गोरखपुर के लोगों को पासपोर्ट के लिए नहीं लगाने पड़ेंगे दूसरे शहरों के चक्कर, सांसद रवि किशन ने किया बड़ा दावा
Gorakhpur News: रवि किशन ने कहा कि अब हमारे क्षेत्र के नागरिकों को पासपोर्ट बनवाने के लिए दिल्ली, लखनऊ या अन्य बड़े शहरों की यात्रा करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी. अब सबकुछ यहीं उपलब्ध होगा.

उत्तर प्रदेश में गोरखपुर और पूरे पूर्वांचल के लिए अब पासपोर्ट बनाने के लिए दिक्कत खत्म हो चुकी है. इस कड़ी में केंद्र सरकार द्वारा गोरखपुर और पूरे पूर्वांचल क्षेत्र में पासपोर्ट सेवाओं को और अधिक सशक्त एवं पारदर्शी बनाने के प्रयासों की सराहना करते हुए गोरखपुर के सांसद रविन्द्र शुक्ल उर्फ रवि किशन ने कहा कि अब हमारे क्षेत्र के नागरिकों को पासपोर्ट बनवाने के लिए दिल्ली, लखनऊ या अन्य बड़े शहरों की यात्रा करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी. लोकसभा में पूछे गए एक प्रश्न के लिखित उत्तर में विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने स्पष्ट किया है कि गोरखपुर पासपोर्ट सेवा केंद्र पूरी क्षमता से कार्यरत है और वर्तमान में यहां कोई भी पासपोर्ट आवेदन लंबित नहीं है.
सांसद रवि किशन ने बताया कि गोरखपुर स्थित आधुनिक पासपोर्ट सेवा केंद्र प्रतिदिन 1,155 अपॉइंटमेंट जारी करता है, जिसमें सामान्य श्रेणी के 940, तत्काल श्रेणी के 80 तथा पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट के 135 अपॉइंटमेंट शामिल हैं. इसके अतिरिक्त देवरिया, महाराजगंज, कुशीनगर, मऊ, आजमगढ़ और अंबेडकर नगर में पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र भी संचालित हो रहे हैं, जिससे पूर्वांचल के ग्रामीण एवं दूरदराज क्षेत्रों के लोगों को बड़ी सुविधा मिल रही है.
मोबाइल पासपोर्ट वैन सेवा अब उपलब्ध
उन्होंने कहा कि सरकार की “Apply Anywhere in India” योजना के तहत अब कोई भी व्यक्ति देश के किसी भी पासपोर्ट सेवा केंद्र या पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र से आवेदन कर सकता है. मोबाइल पासपोर्ट वैन के माध्यम से दूरस्थ इलाकों में भी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं. विदेश में रहने वाले भारतीय नागरिकों के लिए MADAD पोर्टल, CPGRAMS और 24x7 हेल्पलाइन के जरिए त्वरित सहायता प्रदान की जा रही है.
गोरखपुर केंद्र में एक ही दिन प्रक्रिया हो रही पूरी
रवि किशन ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि गोरखपुर पासपोर्ट सेवा केंद्र में सभी आवेदनों का प्रसंस्करण उसी दिन कर दिया जाता है. तत्काल श्रेणी के आवेदन तुरंत प्रिंटिंग के लिए जाते हैं और सामान्य श्रेणी के आवेदन पुलिस सत्यापन के बाद आगे बढ़ाए जाते हैं. MADAD पोर्टल पर शिकायत निवारण का प्रतिशत भी बहुत अच्छा है—2023 में 94%, 2024 में 96% और 2025 में 104% (पिछले लंबित मामलों सहित). यह आंकड़े केंद्र सरकार की दक्षता और जन-केंद्रित नीतियों को दर्शाते हैं.
सांसद ने आगे कहा कि विदेश मंत्रालय ने गोरखपुर पासपोर्ट सेवा केंद्र को और बड़े एवं आधुनिक भवन में स्थानांतरित करने की स्वीकृति भी प्रदान कर दी है, जिससे भविष्य में बढ़ती मांग को और बेहतर तरीके से पूरा किया जा सकेगा.
रविन्द्र शुक्ल उर्फ रवि किशन ने केंद्र सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और विदेश मंत्रालय का हृदय से आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि क्षेत्रीय विकास, सुशासन और आम जनता की सुविधा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का जीता-जागता प्रमाण है. गोरखपुर और पूरे पूर्वांचल के युवा, छात्र और कामगार अब आसानी से शिक्षा, रोजगार और अंतरराष्ट्रीय यात्रा के अवसर प्राप्त कर सकेंगे.
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL

























