देहरादून में जिला प्रशासन की अवैध शस्त्र रखने वालों पर कार्रवाई, 827 शस्त्र लाइसेंस किए निरस्त
Uttarakhand News: देहरादून में अवैध रूप से शस्त्र रखने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन ने कार्रवाई की है. जिसमें आर्म्स एक्ट, 1959 की धारा–03 में संशोधन करते हुए एक व्यक्ति दो शस्त्रों ही रख सकता है.

देहरादून में अवैध और अनियमित रूप से शस्त्र रखने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर कुल 827 शस्त्र लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं. यह कार्रवाई आयुध (संशोधन) नियम–2019 और गृह मंत्रालय के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के तहत की गई है.
आयुध अधिनियम, 1959 की धारा–03 में हुआ संशोधन
जिलाधिकारी ने बताया कि गृह मंत्रालय द्वारा आयुध अधिनियम, 1959 की धारा–03 में संशोधन करते हुए एक व्यक्ति द्वारा रखे जाने वाले शस्त्रों की अधिकतम संख्या तीन से घटाकर दो निर्धारित की गई है. इसके बावजूद जिले में कई शस्त्र लाइसेंस धारक निर्धारित मानकों का उल्लंघन कर रहे थे. ऐसे मामलों में प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए दो से अधिक शस्त्र रखने वाले 54 शस्त्र धारकों के लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं.
इसके अलावा नेशनल डाटाबेस ऑफ आर्म्स लाइसेंस (एनडीएएल) और आर्म्स लाइसेंस इश्यूअंस सिस्टम (एएलआईएस) पोर्टल पर यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर (यूआईएन) जनरेट न कराने वाले शस्त्र लाइसेंस धारकों पर भी बड़ी कार्रवाई की गई है. प्रशासन ने ऐसे 773 लाइसेंस निरस्त किए हैं, जिन्होंने निर्धारित समय सीमा के बावजूद पोर्टल पर यूआई एन जनरेट नहीं कराया था.
शस्त्र लाइसेंस में आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
जिलाधिकारी सविन बंसल ने स्पष्ट किया कि शस्त्र लाइसेंस से जुड़ी यह प्रक्रिया पारदर्शिता और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अनिवार्य की गई है. इसका उद्देश्य जिले में अवैध शस्त्रों पर प्रभावी नियंत्रण करना और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाना है. उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद जिले के शस्त्र लाइसेंस धारकों में हड़कंप मच गया है. जिला प्रशासन ने शेष लाइसेंस धारकों से अपील की है कि वे अपने दस्तावेजों और यूआईएन संबंधी औपचारिकताओं को शीघ्र पूरा कर लें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई से बचा जा सके. जिला प्रशासन का यह कदम कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक अहम और निर्णायक कार्रवाई माना जा रहा है.
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