Dehradun: सीएम पुष्कर सिंह धामी बोले- होममेकर के साथ ही नेशन मेकर के रूप में भी आगे बढ़ें महिलाएं
International Women's Day 2023: धामी ने कहा, ''महिलाओं को होम मेकर के साथ-साथ नेशन मेकर के रूप में आगे बढ़ना होगा, तभी सही अर्थों में राष्ट्र का विकास संभव हो पायेगा.''

Dehradun News: 'होम मेकर के साथ ही नेशन मेकर' के रूप में आगे बढ़ने के लिये महिलाओं का आह्वान करते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) ने कहा कि उनकी भागीदारी से ही सही अर्थों में राष्ट्र का विकास संभव हो पाएगा. अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में मनाए जा रहे महिला सशक्तिकरण और सुरक्षा सप्ताह की शुरूआत के मौके पर 'महिला भागीदारी को प्रोत्साहन' कार्यक्रम में दिए अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा, ''महिलाओं को होम मेकर के साथ-साथ नेशन मेकर के रूप में आगे बढ़ना होगा, तभी सही अर्थों में राष्ट्र का विकास संभव हो पायेगा.'' उन्होंने कहा कि यदि किसी राज्य की नारी शक्ति प्रगति कर रही है तो उस राज्य का विकास सुनिश्चित है, उसे कोई रोक नहीं सकता.
उत्तराखंड के निर्माण में महिलाओं के विशेष योगदान का जिक्र करते हुए धामी ने कहा कि प्रदेश की मातृशक्ति ने पूरे समाज को विपरीत परिस्थितियों में न केवल जीना और जूझना सिखाया बल्कि हर परिस्थिति में जीतना भी सिखाया. उन्होंने कहा, ''हमारा लक्ष्य 2025 तक उत्तराखंड को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में शामिल करना है. इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए राज्य सरकार को मातृ शक्ति का आशीर्वाद एवं समर्थन चाहिए.''
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकारें महिला सशक्तिकरण के लिए सभी प्रकार के प्रयत्न कर रही हैं. धामी ने कहा कि उनकी सरकार महिलाओं के जीवन स्तर को ऊपर उठाने का प्रयास कर रही है और शिक्षा से लेकर खेल और सामाजिक न्याय तक हर क्षेत्र में महिलाओं को शक्ति संपन्न बनाने के निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि प्रदेश में सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है जबकि उन्हें ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री नारी सशक्तिकरण योजना, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना, मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना, मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना, लखपति दीदी योजना, महिला स्वयं सहायता समूहों को मजबूती प्रदान करने और पोषण अभियान जैसी योजनाएं भी प्रारंभ की गयी हैं.
महिलाओं की आत्मरक्षा पर बनी लघु फिल्म का लोकार्पण
धामी ने महिलाओं और बच्चों के विरूद्ध होने वाली हिंसा की घटनाओं को रोकने का प्रयास करने वाले व्यक्तियों को 'महिला सुरक्षा प्रहरी' के रूप में विशेष अवसरों पर सम्मानित करने और बाल विवाह को रोकने वाले व्यक्ति या संस्था को दस हजार रूपये की राशि से पुरस्कृत किए जाने की घोषणा भी की. धामी ने कहा, 'अब समय आ गया है कि महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों के मन में भय पैदा हो और ऐसे लोगों को दंड मिले.'
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण और बाल विकास विभाग के ई-पेपर 'अपनी वाणी' की शुरूआत की व महिलाओं की आत्मरक्षा पर बनी लघु फिल्म का लोकार्पण भी किया. मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान बाल विवाह को रोकने एवं सामाजिक सरोकारों के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वालों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया.
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Source: IOCL






















