GRAP-4 Greater Noida: ग्रैप-4 के नियमों का उल्लंघन करने पर एक्शन, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने कंपनियों पर लगाई पेनल्टी
GRAP-4 Greater Noida: एनजीटी की तरफ से लागू ग्रैप- 4 का पालन करवाने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने कमर कस ली है. प्राधिकरण की टीम ग्रैप के नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगा रही है.

एनसीआर में प्रदूषण को देखते हुए एनजीटी की तरफ से ग्रैप-4 लागू है. ग्रेटर नोएडा एनजीटी के आदेशों का पालन कराने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की तरफ से भी अभियान चलाया जा रहा है. इसका उल्लंघन करने वालों पर भारी पेनल्टी भी लगाई जा रही है. प्राधिकरण के परियोजना विभाग की तरफ से अब तक कपंनियों और व्यक्तियों पर मिलाकर करीब 49.45 लाख रुपये की पेनल्टी लगाई गई है.
दरअसल, एनसीआर में ग्रैप-4 लागू करने के साथ ही निर्माण कार्यों पर भी रोक लग गई है. निर्माण सामग्रियों को भी ढककर रखने के निर्देश हैं. ग्रेटर नोएडा एरिया में ग्रैप-4 के नियमों का पालन कराने के लिए प्राधिकरण प्रतिबद्ध है. प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने ग्रैप-4 के नियमों का पूरा पालन करने के निर्देश दिए हैं.
उल्लंघन करने वालों पर लगाया जा रहा जुर्माना
एसीईओ सुमित यादव के नेतृत्व में प्राधिकरण की परियोजना विभाग की पूरी टीम अपने एरिया में नजर रख रही है और जहां भी उल्लंघन मिल रहा है, टीम उन पर पेनल्टी भी लगा रही है, फिर चाहे वह कंपनी हो या फिर निवासी, सभी पर यह कार्रवाई की जा रही है. प्राधिकरण की टीम विगत दो दिनों में 46 जगहों पर उल्लंघन मिलने पर 49.45 लाख रुपये की पेनल्टी लगा चुकी है.
एक सप्ताह में जुर्माना राशि जमा करने के निर्देश
प्राधिकरण की तरफ से जुर्माने की रकम 1 सप्ताह में प्राधिकरण के खाते में जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही निर्माण सामग्री को ढककर रखने और पानी का नियमित छिड़काव करने के निर्देश दिए गए हैं. जिन पर पेनल्टी लगाई गई है उनमें बिल्डर, औद्योगिक इकाइयां और निवासी भी शामिल हैं.
ग्रैप-4 के नियमों का उल्लंघन करने वालों पर होगी कार्रवाई
ईटा वन के जिन 22 लोगों पर पेनल्टी लगाई गई है, उनमें यहां के निवासी शामिल हैं, जो कि ग्रैप-4 के नियमों की अवहेलना करते हुए निर्माण कर रहे थे. प्राधिकरण के एसीईओ सुमित यादव ने कहा है कि प्रदूषण को रोकने के लिए तय नियमों का पालन न करने वालों पर प्राधिकरण की तरफ से कार्रवाई जारी रहेगी.
किन पर लगा कितना जुर्माना?
जानकारी के अनुसार, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की परियोजना विभाग की टीम ने एटीएस -सेक्टर-1 -(5 लाख), बृंदा (स्काई वार्ड) -सेक्टर-1 -(5 लाख), मनोज शर्मा -खेड़ा चौगानपुर -5 लाख, बटुकनाथ शुक्ल -खेड़ा चौगानपुर -5 लाख, एबीएस डेवलपर्स -खेड़ा चौगानपुर -5 लाख, ऐस ग्रुप -12 -1 लाख, सिवीटेक -12 -1 लाख, फ्यूजन -12 -1 लाख, फ्यूजन फैबरिक्स -10 -1 लाख, एनडीकॉन कंस्ट्रक्शन -ईकोटेक-8 -1 लाख और सुविज फोइल -ईकोटेक-8 -1 लाख का जुर्माना लगाया गया है.
इसके अलावा स्पार्किंग ह्यूज जेम्स -ईकोटेक-8 -1 लाख, संदीप कुमार -भनौता -1 लाख, धर्मवती -भनौता -1 लाख, सतेंद्र -भनौता -1 लाख, जयपाल आदि -भनौता -1 लाख, मनोज गौतम -छपरौला -1 लाख, हाइवे मैनशन -सहारा सिटी -1 लाख, मुकेश -छपरौला -1 लाख, शिवम सैनी -छपरौला -1 लाख, हर्षवर्धन -छपरौला -1 लाख, हरीश सिंघल -छपरौला -1 लाख, कंपलेंट कनवेयर सिस्टम -ईकोटेक-6 -50 हजार, बीएलसी इंजीनियरिंग सर्विसेज -ईकोटेक-6 -25 हजार और 22 अन्य -ईटा वन -6.70 लाख का जुर्माना लगा है.
























