Hapur News: हापुड़ का प्रयाग हॉस्पिटल बना अखाड़ा, पार्किंग कर्मियों ने महिलाओं समेत तीमारदारों को पीटा
Hapur News In Hindi: हापुड़ के प्रयाग हॉस्पिटल में पार्किंग शुल्क को लेकर बड़ा विवाद हुआ. अस्पताल के दबंग पार्किंग कर्मियों ने मरीज के तीमारदारों को बेरहमी से पीटा, जिसमें महिलाएं भी शामिल थीं.

उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले से एक बेहद सनसनीखेज और हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. बीमारों को राहत और जीवनदान देने वाला अस्पताल परिसर अचानक जंग के अखाड़े में तब्दील हो गया. देहात थाना क्षेत्र स्थित प्रयाग हॉस्पिटल (Prayag Hospital) में पार्किंग की एक मामूली पर्ची को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि अस्पताल के पार्किंग कर्मियों ने मानवता की सारी हदें पार करते हुए मरीज के तीमारदारों (परिजनों) को बेरहमी से पीट दिया.
जानकारी के मुताबिक, एक परिवार अस्पताल में अपने मरीज का इलाज कराने के लिए पहुंचा था. अस्पताल की पार्किंग में गाड़ी खड़ी करने के दौरान पर्ची के पैसे को लेकर कर्मियों से उनकी कुछ कहासुनी हो गई. बात इतनी बिगड़ गई कि देखते ही देखते करीब आधा दर्जन से ज्यादा दबंग कर्मचारी वहां इकट्ठा हो गए और पूरे परिवार पर जानलेवा हमला बोल दिया.
महिलाओं के साथ भी अभद्रता और मारपीट
दबंगों ने गुंडागर्दी की हदें पार करते हुए न केवल पुरुषों को पीटा, बल्कि बीच-बचाव करने आईं महिलाओं के साथ भी जमकर मारपीट और अभद्रता की. पीड़ित परिवार के शरीर और चेहरे पर नाखूनों की खरोंच और मारपीट के गहरे जख्म साफ देखे जा सकते हैं, जो अस्पताल परिसर में हुई इस गुंडागर्दी की गवाही दे रहे हैं.
पीड़ितों ने सुनाई आपबीती
पीड़ित महिला बबीता ने बताया कि वे यहां अपने मरीज का इलाज कराने आए थे. पार्किंग वाले ने पर्ची को लेकर बदतमीजी शुरू कर दी. जब इसका विरोध किया तो कई लोग एक साथ आ गए और उन्हें बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया, जिससे उनके शरीर पर काफी चोटें आई हैं.
पीड़ित लोकेश ने बताया कि पार्किंग वालों ने गुंडागर्दी की सारी हदें पार कर दीं. आधा दर्जन लोग एक साथ उन पर टूट पड़े. उन्होंने अस्पताल की सुरक्षा और लचर व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं.
पुलिस ने शुरू की जांच, उठे गंभीर सवाल
इस हिंसक घटना के बाद अस्पताल परिसर में भारी अफरा-तफरी का माहौल बन गया. सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और हालात को काबू में किया. पुलिस ने घायलों को उपचार के लिए भेज दिया है और पीड़ितों की शिकायत के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी कर रही है.
इस घटना ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि अगर जीवन रक्षक माने जाने वाले अस्पतालों में ही तीमारदार और मरीज सुरक्षित नहीं हैं, तो फिर आम आदमी न्याय और सुरक्षा की गुहार लगाने कहां जाए?
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Source: IOCL

























