एक्सप्लोरर

देवभूमि में भी पड़े थे गुरुनानक देव के कदम, एक पत्थर से खत्म कर दिया था नदी के विनाश को

गुरुनानक देव का प्रकाशोत्सव देशभर में धूमधाम से मनाया जा रहा है। सिखों के गुरू नानकदेव ने समाज के कल्याण के लिये जीवन भर काम किया। उत्तराखंड में उनसे जुड़ी यह कहानी बहुत प्रचलित है

काशीपुर, एबीपी गंगा। सिख समाज समेत पूरे देश ने आज गुरुनानक देव का 550 वां प्रकाश पर्व मनाया। समाज को एकजुटता, भाईचारा व समानता का पैगाम देने वाले गुरुनानक देव का काशीपुर से भी गहरा जुड़ाव रहा है। सिखों के पहले गुरु नानक देव 1514 में धर्म प्रचार यात्रा के दौरान उत्तराखंड के काशीपुर में जिस स्थान पर रुके उस स्थान पर आज श्री ननकाना साहिब गुरुद्वारा बना है। एक ऐसा ऐतिहासिक, धार्मिक आस्था का केंद्र है जहां के बारे में ऐसा कहा जाता है कि पहुंचने मात्र से आत्मिक शांति मिलती है। श्री गुरु नानक देवजी की स्मृतियों से जुड़ा यह ऐतिहासिक धार्मिक स्थल, गुरुद्वारा काशीपुर नगर की सीमा पर ढेला नदी के तट पर स्थित है।

संगमरमर से बना यह गुरुद्वारा महान संत युग प्रवर्तक सिखों के प्रथम गुरु व महान समाज सुधारक श्री गुरु नानक देव से जुड़ी एक महान व अद्भुत घटना के लिए देश के कोने-कोने में चर्चित हैं। सिख धर्म ग्रंथों के अनुसार गुरुनानक देव ने 1514 में अपनी तीसरी उदासी शुरू की। इस दौरान उन्होंने अपने साथियों भाई बाला जी व भाई मरदाना जी के साथ जब उत्तराखंड के काशीपुर में एक इमली के पेड़ के नीचे आसन लगाया तो उन्होंने देखा कि काशीपुर के लोग जीवन यापन की आवश्यक सामग्री व् सामान को बैलगाड़ी व घोडा गाड़ियों में लादकर अपने परिजनों सहित नगर को छोड़ कर जा रहे है। गुरु जी के पूछने पर नगर वासियों ने दुखित ह्रदय से बताया नगर के पास से बहने वाली नदी स्वर्ण भद्रा में हर साल बाढ़ आने से जान माल का बहुत नुकसान हो जाता है कही से कोई मदद नहीं मिलती। वह लोग शारीरिक, मानसिक व आर्थिक रूप से जीर्ण शीर्ण हो चुके है।

इसलिए नगर छोड़ कर जाने को मजबूर है। नगरवासियों की करुणामयी पुकार सुन गुरु जी ने उन्हें अकाल पुरख के सुमिरन की ताकत का भरोसा देते हुए नगर छोड़कर न जाने की प्रेरणा दी। इस दौरान गुरुनानक देव ने पास से ही एक ढेला( मिटटी का टुकड़ा ) उठाकर विकराल रूप से बह रही नदी में फेंका। जिसके बाद नदी का विकराल रूप शांत पड़ गया। उसके बाद इस नदी को ढेला नदी के रूप में पहचान मिली। जो श्री ननकाना साहिब गुरुद्वारा से 500 मीटर की दूरी पर आज भी शांत भाव से बह रही है।

यह पवित्र स्थल सिख धर्म से जुड़ा है मगर हर वर्ग के लोग देश के कोने-कोने से यहां मत्था टेकने आते हैं और प्रसाद ग्रहण कर अपनी मुरादें मांगने आते हैं। प्रत्येक अमावस्या को यहां पर मेला लगता है। इस दिन दूर-दूर से हजारों श्रद्धालु यहां आकर पवित्र सरोवर में स्नान करते हैं। दिन-प्रतिदिन गुरुद्वारे में हर कोई न कोई कार्य चलता रहता हैं। गुरुद्वारा परिसर में हर समय लंगर चलता हैं। रोजाना हजारों लोग कतार बद्ध होकर अटूट लंगर में प्रसाद छकते हैं। इस दौरान विभिन्न जगहों से आयी संगत यहां दिन रात सेवा कार्यों में जुटी रहती है। गुरुद्वारा कमेटी आज जहां कई स्कूल व कॉलेज भी संचालित कर रही है तो वही बाहर से आने वाले राहगीरों के लिए रात्रि विश्राम गृह की व्यवस्था भी हैं।

श्री गुरुनानक देव का देवभूमि से गहरा जुड़ाव रहा है। उन्होंने कई स्थानों पर पैदल यात्रा कर " किरत करो, नाम जपो, वंड छको " यानि नाम जपें, मेहनत करें और बांटकर खाएं का उपदेश दिया। काशीपुर का श्री ननकाना साहिब गुरुद्वारा जगह ऐसी है जहां पहुंचकर आपको शांति मिलेगी और सारा टेंशन भी भाग जाएगा। खासकर तब जब आप सरोवर के किनारे बैठकर भजन सुनेंगे। दर्शन के बाद कड़ा प्रसाद लेना न भूलें। यहां के लंगर का खाना भी बेहद मशहूर है, जिसमें मां की दाल, रोटी, चावल और खीर परोसी जाती है।

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Lucknow Coaching Fire Live: देर रात तक चला पोस्टमार्टम, बिल्डिंग मालिक समेत 4 अरेस्ट, 4 अधिकारी सस्पेंड
लखनऊ अग्निकांड Live: देर रात तक चला पोस्टमार्टम, बिल्डिंग मालिक समेत 4 अरेस्ट, 4 अधिकारी सस्पेंड
UP Weather: यूपी में गर्मी से राहत नहीं, आज लखनऊ-वाराणसी समेत 32 जिलों में लू का अलर्ट, मानसून भी हुआ लेट
यूपी में गर्मी से राहत नहीं, आज लखनऊ-वाराणसी समेत 32 जिलों में लू का अलर्ट, मानसून भी हुआ लेट
लखनऊ अग्निकांड: 2016 में ध्वस्त की जानी थी यह इमारत, 10 साल बाद 15 लोगों की गई जान | 10 बड़ी बातें
लखनऊ अग्निकांड: 2016 में ध्वस्त की जानी थी यह इमारत, 10 साल बाद 15 लोगों की गई जान | 10 बड़ी बातें
Lucknow Fire News: 15 बच्चों की मौत, बिल्डिंग मालिक गिरफ्तार, 4 सस्पेंड, लखनऊ अग्निकांड का पूरा अपडेट
15 बच्चों की मौत, बिल्डिंग मालिक गिरफ्तार, 4 सस्पेंड, लखनऊ अग्निकांड का पूरा अपडेट

वीडियोज

Sansani | Crime News: लखनऊ अग्निकांड...15 बच्चों का कातिल कौन ? | Lucknow Coaching Fire
Lucknow Coaching Center Fire: लखनऊ अग्निकांड पर योगी का सबसे बड़ा फैसला | Yogi | Latest News
Lucknow Coaching Center Fire: दिल्ली से लखनऊ तक...आग का खेल कब रुकेगा? | Yogi | Aliganj News
Lucknow Coaching Fire Tragedy: परिजनों के आंसूओं' का हिसाब कौन देगा ? | CM Yogi | UP News | ABP News
Lucknow Coaching Center Fire | Sandeep Chaudhary: लखनऊ अग्निकांड...15 मासूमों का हत्याकांड? | Yogi

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
Weather Forecast: 22 राज्यों में आंधी और तूफानी बारिश की चेतावनी, UP- बिहार, दिल्ली-हरियाणा में कब बरसेंगे बादल, जानें
22 राज्यों में आंधी और तूफानी बारिश की चेतावनी, UP- बिहार, दिल्ली-हरियाणा में कब बरसेंगे बादल, जानें
लखनऊ अग्निकांड: शीशे पर पत्थर फेंके और दीवारें तोड़ीं, इस हालत में निकाले गए शव, डरा देंगी ये Photos
लखनऊ अग्निकांड: शीशे पर पत्थर फेंके और दीवारें तोड़ीं, इस हालत में निकाले गए शव, डरा देंगी ये Photos
अमेरिका के न्यूक्लियर वाले दावे को ईरान ने किया खारिज, डोनाल्ड ट्रंप का आया रिएक्शन, कहा- 'भविष्य में परमाणु...'
अमेरिका के न्यूक्लियर वाले दावे को ईरान ने किया खारिज, डोनाल्ड ट्रंप का आया रिएक्शन
ICC ने जारी की नई मदरहुड पॉलिसी, जानिए अब महिला खिलाड़ियों को मिलेगी राहत या बढ़ेंगी मुश्किलें
ICC ने जारी की नई मदरहुड पॉलिसी, जानिए अब महिला खिलाड़ियों को मिलेगी राहत या बढ़ेंगी मुश्किलें
Monday Box Office: मंडे टेस्ट में 'कॉकटेल 2' हुई पास, लाखों में सिमटी 'पेद्दी', जानेंं- 'मां इंति बंगाराम' सहित बाकी फिल्मों का कैसा हुआ हाल?
मंडे टेस्ट में 'कॉकटेल 2' हुई पास, जानेंं- मां इंति बंगाराम सहित बाकी फिल्मों का कैसा हुआ हाल?
'500 करोड़ खर्च किए तब जाकर 6 तंदरुस्त गद्दार पैदा हुए... इनका मां-बाप कौन?' बागी सांसदों पर संजय राउत का हमला
'500 करोड़ खर्च किए तब जाकर 6 तंदरुस्त गद्दार पैदा हुए... इनका मां-बाप कौन?' संजय राउत का हमला
ऑस्ट्रेलिया से आए एंडरसन का आगरा में सामान चोरी, अब भट्टे पर उठा रहा ईंटें! वीडियो वायरल
ऑस्ट्रेलिया से आए एंडरसन का आगरा में सामान चोरी, अब भट्टे पर उठा रहा ईंटें! वीडियो वायरल
क्या है Loop Engineering, जानें यह कैसे बदल देगा AI इस्तेमाल करने का तरीका?
क्या है Loop Engineering, जानें यह कैसे बदल देगा AI इस्तेमाल करने का तरीका?
Embed widget