Hapur News: सिखेड़ा स्वास्थ्य केंद्र में दो नवजात शिशुओं की मौत, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप
UP News: सिखेड़ा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दो नवजात शिशुओं की मौत हो गई है. परिजनों ने इस मामले में डॉक्टर्स और नर्स पर लापरवाही का आरोप लगाया है.

Hapur News: हापुड़ में स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की लापरवाही ने दो नवजात शिशुओं की जान ले ली. मामला सिखेड़ा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से सामने आया है. यहां दो महिलाओं की अलग-अलग समय पर डिलीवरी हुई. एक डिलीवरी दिन के समय में हुई, तो दूसरी डिलीवरी रात के समय में हुई. बताया गया कि डिलीवरी के समय अस्पताल परिसर की लाइट चले जाने के कारण अस्पताल में स्टाफ नर्स के द्वारा बिना डॉक्टर के महिला की डिलीवरी मोबाइल की टॉर्च रोशनी में कराई गई.
इसके बाद जब दोनों नवजातों को ऑक्सीजन और प्रॉपर उपचार की जरूरत थी, तो उन्हें समय पर वह भी नहीं मिला. जिससे दोनों नवजात शिशुओं की मौत हो गई. इस घटना के बाद से परिवार के लोगों में मायूसी छाई हुई है और वह स्वास्थ्य विभाग की लचर व्यवस्थाओं को दोष दे रहे हैं.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हापुड़ के कुचेसर चौपला की रहने वाली प्रियंका को प्रसव पीड़ा हुई, तो उसे इलाज के लिए सिखेड़ा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया. यहां रात में महिला की डिलीवरी मोबाइल टॉर्च की रोशनी में स्टाफ नर्स ने की. डिलीवरी के समय महिला डॉक्टर भी अस्पताल परिसर में मौजूद नहीं थी.
परिजन बोले- लापरवाही से गई बच्चे की जान
आरोप है कि डिलीवरी के बाद जब नवजात शिशु को ऑक्सीजन की जरूरत हुई, तो बिजली न होने के कारण ऑक्सीजन भी नहीं मिल पाई. इस पर नर्स ने उन्हें जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया. परिवार के लोगों ने एंबुलेंस को कॉल किया, तो करीब 45 मिनट तक एंबुलेंस भी अस्पताल में नहीं पहुंची, जिसके चलते नवजात शिशु की सांस थम गई.
टॉर्च की रोशनी में कराई गई डिलीवरी
इसी तरह का ही वाक्या सिंभावली की रहने वाली प्रीति के साथ हुआ. यहां प्रीति की भी डिलीवरी दिन के समय में लेबर रूम में मोबाइल टॉर्च की रोशनी में की गई और जब नवजात शिशु को प्रॉपर ऑक्सीजन व इलाज नहीं मिला, तो उसकी भी मौत हो गई. सिखेड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक ही दिन में दो अलग-अलग नवजात शिशुओं की मौत के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं.
सीएचसी प्रभारी ने लापरवाही से किया इनकार
वहीं, इस पूरे मामले पर सिखेड़ा सीएचसी के प्रभारी डॉक्टर अमित कुमार बैंसला ने बताया कि नवजात शिशुओं की मौत अस्पताल की लापरवाही की वजह से नहीं हुई, बल्कि डिलीवरी के वक्त बच्चों के गले में नाल फस जाने के कारण हुई है. फिर भी पूरे मामले की उच्च अधिकारियों के द्वारा जांच की जा रही है. जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
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