देहरादून में दर्दनाक हादसा, बारिश के तेज बहाव में बहा 6 साल का मासूम, पाइप में फंसने से मौत
Dehradun News In Hindi: पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय लोगों ने घंटों तक रेस्क्यू अभियान चलाकर बच्चे को बाहर निकाला, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

उत्तराखंड में देहरादून जिले के विकासनगर क्षेत्र में बारिश के दौरान एक दर्दनाक हादसे में छह वर्षीय मासूम की जान चली गई. कोतवाली विकासनगर क्षेत्र की खादर बस्ती में खेलते समय बच्चा पानी के तेज बहाव में बह गया और नाले से जुड़ी निकासी पाइप में फंस गया.
पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय लोगों ने घंटों तक रेस्क्यू अभियान चलाकर बच्चे को बाहर निकाला, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है.
तेज बहाव में बह गया था
मृतक की पहचान अरमान (6 वर्ष) के रूप में हुई है. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शनिवार शाम क्षेत्र में हुई बारिश के बाद सड़कों पर तेज बहाव बन गया था. इसी दौरान खेल रहा अरमान अचानक पानी के साथ बहता हुआ नाले तक पहुंच गया. नाले से जुड़े करीब 10 इंच व्यास के पाइप में बच्चा फंस गया, जिससे उसे बाहर निकालना बेहद मुश्किल हो गया.
जेसीबी से तोड़ी गई पाइप, फिर निकाला गया बच्चा
घटना की सूचना मिलते ही विकासनगर पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों ने भी राहत कार्य में सहयोग किया. बच्चे को निकालने के लिए काफी देर तक प्रयास किए गए, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद जेसीबी मशीन की मदद से पाइपलाइन को तोड़ा गया. कड़ी मशक्कत के बाद अरमान को बेहोशी की हालत में बाहर निकालकर तत्काल उप जिला चिकित्सालय विकासनगर ले जाया गया. हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया.
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया. अस्पताल परिसर में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था. घटना की सूचना मिलने पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी अस्पताल और घटनास्थल पर पहुंच गए.
ग्रामीणों ने सड़क निर्माण पर उठाए सवाल
हादसे के बाद स्थानीय लोगों और ग्रामीणों ने सड़क निर्माण कार्य और जल निकासी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं. उनका आरोप है कि हाल ही में सड़क निर्माण के दौरान उचित ड्रेनेज सिस्टम नहीं बनाया गया. सड़क का ढाल अधिक होने और नालियों के क्षतिग्रस्त होने के कारण थोड़ी सी बारिश में भी पानी तेज बहाव के साथ आबादी वाले क्षेत्र से गुजरता है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल निकासी की व्यवस्था सही होती तो यह हादसा टाला जा सकता था.
जांच और कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. उनका कहना है कि यदि निर्माण कार्य में लापरवाही सामने आती है तो संबंधित विभाग और निर्माण एजेंसी के जिम्मेदार अधिकारियों एवं ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए. लोगों ने प्रशासन से यह भी मांग की कि बारिश के दौरान जलभराव और तेज बहाव वाले क्षेत्रों का तत्काल सर्वे कर आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.
बारिश के दौरान बढ़ जाता है खतरा
उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के कारण कई स्थानों पर जलभराव और तेज बहाव की स्थिति बन रही है. विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश के दौरान बच्चों को नालों, बरसाती पानी और तेज बहाव वाले क्षेत्रों के आसपास खेलने से रोकना चाहिए. थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है.

























