UP: हापुड़ के बृजघाट पर गंगा में पलटी नाव, अस्थियां विसर्जन करने गए पांच लोग डूबे, गोताखोरों ने बचाई जान
UP News: हापुड़ की तीर्थनगरी गढ़मुक्तेश्वर में बृजघाट पर शुक्रवार को गंगा की तेज में लहरों में फंसकर एक नाव पलट गई, हालांकि गोताखोरों की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया.

उत्तर प्रदेश के जनपद हापुड़ की तीर्थनगरी गढ़मुक्तेश्वर में बृजघाट पर शुक्रवार को एक बड़ा हादसा होते होते टल गया. गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण प्रशासन ने बोट संचालन पर रोक लगा रखी है, इसके बावजूद नाविक ने लापरवाही करते हुए बोट का संचालन किया. उसने पांच श्रद्धालुओं को नाव में बैठा लिया और अस्थियां विसर्जन कराने के लिए गंगा की जलधारा के बीचों-बीच ले गया.
इसी दौरान नाव के गंगा की लहरों में फंस गई और अनियंत्रित होकर पलट गई, नाव में बैठे सभी श्रद्धालु डूब गये. इससे बृजघाट पर अफरा-तफरी मच गई. मौके पर मौजूद गोताखोरों की टीम ने बिना देरी किये श्रद्धालुओं को बचाने के लिए गंगा में डुबकी लगाई और सभी को सकुशल बचा लिया.
अस्थियां विसर्जित करने आया था परिवार
जानकारी के अनुसार हरियाणा राज्य के जनपद झज्जर के गांव झारली के रहने वाले आजाद और सुनील अपने परिजन रमेश, जगदीप और रविन्द्र उम्र आठ वर्ष के साथ बृजघाट पर गये थे. यहां उन्हें माता प्रीमो देवी की अस्थियों को गंगा में विसर्जित करना था.
गंगा की तेज लहरों में अनियंत्रित होकर पलटी नाव
बताया जा रहा है कि अस्थियों का विसर्जन कराने के लिए यहां एक नाव संचालक ने लापरवाही करते हुए बोट पर प्रशासन की रोक होने के बावजूद भी उन्हें बिना लाइफ जैकेट के बोट में बैठा लिया और गंगा की जलधारा के बीचों-बीच ले गया. तभी यहां तेज लहरों की वजह से नाव फंस गई और अनियंत्रित होकर पलट गई.
गोताखोरों ने बचाई श्रद्धालुओं की जान
इससे नाव पर सवार सभी श्रद्धालु गंगा के गहरे जल में डूब गये. इससे बृजघाट पर अफरा-तफरी मच गई. मौके पर मौजूद गोताखोरों ने जैसे ही यह हादसा देखा, तो तत्काल गंगा में रेस्क्यू के लिए कूद पड़े. कुछ ही देर में सभी श्रद्धालुओं को रेस्क्यू कर सकुशल बचा लिया गया.
नाव संचालक पर कार्रवाई की तैयारी
उधर, बृजघाट में नाव पलटने की सूचना मिलते ही गढ़मुक्तेश्वर कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंच गई. पुलिस ने श्रद्धालुओं से जांच-पड़ताल करने के बाद प्रशासन के आदेशों का उल्लंघन करने वाले नाव संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है.
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL






















