लखनऊ में 'मिनी इंडिया', राम-सीता झांकी से लेकर लोकनृत्यों तक बिखरी संस्कृति की छटा
Independence Day 2026: लखनऊ में 80वां स्वतंत्रता दिवस भव्यता से मनाया गया. यहां राम-सीता झांकी, कथक, लोकनृत्य और राज्यों की संस्कृति ने समारोह में रंग भर दिया.

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 80वां स्वतंत्रता दिवस समारोह भव्यता, गरिमा और देशभक्ति के रंग में मनाया गया. विधानभवन के सामने आयोजित मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तिरंगा फहराया. इस दौरान पूरा परिसर देशभक्ति के नारों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और भारत की विविधता की झलक से गूंज उठा.
समारोह की शुरुआत सुबह करीब 9:15 बजे राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ की प्रस्तुति के साथ हुई. भारतखण्डे संगीत विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने शानदार प्रस्तुति देकर माहौल को देशभक्ति से भर दिया. इसके बाद 32वीं वाहिनी पीएसी, 35वीं वाहिनी पीएसी और मिलिट्री बैंड की अनुशासित प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई.
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तिरंगा फहराने के बाद प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं. कार्यक्रम के दौरान जब तिरंगे गुब्बारे आसमान में छोड़े गए और पुष्प वर्षा हुई तो पूरा परिसर भारत माता के जयकारों से गूंज उठा.
एक भारत-श्रेष्ठ भारत की दिखी शानदार झलक
स्वतंत्रता दिवस समारोह में संस्कृति विभाग की ओर से ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की थीम पर विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए. देश के अलग-अलग राज्यों के कलाकारों ने एक मंच पर अपनी लोक परंपराओं और संस्कृति का प्रदर्शन किया. उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड, पूर्वांचल, अवध और पश्चिमी यूपी की लोक संस्कृति के साथ जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा, छत्तीसगढ़, गुजरात और बिहार के कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया. ‘गणपति बप्पा मोरया’ और ‘छठी मैया’ के लोकगीतों से लेकर विभिन्न राज्यों के लोकनृत्यों ने भारत की सांस्कृतिक एकता का संदेश दिया.
राम-सीता-लक्ष्मण की झांकी ने मोहा दर्शकों का मन
समारोह का सबसे आकर्षक हिस्सा भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण की झांकी रही. गौरी कला मंडपम ग्रुप की ओर से प्रस्तुत इस झांकी में वाराणसी की कुमकुम रस्तोगी ने माता सीता, ऋत्विक सिंह ने भगवान राम और आयुष साहू ने लक्ष्मण की भूमिका निभाई. करीब 16 कलाकारों की टीम ने इस प्रस्तुति को तैयार किया था. कलाकारों ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने स्वतंत्रता दिवस जैसे बड़े मंच पर प्रस्तुति देना उनके लिए गौरव का क्षण था. टीम ने इस विशेष कार्यक्रम के लिए कई दिनों तक लगातार अभ्यास किया था. झांकी के जरिए भारतीय संस्कृति और मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के आदर्शों को प्रस्तुत किया गया.
कथक, तराना और लोकनृत्यों ने बांधा समां
भारतखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय की कथक और लोकनृत्य टीम ने भी शानदार प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया. 20 कलाकारों ने कथक और छह कलाकारों ने लोकनृत्य प्रस्तुत किया. कथक के अंतर्गत प्रस्तुत किए गए तराने ने समारोह में अलग ही रंग भर दिया. वहीं मथुरा-वृंदावन से आए रवि शंकर ने शंख वादन कर आध्यात्मिक माहौल बना दिया. छत्तीसगढ़ से आए 19 कलाकारों के दल ने बस्तर की प्रसिद्ध लोक कला ‘रेला पाटा’ प्रस्तुत की. कलाकारों ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लखनऊ में अपनी संस्कृति को प्रस्तुत करना उनके लिए गर्व का अवसर है.
अरुणाचल से महाराष्ट्र तक कलाकारों ने बढ़ाया उत्साह
समारोह में अरुणाचल प्रदेश और महाराष्ट्र के कलाकारों ने भी अपनी प्रस्तुतियां दीं. अरुणाचल की कलाकार नीलम ने बताया कि इतने बड़े राष्ट्रीय कार्यक्रम में प्रस्तुति देना उनके लिए बेहद खास अनुभव रहा. महाराष्ट्र से आई 22 सदस्यीय टीम ने करीब एक सप्ताह तक तैयारी कर कार्यक्रम में हिस्सा लिया. कलाकारों ने कहा कि अलग-अलग राज्यों के कलाकारों के साथ एक मंच साझा करना भारत की एकता और विविधता का शानदार अनुभव रहा.
कार्यक्रम के दौरान आसमान से हुई पुष्प वर्षा और तिरंगे गुब्बारों ने स्वतंत्रता दिवस के उत्साह को और बढ़ा दिया. बच्चों और लोगों के हाथों में तिरंगा और चेहरे पर खुशी पूरे माहौल को देशभक्ति के रंग में रंगती नजर आई. इस अवसर पर विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, मेयर सुषमा खर्कवाल, राज्यसभा सांसद बृजलाल समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे. यह भी पढ़ें
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