धामी सरकार के चार साल: 819 पंचायत भवन बने, 7 हजार किमी से अधिक सड़कें हुईं गड्ढा मुक्त
Uttarakhand News: उत्तराखंड में बीते चार वर्षों में ग्रामीण आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं. जिनमें 7 हजार KM सड़कें गड्ढा मुक्त हुईं.

उत्तराखंड में पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में बीते चार वर्षों में ग्रामीण आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं. पंचायतीराज विभाग के अनुसार इस अवधि में प्रदेश में 819 पंचायत भवनों का निर्माण और पुनर्निर्माण किया गया है. प्रदेश में कुल 5867 पंचायत भवन हैं, जिनमें से 1134 भवन लंबे समय से जर्जर और जीर्ण-शीर्ण स्थिति में थे.
इन भवनों के पुनर्निर्माण के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पंचायतीराज विभाग को विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए थे. निर्देशों के बाद विभाग ने तेजी से काम करते हुए चार वर्षों में 819 पंचायत भवनों का निर्माण और पुनर्निर्माण पूरा कर लिया है, जबकि शेष भवनों पर भी कार्य प्रगति पर है.
प्रश्नकाल के पंचायतीराज मंत्री ने दी जानकारी
मंगलवार को विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान यह जानकारी पंचायतीराज मंत्री सतपाल महाराज ने सदन के पटल पर रखी. उन्होंने बताया कि पंचायत भवनों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक कार्यों को बेहतर ढंग से संचालित करने में मदद मिल रही है और स्थानीय स्तर पर लोगों को सुविधाएं भी मिल रही हैं.
प्रदेश में सड़कों की स्थिति सुधारने के लिए अभियान
इसी तरह प्रदेश में सड़कों की स्थिति सुधारने के लिए भी सरकार ने बड़ा अभियान चलाया है. लोक निर्माण विभाग की ओर से दी गई. जानकारी के अनुसार, राज्य में सात हजार किलोमीटर से अधिक सड़कों को गड्ढा मुक्त किया जा चुका है. मुख्यमंत्री के निर्देश पर वर्ष 2025-26 में मानसून से पहले 3134 किलोमीटर लंबी सड़कों को गड्ढा मुक्त किया गया था. वहीं मानसून के बाद 10 नवंबर 2025 तक 4149.17 किलोमीटर सड़कों की मरम्मत कर उन्हें गड्ढा मुक्त बनाया गया. इस अभियान के तहत अकेले हरिद्वार जिले में 313 किलोमीटर से अधिक सड़कों की मरम्मत की गई.
रोपवे परियोजना पर तेजी से किया जा रहा काम
इसके अलावा प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए रोपवे परियोजनाओं पर भी तेजी से काम किया जा रहा है. पर्यटन विभाग के अनुसार कई प्रमुख तीर्थ स्थलों को रोपवे से जोड़ने की योजना पर कार्य चल रहा है. कद्दूखाल से सुरकंडा देवी मंदिर तक रोपवे का संचालन पीपीपी मोड में शुरू किया जा चुका है.
ठुलीगाड़ से पूर्णागिरी तक रोपवे का निर्माण कार्य जारी
वहीं चम्पावत जिले में ठुलीगाड़ से पूर्णागिरी तक रोपवे का निर्माण कार्य जारी है. इसके साथ ही उत्तरकाशी में जानकी चट्टी से यमुनोत्री मंदिर तक रोपवे परियोजना विकसित की जा रही है. इसके अलावा गौरीकुंड से केदारनाथ धाम और गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक रोपवे निर्माण की प्रक्रिया भी तेजी से आगे बढ़ रही है. सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से तीर्थ यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी और प्रदेश में पर्यटन को भी नया बढ़ावा मिलेगा.






















