पहाड़ में इंडस्ट्रियल पार्क से युवा आयोग तक, CM धामी के 7 बड़े ऐलान
India Independence Day: पुष्कर सिंह धामी ने ध्वजारोहण के साथ प्रदेश के विकास और जनकल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों का ऐलान किया.भाषण का बड़ा हिस्सा रोजगार, युवाओं, उद्योग पर रहा.

उत्तराखंड में देहरादून के परेड ग्राउंड में स्वतंत्रता दिवस के राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ध्वजारोहण के साथ प्रदेश के विकास और जनकल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों का ऐलान किया. मुख्यमंत्री ने अमर शहीदों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, सैनिकों, राज्य आंदोलनकारियों और उनके बलिदान को नमन करते हुए सरकार की आगामी प्राथमिकताओं का खाका भी सामने रखा.
उनके भाषण का बड़ा हिस्सा रोजगार, युवाओं, उद्योग, सीमावर्ती क्षेत्रों, महिला सशक्तिकरण, किसानों और बुनियादी ढांचे से जुड़े विषयों पर केंद्रित रहा. इसी दौरान उन्होंने सात बड़ी घोषणाएं कीं, जिनमें पहाड़ी जिलों में विशेष औद्योगिक पार्क से लेकर प्रदेश में पहली बार युवा आयोग के गठन, युवाओं के लिए स्वरोजगार योजना, भूमि के विनियमितीकरण और प्रधानमंत्री आवास योजना में राज्यांश बढ़ाने जैसे फैसले शामिल हैं.
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आपदा प्रभावित परिवारों के साथ सरकार खड़ी
मुख्यमंत्री ने हाल में प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में आई प्राकृतिक आपदाओं का भी उल्लेख किया. उन्होंने प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में सरकार उनके साथ खड़ी है. राहत एवं बचाव अभियान के साथ आपदा प्रभावित इलाकों में सड़क, पुल, पेयजल और बिजली जैसी जरूरी सुविधाओं को जल्द बहाल करने पर जोर दिया जा रहा है. घायलों को बेहतर उपचार और जिन परिवारों ने घर अथवा आजीविका खोई है, उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने को सरकार की प्राथमिकता बताया गया.
उत्तराखंड के विकास के लिए 2035 का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2035 तक विकसित उत्तराखंड बनाने का लक्ष्य रखा है. सड़क, रेल और रोपवे कनेक्टिविटी के विस्तार को विकास की अहम कड़ी बताते हुए उन्होंने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे और विभिन्न रोपवे परियोजनाओं का जिक्र किया. जमरानी, लखवाड़, किशाऊ और सौंग बांध परियोजनाओं पर भी काम आगे बढ़ने की बात कही. सरकार का जोर बुनियादी ढांचे के विस्तार के साथ पहाड़ी क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी से जोड़ने पर है.
धामी ने धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन को भी राज्य की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बताया. केदारनाथ और बदरीनाथ पुनर्निर्माण, केदारखंड-मानसखंड मंदिर माला मिशन, ऋषिकेश-हरिद्वार कॉरिडोर, शारदा कॉरिडोर, हरिपुर यमुना तीर्थ पुनर्विकास और शीतकालीन यात्रा जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उत्तराखंड अब धार्मिक पर्यटन के साथ वेलनेस, एडवेंचर, फिल्म शूटिंग और वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में भी अपनी पहचान मजबूत कर रहा है.
युवाओं को नौकरी तलाशने वाला नहीं, रोजगार देने वाला बनाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने युवाओं के लिए स्टार्टअप और स्वरोजगार को बढ़ावा देने की बात कही. उन्होंने बताया कि इन्क्यूबेशन सेंटरों के साथ 200 करोड़ रुपये के वेंचर फंड की व्यवस्था की गई है. स्थानीय उत्पादों को बाजार देने के लिए ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’, जबकि युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए होम-स्टे और मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना जैसी पहलों का उल्लेख किया गया. सरकारी विद्यालयों में कक्षा 11वीं और 12वीं के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग देने के लिए ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ भी चलाई जा रही है. पहले चरण में 10 हजार विद्यार्थियों को इसका लाभ देने और इसके लिए 7 करोड़ रुपये की व्यवस्था किए जाने की जानकारी दी गई.
खेल, महिला सशक्तिकरण और किसान कल्याण पर भी फोकस
मुख्यमंत्री ने 38वें राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड के खिलाड़ियों के प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश के खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर राज्य की पहचान मजबूत की है. स्पोर्ट्स लीगेसी प्लान के तहत आठ शहरों में 23 खेल अकादमियां स्थापित करने की योजना है. महिला स्पोर्ट्स कॉलेज और खेल विश्वविद्यालय के निर्माण पर भी काम जारी है.
दूसरी ओर, लखपति दीदी योजना के तहत तीन लाख से अधिक महिलाओं के लखपति दीदी बनने और महिला स्वयं सहायता समूहों को पांच लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण दिए जाने की बात कही गई. किसानों को तीन लाख रुपये तक ब्याजमुक्त ऋण, कृषि उपकरणों पर 80 प्रतिशत तक सब्सिडी और निःशुल्क नहर सिंचाई जैसी सुविधाओं का भी मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया.
विज्ञान और इनोवेशन में भी उत्तराखंड को आगे ले जाने का दावा
मुख्यमंत्री ने राज्य की पहली विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार नीति लागू किए जाने की जानकारी दी. देहरादून में देश की पांचवीं साइंस सिटी के निर्माण के साथ साइंस एंड इनोवेशन सेंटर, लैब्स ऑन व्हील्स, डिजिटल लाइब्रेरी, पेटेंट इन्फॉर्मेशन सेंटर और स्टैम लैब्स जैसी पहलों को राज्य में विज्ञान एवं तकनीक के विस्तार से जोड़ा गया.
उन्होंने राज्य की अर्थव्यवस्था से जुड़े आंकड़े भी सामने रखे और कहा कि पिछले एक वर्ष में जीएसडीपी में 7.23 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि प्रतिव्यक्ति आय में 41 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. राज्य का बजट एक लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है और पिछले पांच वर्षों में 20 हजार से अधिक नए उद्योग स्थापित होने का दावा किया गया.
अब जानिए धामी की सात बड़ी घोषणाएं
1. चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में विशेष औद्योगिक पार्क
पहाड़ी जिलों में उद्योग और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में विशेष औद्योगिक पार्क स्थापित किए जाएंगे. इसका उद्देश्य पर्वतीय क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ाना और युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार तथा कारोबार के अवसर उपलब्ध कराना है.
2. पहली बार बनेगा युवा आयोग
उत्तराखंड में पहली बार युवा आयोग का गठन किया जाएगा. युवाओं की शिक्षा, रोजगार, स्वरोजगार, कौशल विकास और उनसे जुड़े दूसरे मुद्दों के लिए यह संस्थागत मंच के तौर पर काम करेगा.
3. सीमावर्ती युवाओं, पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों को अतिरिक्त मदद
सीमावर्ती गांवों के युवाओं के साथ भूतपूर्व सैनिकों और अग्निवीरों को स्वरोजगार और उद्यम शुरू करने के लिए अतिरिक्त सहायता एवं प्रोत्साहन दिया जाएगा. सरकार की नजर सीमावर्ती इलाकों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ाने और युवाओं के पलायन को रोकने पर भी है.
4. वर्ग-3 और वर्ग-4 की भूमि के विनियमितीकरण की समय-सीमा बढ़ेगी
सरकार वर्ग-3 और वर्ग-4 की भूमि के विनियमितीकरण की समय-सीमा बढ़ाने की दिशा में फैसला करेगी. इसका उद्देश्य पात्र लोगों को नियमानुसार भूमिधरी अधिकार उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है.
5. PM आवास योजना में राज्यांश 50 हजार से बढ़कर 75 हजार रुपये
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत राज्य सरकार की ओर से दिए जाने वाले राज्यांश को 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 75 हजार रुपये किया जाएगा. यानी पात्र लाभार्थियों को राज्य की तरफ से पहले की तुलना में 25 हजार रुपये अतिरिक्त सहायता मिलेगी.
6. 18 से 30 साल के युवाओं के लिए नई स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजना
18 से 30 वर्ष की उम्र के युवाओं के लिए ‘मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार एवं उद्यमिता प्रोत्साहन योजना’ शुरू की जाएगी. इसके तहत आईआईटी और आईआईएम जैसे संस्थानों के सहयोग से युवाओं को निःशुल्क उद्यमिता और कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा. सबसे अहम प्रावधान यह है कि उद्यम शुरू करने के लिए बैंक से लिए जाने वाले ऋण की 30 प्रतिशत राशि सरकार अनुदान के रूप में देगी, जिससे युवाओं पर शुरुआती वित्तीय बोझ कम होगा.
7. बहादुर बच्चों के लिए ‘बाल वीरता पुरस्कार’
प्रदेश में साहस और बहादुरी का प्रदर्शन करने वाले बच्चों को सम्मानित करने के लिए इसी वर्ष से ‘बाल वीरता पुरस्कार’ शुरू किया जाएगा. इसका उद्देश्य बच्चों में साहस, जिम्मेदारी और समाज के प्रति सकारात्मक सोच को प्रोत्साहित करना है.
सैनिकों और बलिदानी परिवारों के लिए भी बड़े ऐलान
मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड को देवभूमि के साथ वीरभूमि बताते हुए सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के लिए किए गए फैसलों का भी उल्लेख किया. बलिदानियों के आश्रितों को मिलने वाली अनुग्रह राशि को 10 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये किया गया है. परमवीर चक्र विजेताओं के परिवारों के लिए यह राशि 50 लाख से बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये की गई है. प्रत्येक बलिदानी परिवार के एक सदस्य को सरकारी सेवा में समायोजित करने और सेवारत एवं पूर्व सैनिकों को 25 लाख रुपये तक की संपत्ति खरीद पर स्टाम्प शुल्क में 25 प्रतिशत छूट दिए जाने की जानकारी भी दी गई.
सरकार का दावा-विकास के साथ विरासत और रोजगार पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसा उत्तराखंड बनाना है, जहां विकास के साथ राज्य की विरासत और संस्कृति सुरक्षित रहे, रोजगार के साथ पलायन की समस्या का समाधान हो और आधुनिकता के साथ प्रदेश की पहचान मजबूत हो. उन्होंने समान नागरिक संहिता, सख्त भू-कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगारोधी कानून और नकल विरोधी कानून जैसे फैसलों का भी उल्लेख किया. उनके अनुसार पिछले पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरी दी गई है.
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेशवासियों का सरकार पर विश्वास केवल राजनीतिक समर्थन नहीं, बल्कि बड़ी जिम्मेदारी है. स्वतंत्रता दिवस के मंच से घोषित सात फैसलों में उद्योग, युवा, स्वरोजगार, भूमि अधिकार, आवास और सामाजिक सम्मान जैसे अलग-अलग क्षेत्र शामिल हैं. ऐसे में इन घोषणाओं का वास्तविक असर इस बात से तय होगा कि सरकार इन्हें जमीन पर कितनी तेजी और प्रभावी तरीके से लागू करती है.
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