सपा सांसद ने राम मंदिर चंदा चोरी मामले में SIT जांच पर उठाए सवाल, 'वो खुद सरकार के रहमो-करम पर...'
Ayodhya Ram Mandir Donation Row: समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव (Dharmendra Yadav) ने जांच पर सवाल उठाते हुए कहा कि SIT कौन है? एसआईटी के सदस्य तो खुद फंसे हुए हैं.

अयोध्या के राम मंदिर में दान चोरी के मामले को लेकर लगातार सियासत जारी है. इस बीच समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि चंदे में गड़बड़ी को लेकर सारे तथ्य सामने आने चाहिए. सनातनियों की भावनाओं को ठेस पहुंची है, उस पर सदन के अंदर चर्चा होनी चाहिए. उन्होंने एसआईटी की जांच पर भी सवाल उठाए.
धर्मेंद्र यादव ने SIT जांच पर उठाए सवाल
समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा, "SIT कौन है? एसआईटी के सदस्य खुद फंसे हुए हैं. वो खुद सरकार के रहमो-करम पर हैं तो वो क्या निष्पक्ष जांच करेंगे? इस मुद्दे पर सभी पार्टियों के रुख सामने आएंगे. अन्य दलों का मैं कोई अधिकृत प्रवक्ता नहीं हूं इसलिए उनकी तरफ से मैं कोई बात नहीं कह सकता. मैं अपने नेताओं की बात कर रहा हूं. हमलोग लगातार इसका विरोध कर रहे हैं.''
एक ही दिन में जमीनों की कीमत 15 गुना कैसे बढ़ी- धर्मेंद्र यादव
उन्होंने आगे कहा, ''हमलोग चाहते हैं कि 100 करोड़ से ज्यादा सनातनियों की भावनाओं को जो ठेस पहुंची है, उस पर सदन के अंदर चर्चा होनी चाहिए. सभी तथ्य जनता के सामने आने चाहिए. आखिर कौन-कौन दोषी हैं, 90 के दशक में किसने लूटा? उस समय जो चंदा आया था वो कहां चला गया? जमीनें आखिर किन लोगों ने खरीदी? एक ही दिन में जमीनों की कीमत 15 गुना कैसे बढ़ गई?''
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श्रद्धा से दान करने वाले लोग भी सवाल उठा रहे- धर्मेंद्र प्रधान
सपा नेता ने ये भी सवाल उठाया कि सेम गवाहों के हस्ताक्षर के साथ उन जमीनों का घोटाला कैसे हुआ? निर्माण कार्य में 40 फीसदी कमीशन लिए गए जो देश के सामने है. उन्होंने कहा, ''जिन लोगों ने सहयोग किया था, किसी ने सोना, किसी ने चांदी या गहने, अपनी भावनाओं, क्षमता और श्रद्धा के अनुसार जो दान किया था, वो सारे लोग अब सवाल उठा रहे हैं."
देश के लोकतंत्र को खत्म करने की साजिश- धर्मेंद्र यादव
समाजवादी पार्टी के सांसद ने डिलिमिटेशन समेत अन्य बिलों को लेकर सरकार को घेरा. उन्होंने कहा, ''चाहे वह परिसीमन बिल हो, 'वन नेशन, वन इलेक्शन' बिल हो, या प्रस्तावित 130वां संविधान संशोधन हो- ये सभी बिल देश के लोकतंत्र को खत्म करने और संवैधानिक तानाशाही लाने की साजिश हैं, इसीलिए हम लगातार इसका विरोध कर रहे हैं और करेंगे."
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