Cyber Crime: गाजियाबाद पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी, साइबर ठगी कर रहे गिरोह का किया पर्दाफाश
Cyber Crime: गाजियाबाद साइबर पुलिस ने लोन के नाम पर ठगी कर रहे तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि ये गैंग पॉलिसी और लोन के नाम पर लोगों से लाखों की ठगी करता था.

Cyber Crime: गाजियाबाद साइबर पुलिस इन दिनों लगातार साइबर ठगी का खुलासा करती जा रही है. इसी कड़ी में गाजियाबाद पुलिस ने तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है. एक अंतरराज्य गिरोह चला रहे ये लोग लोन के नाम पर लाखों की ठगी कर रहे थे. यह गैंग दिल्ली एनसीआर में लंबे समय से सक्रिय है और कई लोगों को अपनी ठगी का शिकार बना चुके हैं.
इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए साहिबाबाद सीओ अभय कुमार मिश्रा ने बताया कि गाजियाबाद की साइबर सेल और थाना कविनगर पुलिस की टीम ने हिमांशु शेखर, जॉनी, संदीप गुप्ता तीन शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है. जिनके पास से पुलिस ने 14 मोबाइल, एक पासबुक, 5 डाटा पेपर शीट, 20 पॉलिसी लेटर पैड, 6 एटीएम कार्ड, दो आधार कार्ड, एक पैन कार्ड, 6 चैक बुक, 10 पॉलिसी लेटर पैड, डाटा डिटेल सहित और विजिटिंग कार्ड भी बरामद किए हैं.
साइबर सीओ अभय कुमार मिश्रा के मुताबिक़ पुलिस पूछताछ में अपराधियों ने बताया है कि एक गैंग बनाकर अपने अन्य फरार साथियों के साथ मिलकर लोगों के साथ ठगी किया करते थे, वह फर्जी आईडी पर सिम और फर्जी पते पर बैंक खाता खुलवा लेते थे और फर्जी नंबरों से कॉल कर पॉलिसी और लोन कराने के नाम पर स्वयं को एचडीएफसी, एक्साइड लाइफ इंश्योरेंस कंपनी का अधिकारी या कर्मचारी बताकर लोगों के साथ धोखाधड़ी कर अपने फर्जी बैंक खाते में पैसा ट्रांसफर करा लेते थे.
उन्होंने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों में से संदीप गुप्ता और हिमांशु शेखर 7 मई 2021 को अलीगढ़ जिला कारागार से आईटी एक्ट थाना साइबर अलीगढ़ रेंज में पैरोल पर आये हुए हैं. उसके बाद फिर से अपने इस गोरखधंधे में लिप्त हो गए और सैकड़ों लोगों को अपना शिकार बना चुके हैं.
इनकी शिकायत पुलिस और साइबर सेल टीम को मिली थी. जिसके आधार पर साइबर सेल और कवि नगर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने थाना कवि नगर इलाके की पॉश कॉलोनी आरडीसी से गिरफ्तार किया है. उन्होंने बताया कि इनके खिलाफ इससे पहले भी इस तरह के कई मामले दर्ज हैं. अभी अन्य अपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है साथ ही इनके अन्य साथियों की भी तलाश की जा रही है.
इसे भी पढ़ेंः
यह भी देखेंः
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL























