अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती में शामिल हुए CM योगी, कहा- भारतीय नारीशक्ति का प्रतीक
UP News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जन्मशती समारोह को संबोधित किया. सीएम ने उनके जीवन पर भी प्रकाश डाला.

Lucknow News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को राजधानी लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जन्मशती समारोह को संबोधित किया. उन्होंने लोकमाता को धर्म, न्याय और राष्ट्रधर्म का सजीव स्वरूप बताते हुए कहा कि वे केवल एक रानी नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति की पुनर्स्थापक थीं. विदेशी आक्रमणों के दौर में उन्होंने देशभर के प्रमुख तीर्थस्थलों को पुनर्जीवित कर भारतीय संस्कृति और धर्म की रक्षा की.
मुख्यमंत्री ने कहा कि महारानी अहिल्याबाई ने बिना किसी राजनीतिक समर्थन के, अकेले अपने संकल्प और भक्ति के बल पर काशी से लेकर रामेश्वरम्, केदारनाथ, सोमनाथ, हरिद्वार और अन्य पवित्र स्थलों का जीर्णोद्धार कराया. आज हम जिस भव्य काशी विश्वनाथ मंदिर को देखते हैं, उसका निर्माण भी उन्हीं के प्रयासों का परिणाम है. यह कार्य उन्होंने वर्ष 1777 से 1780 के बीच अपने निजी संसाधनों से कराया था.
अहिल्याबाई भारतीय नारीशक्ति का प्रतीक- CM योगी
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब 2021 में काशी विश्वनाथ धाम का लोकार्पण कर रहे थे, तब उन्होंने भी अहिल्याबाई होल्कर के योगदान को याद किया था. मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई ने “मेरा पथ धर्म का पथ है और धर्म का पथ ही न्याय का पथ है” जैसे उद्घोष के साथ अपना पूरा जीवन समाज, संस्कृति और राष्ट्र के लिए समर्पित कर दिया.
योगी आदित्यनाथ ने अहिल्याबाई को भारतीय नारीशक्ति का प्रतीक बताया. उन्होंने कहा कि महारानी ने नारी सशक्तिकरण, विधवा पुनर्विवाह को बढ़ावा देने, बाल विवाह रोकने और साड़ी उद्योग जैसी महिला स्वावलंबन योजनाओं को बढ़ावा देकर समाज में बदलाव लाया.
पीएम मोदी के नेतृत्व में परियोजनाएं आकार ले रही है- सीएम योगी
मुख्यमंत्री ने बताया कि आज देश में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में काशी, अयोध्या, उज्जैन और मां विंध्यवासिनी धाम जैसे तीर्थस्थलों पर भव्य परियोजनाएं आकार ले रही हैं. यह उसी सांस्कृतिक चेतना का विस्तार है, जिसकी नींव लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर ने अपने समय में रखी थी.
महाकुंभ 2025 का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह आयोजन भी भारत की सांस्कृतिक ताकत और सनातन परंपरा की जीवंत झलक है. देश-विदेश से आए लाखों श्रद्धालुओं ने महाकुंभ के दौरान काशी, अयोध्या और नैमिषारण्य जैसे तीर्थों के दर्शन कर इसी परंपरा को आगे बढ़ाया है.
समारोह में सीएम योगी समेत कई नेता रहे मौजूद
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई को श्रद्धांजलि देना सिर्फ एक परंपरा नहीं, बल्कि राष्ट्र और धर्म के गौरव को फिर से स्थापित करने का संकल्प है. उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण के बिना देश का विकास अधूरा है. प्रधानमंत्री की लखपति दीदी योजना, कन्या सुमंगला योजना और उज्ज्वला योजना जैसी कई योजनाएं आज महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रही हैं. समारोह में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक समेत संत-महात्मा, विद्वान और समाजसेवी भी मौजूद रहे. सभी ने महारानी अहिल्याबाई के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया.
महारानी अहिल्याबाई होल्कर का जन्म 31 मई 1725 को महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के चौंडी गांव में हुआ था. वे होल्कर वंश की शासिका रहीं और इन्होंने अपने शासनकाल (1767-1795) में न सिर्फ आदर्श राज्य की स्थापना की बल्कि भारतभर के 100 से अधिक मंदिरों, घाटों, कुओं और बावड़ियों का निर्माण व जीर्णोद्धार करवाया. उनकी सरलता, न्यायप्रियता और धर्मनिष्ठा के कारण ही उन्हें ‘लोकमाता’ कहा गया.
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