बर्फ गायब होने का खतरा

Himalaya Temperature Rising News: हिंदुकुश-हिमालय क्षेत्र में तापमान दोगुनी रफ्तार से बढ़ रहा है. नए शोध के मुताबिक सदी के अंत तक करोड़ों लोगों के पानी पर बड़ा संकट खड़ा हो सकता है.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom

हिमालय को अक्सर एशिया का जल टॉवर कहा जाता है. यही पर्वत श्रृंखला करोड़ों लोगों के लिए पानी का सबसे बड़ा स्रोत है. वैज्ञानिक इसे “तीसरा ध्रुव” भी कहते हैं क्योंकि यहां दुनिया के ध्रुवीय इलाकों के बाद सबसे ज्यादा बर्फ और ग्लेशियर मौजूद हैं. लेकिन अब यही हिमालय तेजी से बदलते मौसम और बढ़ते तापमान की वजह से गंभीर खतरे में है.

मिजोरम विश्वविद्यालय के प्रोफेसर विश्वंभर प्रसाद सती और सुरजीत बनर्जी के एक ताजा शोध ने इस खतरे की गंभीरता को उजागर किया है. अंतरराष्ट्रीय जर्नल अर्थ साइंस रिव्यूज में प्रकाशित इस अध्ययन के मुताबिक हिंदुकुश-हिमालय क्षेत्र में तापमान दुनिया के औसत तापमान से लगभग दोगुनी रफ्तार से बढ़ रहा है.

वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर यह सिलसिला जारी रहा तो इस सदी के अंत तक हिमालय की लगभग 68 प्रतिशत बर्फ हमेशा के लिए गायब हो सकती है.

पिछले चार दशकों में तेजी से बदला मौसम

शोध के मुताबिक हिमालय में बदलाव की शुरुआत पिछले चार दशकों में तेजी से दिखाई देने लगी है. 1980 से 2020 के बीच हिंदुकुश-हिमालय क्षेत्र का तापमान प्रति दशक औसतन 0.2 से 0.3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ा है. यह बढ़ोतरी वैश्विक औसत से करीब दोगुनी मानी जा रही है.

वैज्ञानिकों ने पाया कि पूर्वी हिमालय के इलाकों में तापमान बढ़ने की रफ्तार और भी ज्यादा है. इसके साथ ही बारिश के पैटर्न में भी बड़ा बदलाव आया है.

कहीं अत्यधिक बारिश हो रही है तो कहीं लंबे समय तक सूखा पड़ रहा है. इन बदलावों का सीधा असर ग्लेशियरों पर पड़ रहा है. कई ग्लेशियर तेजी से पीछे हट रहे हैं और बर्फ की परत हर साल पतली होती जा रही है.

2100 तक बर्फ का बड़ा हिस्सा खत्म होने का अनुमान

शोध में भविष्य को लेकर बेहद चिंताजनक अनुमान भी सामने आया है. वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर तापमान इसी तरह बढ़ता रहा तो वर्ष 2100 तक हिमालय का करीब 68 प्रतिशत हिमावरण समाप्त हो सकता है.

काराकोरम क्षेत्र, जिसे अभी तक अपेक्षाकृत स्थिर माना जाता था, वहां भी करीब 26 प्रतिशत बर्फीला आवरण खत्म होने की आशंका जताई गई है. इसका मतलब यह है कि आने वाले दशकों में हिमालय का स्वरूप ही बदल सकता है.

यह सिर्फ पहाड़ों की खूबसूरती का सवाल नहीं है. हिमालय की बर्फ एशिया की कई बड़ी नदियों के लिए जीवनरेखा है. अगर बर्फ कम हुई तो इन नदियों का जल प्रवाह भी प्रभावित होगा.

करोड़ों लोगों की जिंदगी पर पड़ेगा असर

हिमालय से निकलने वाली सिंधु, गंगा, ब्रह्मपुत्र, तारिम और अमू दरिया जैसी बड़ी नदियां करोड़ों लोगों के जीवन का आधार हैं. इन नदियों के सालाना प्रवाह का लगभग 33 से 42 प्रतिशत हिस्सा ग्लेशियरों और हिमावरण के पिघलने से आता है.

अध्ययन के अनुसार इन नदियों पर करीब 86.9 करोड़ लोग सीधे तौर पर निर्भर हैं. अभी ग्लेशियर तेजी से पिघलने के कारण कुछ जगहों पर नदियों में पानी बढ़ता हुआ दिख रहा है. मानसून से पहले ही पानी का बहाव तेज हो जाता है और कई बार बाढ़ का खतरा पैदा हो जाता है.

लेकिन वैज्ञानिक इसे राहत नहीं, बल्कि आने वाले संकट की चेतावनी मानते हैं. जब ग्लेशियर ही खत्म हो जाएंगे तो नदियों में पानी का स्थायी स्रोत खत्म हो जाएगा. तब कई नदियां मौसमी बन सकती हैं और इससे पानी, खेती और बिजली उत्पादन पर गहरा असर पड़ेगा.

ग्लेशियर झीलों और भूस्खलन का खतरा

बढ़ते तापमान की वजह से हिमालय में एक और खतरा तेजी से बढ़ रहा है. ग्लेशियरों के पिघलने से बड़ी-बड़ी हिमनदीय झीलें बन रही हैं. इन झीलों के अचानक फटने से आने वाली बाढ़ को ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड यानी जीएलओएफ कहा जाता है.

ऐसी बाढ़ बिना चेतावनी के आती है और कुछ ही मिनटों में भारी तबाही मचा सकती है. उत्तराखंड समेत कई हिमालयी राज्यों में इसके उदाहरण पहले भी सामने आ चुके हैं.

इसके अलावा पर्माफ्रॉस्ट यानी जमीन के अंदर जमी रहने वाली बर्फीली परत भी पिघलने लगी है. शोध के मुताबिक यह परत हर साल 2 से 23 सेंटीमीटर तक गहरी पिघल रही है. इससे पहाड़ी ढलानों की मजबूती कमजोर पड़ रही है और भूस्खलन तथा जमीन धंसने की घटनाएं बढ़ रही हैं.

शोधकर्ताओं का कहना है कि अगर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो हिंदुकुश-हिमालय क्षेत्र की पूरी जल प्रणाली अस्थिर हो सकती है. इसका असर सिर्फ एक देश तक सीमित नहीं रहेगा. भारत, पाकिस्तान, चीन, नेपाल और बांग्लादेश जैसे कई देश इससे प्रभावित होंगे.

वैज्ञानिकों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन को रोकने के लिए वैश्विक स्तर पर तुरंत और ठोस कदम उठाने की जरूरत है. हिमालय सदियों से एशिया की जीवनरेखा रहा है, लेकिन अब उसकी बर्फ तेजी से पिघल रही है और यह पूरी दुनिया के लिए एक गंभीर चेतावनी है.

आलोक सेमवाल उत्तराखंड के देहरादून की खबरों पर नजर रखते हैं. एबीपी लाइव के लिए रिपोर्टिंग करते हैं. उन्होंने अपनी ग्रेजुएशन BA hons मास कम्यूनिकेशन HNB गढ़वाल विश्वविद्यालय से पूरी की हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

UPPCS Result 2026: मुरादाबाद की दीक्षा अग्रवाल बनीं SDM, बिना कोचिंग पहले प्रयास में हासिल की 15वीं रैंक
यूपीपीएससी रिजल्ट: मुरादाबाद की दीक्षा अग्रवाल बनीं SDM, बिना कोचिंग पहले प्रयास में हासिल की 15वीं रैंक
भुवनेश्वर में किसान आंदोलन के दौरान राकेश टिकैत को हिरासत में लिया गया, समर्थन देने पहुंचे थे
भुवनेश्वर में किसान आंदोलन के दौरान राकेश टिकैत को हिरासत में लिया गया, समर्थन देने पहुंचे थे
Noida News: कार से कुचलकर युवक की हत्या, एक्सीडेंट दिखाने की साजिश का खुलासा, 3 आरोपी गिरफ्तार
नोएडा: कार से कुचलकर युवक की हत्या, एक्सीडेंट दिखाने की साजिश का खुलासा, 3 आरोपी गिरफ्तार
UP IPS Transfer: 27 IPS अधिकारियों का तबादला, 13 जिलों के कप्तान बदले, कई बड़े नामों को नई जिम्मेदारी
यूपी: 27 IPS अधिकारियों का तबादला, 13 जिलों के कप्तान बदले, कई बड़े नामों को नई जिम्मेदारी
Advertisement

वीडियोज

Sandeep Chaudhary: 1 करोड़ भारतीयों पर तलवार...देश में सियासी आर-पार? |War Update
Amit Shah On Naxalite: 'हथियार उठाओगे तो भुगतोगे...', अमित शाह की चेतावनी | BJP | Bastar
Chitra Tripathi: जंग पर राजनीतिक विश्लेषकों का सटीक विश्लेषण | America | Donald Trump | War Update
Iran US Israel War: खत्म होगा युद्ध? जंग के बीच Trump का चौंकाने वाला दावा! | Breaking | Netanyahu
Saas Bahu Aur Saazish: क्या सूरज जान पाएगा ईशा के बलिदान का सच? | Pati Brahmchari
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement
Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
Jodhpur News: IPS कपल की शादी बनी ट्रेंड, 'जुहाजूही' रस्म में दुल्हन अंशिका वर्मा की जीत ने लूटी महफिल
जोधपुर: IPS कपल की शादी बनी ट्रेंड, 'जुहाजूही' रस्म में दुल्हन अंशिका वर्मा की जीत ने लूटी महफिल
यूएस के 'शांति दूत' बने पाकिस्तान का बड़ा अपमान, खाड़ी में जंग के बीच ईरान ने दिखाया आईना
यूएस के 'शांति दूत' बने पाकिस्तान का बड़ा अपमान, खाड़ी में जंग के बीच ईरान ने दिखाया आईना
RR vs CSK 1st Innings Highlights: गुवाहाटी में औंधे मुंह गिरी चेन्नई सुपर किंग्स, गायकवाड़-सैमसन-सरफराज-दुबे सब फ्लॉप; 127 पर ढेर
गुवाहाटी में औंधे मुंह गिरी चेन्नई, गायकवाड़-सैमसन-सरफराज-दुबे सब फ्लॉप; 127 रनों पर ढेर
iPhone Lockdown Mode: इस फीचर को ऑन करने के बाद कोई भी हैक नहीं कर पाएगा आपका iPhone, जानें कैसे करें इस्तेमाल
iPhone Lockdown Mode: इस फीचर को ऑन करने के बाद कोई भी हैक नहीं कर पाएगा आपका iPhone, जानें कैसे करें इस्तेमाल
US VS Iran Military: अमेरिकी सेना के सामने कहां टिकता है ईरान, जानें दोनों देशों की सैन्य ताकत और चयन प्रक्रिया
अमेरिकी सेना के सामने कहां टिकता है ईरान, जानें दोनों देशों की सैन्य ताकत और चयन प्रक्रिया
'मेरा रिश्तेदार बनकर आ गया', सुनील लहरी के घर झूठ बोलकर पहुंचा फैन
'मेरा रिश्तेदार बनकर आ गया', सुनील लहरी के घर झूठ बोलकर पहुंचा फैन
Floaters And Flashes In Eyes: क्या आपकी आंखों में भी नजर आते हैं धब्बे? तुरंत भागें डॉक्टर के पास, वरना...
क्या आपकी आंखों में भी नजर आते हैं धब्बे? तुरंत भागें डॉक्टर के पास, वरना...
Explained: बिहार जितना आसान नहीं बंगाल जीतना, 5% वोट स्विंग से पलट जाएगा पासा! BJP बीते 6 MPs-MLAs चुनावों में खा चुकी पटखनी
बिहार जितना आसान नहीं बंगाल, 5% वोट स्विंग से पलटेगा पासा! BJP 6 MPs-MLAs चुनावों में खा चुकी पटखनी
Embed widget