वाराणसी: BHU में 'नेशनल सेंटर फॉर एजिंग' का CM योगी ने किया निरीक्षण, 150 करोड़ की लागत से हो रहा तैयार
Varanasi News In Hindi: सीएम योगी आदित्यनाथ ने BHU वाराणसी में 150 करोड़ की लागत से बन रहे 200 बेड वाले 'नेशनल सेंटर फॉर एजिंग' का निरीक्षण किया. यह उत्तर भारत का प्रमुख जरा चिकित्सा केंद्र होगा.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार (13 जून) को काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) के चिकित्सा विज्ञान संस्थान परिसर में निर्माणाधीन ‘नेशनल सेंटर फॉर एजिंग’ का स्थलीय निरीक्षण किया. लगभग 150 करोड़ रुपये की लागत से बन रही यह सात मंजिला महत्वाकांक्षी परियोजना अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है.
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया और कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि वे युद्धस्तर पर अभियान चलाकर इसे निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करें.
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गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं: CM योगी
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं. उन्होंने बीएचयू प्रशासन के अधिकारियों को भी निर्देश दिया कि वे इस परियोजना की नियमित निगरानी करें.
बुजुर्गों के लिए क्या-क्या सुविधाएं होंगी?
बुजुर्गों को समर्पित यह अत्याधुनिक ‘नेशनल सेंटर फॉर एजिंग’ देश का तीसरा और उत्तर भारत का प्रमुख जरा (वृद्धावस्था) चिकित्सा केंद्र होगा. 200 बिस्तरों वाले इस सेंटर में बुजुर्गों को एक ही छत के नीचे आधुनिक और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं मिलेंगी. प्रमुख सुविधाओं में शामिल हैं:
- मल्टी-स्पेशियलिटी जेरिएट्रिक (वृद्धावस्था चिकित्सा) OPD
- मेमोरी क्लीनिक और गठिया (अर्थराइटिस) क्लीनिक
- मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर (OT) और अत्याधुनिक रेडियोलॉजी जांच सुविधाएं
- आईसीयू (ICU), प्राइवेट वार्ड और डे-केयर सेंटर
- पुनर्वास (Rehabilitation) सेवाएं
शिक्षा और अनुसंधान का प्रमुख केंद्र बनेगा
यह संस्थान केवल इलाज तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जरा चिकित्सा के क्षेत्र में शिक्षा और मानव संसाधन विकास का भी प्रमुख केंद्र बनेगा.
- ट्रेनिंग: जेरिएट्रिक मेडिसिन विभाग में डॉक्टरों और नर्सों को बुजुर्गों की विशेष देखभाल के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा.
- सीटों में बढ़ोतरी: वरिष्ठ चिकित्सकों और सीनियर रेजिडेंट की सीटों के साथ-साथ एमडी (MD) जेरिएट्रिक मेडिसिन की स्नातकोत्तर सीटें भी बढ़ाई जाएंगी.
- रिसर्च: यहां वृद्धावस्था संबंधी रोगों पर अनुसंधान, नई उपचार पद्धतियों का विकास और बुजुर्गों के लिए विशेष चिकित्सा दिशानिर्देश भी तैयार किए जाएंगे.
इस सेंटर के शुरू होने से पूर्वांचल सहित पूरे उत्तर भारत के लाखों बुजुर्ग मरीजों को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाओं का सीधा लाभ मिलेगा.
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