योगी के कैबिनेट मंत्री के खिलाफ चलेगा दलित उत्पीड़न का मुकदमा, स्पेशल कोर्ट ने खारिज की सरकार की सिफारिश
उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी' के खिलाफ दलित उत्पीड़न एवं कातिलाना हमला करने का मुकदमा वापस लिए जाने की सरकार की अर्जी विशेष न्यायालय ने खारिज कर दी है। 18 मार्च को अदालत में व्यक्तिगत रूप से हाजिर रहने के आदेश भी जारी किए हैं।

प्रयागराज, मोहम्मद मोईन। यूपी की योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी को प्रयागराज की स्पेशल एमपी एमएलए कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने दलित उत्पीड़न के मामले में मंत्री नंदी के खिलाफ चल रहे मुकदमे को वापस लेने की यूपी सरकार की सिफारिश को ठुकरा दिया है।
अदालत ने मंत्री नंदी को 18 मार्च को कोर्ट में तलब कर लिया है और उनके खिलाफ मुकदमा चलाने का फैसला किया है। स्पेशल कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि गंभीर मामलों में दर्ज मुकदमे को वापस लिया जाना कतई न्यायसंगत नहीं होगा और इससे गलत संदेश जाएगा। नंद गोपाल गुप्ता नंदी यूपी की योगी सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण, नागरिक उड्डयन व अन्य कई विभागों के कैबिनेट मंत्री हैं।

यह मामला साल 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान का है। नंद गोपाल नंदी उस वक्त कांग्रेस पार्टी में थे और उसी के टिकट पर संसदीय चुनाव लड़ रहे थे। चुनाव प्रचार के दौरान 03 मई 2014 को सपा उम्मीदवार रेवती रमण सिंह के समर्थक वेंकट शुक्ल ने नंदी और उनके सहयोगियों के खिलाफ मारपीट करने, धमकी देने, जानलेवा हमला करने और जातिसूचक शब्दों के जरिये अपमानित करने का केस शहर के मुट्ठीगंज थाने में दर्ज कराया था।

इस मामले में अगस्त 2015 को चार्जशीट दाखिल हुई थी। सरकार ने इस मुकदमे को वापस लिए जाने की सिफारिश की थी, जिसे कोर्ट ने ठुकरा दिया है। कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद मंत्री के खिलाफ अब दलित उत्पीड़न समेत अन्य धाराओं में मुकदमा चलेगा।























