एक्सप्लोरर

बुलंद शहर सीट का सियासी मिजाज

बुलंदशहर लोकसभा सीट कभी कांग्रेस का गढ़ थी। 1952 से लेकर 1971 तक यहां हुए पांच चुनावों में कांग्रेस ने लगातार जीत दर्ज की।

उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव के पहले चरण की वोटिंग के बाद अब दूसरे दौर का मतदान होना है। इस चरण में 8 लोकसभा की सीटों पर 18 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। इस दौर में नगीना, बुलंदशहर, आगरा और हाथरस सुरक्षित सीट हैं। इसके अलावा अमरोहा, अलीगढ़, मथुरा और फतेहपुर सीकरी सीट शामिल हैं। हम आपको बताते हैं बुलंदशहर लोकसभा सीट के बारे में वो सारी बातें जो आप जानना चाहेंगे। बुलंदशहर में घटी किसी भी घटना का असर पूरे उत्तर प्रदेश में नजर आता है। 2019 में यह सीट सभी सियासी दलों के लिए बेहद अहम साबित होने वाली है। हाल में यहां गोहत्या के विवाद में हिंसा भड़क उठी थी जिसकी आंच पूरे देश में नजर आई थी। यह मामला मीडिया में भी सुर्खियां बना था। फिलहाल यह सीट बीजेपी के कब्जे में है और भोला सिंह ने 2014 के लोकसभा चुनाव में यहां जीत हासिल की थी। बुलंदशहर भी सुरक्षित सीट है। सियासी उतार चढ़ाव वाली बुलंद शहर की सीट बुलंदशहर लोकसभा सीट कभी कांग्रेस का गढ़ थी। 1952 से लेकर 1971 तक यहां हुए पांच चुनावों में कांग्रेस ने लगातार जीत दर्ज की। 1971 के बाद से कांग्रेस यहां कमजोर होती गई और मतदाताओं ने अलग-अलग पार्टियों को तरजीह दी। 1977 में भारतीय लोक दल, 1980 में जनता दल ने यहां कांग्रेस को करारी मात दी थी। 1984 के चुनाव में कांग्रेस ने यहां फिर वापसी की। 1989 के बाद से कांग्रेस वापसी के लिए तरस रही है। 1991 से लेकर 2004 तक लगातार पांच बार भारतीय जनता पार्टी ने यहां चुनाव जीता। 1991 से 1999 तक बीजेपी के छतरपाल सिंह ने अपना दबदबा इस सीट पर बनाए रखा। 2009 में यहां समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार ने बड़ी जीत दर्ज की, लेकिन 2014 में उत्तर प्रदेश में चली मोदी लहर का असर यहां भी दिखा। सियासी समीकरण 2014 में हुए लोकसभा चुनाव के आधार पर यहां कुल 17 लाख से अधिक वोटर हैं। इनमें 9 लाख से अधिक पुरुष और करीब 8 लाख महिला वोटर हैं। बुलंदशहर जिले में करीब 77 फीसदी हिंदू जनसंख्या और 22 फीसदी मुस्लिम जनसंख्या हैं। बुलंदशहर लोकसभा के अंतर्गत कुल 5 विधानसभा सीटें आती हैं। इनमें अनूपशहर, बुलंदशहर, डिबाई, शिकारपुर और स्याना विधानसभा सीटें शामिल हैं। 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में ये सभी पांच सीटें भारतीय जनता पार्टी के खाते में गई थीं। 2014 में कैसा था जनादेश? 2014 के लोकसभा चुनाव में पूरे उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी का जादू चला था। बुलंदशहर में भी बीजेपी के भोला सिंह को प्रचंड जीत हासिल की थी। 2014 के चुनाव में भोला सिंह को करीब 60 फीसदी वोट मिले थे, कुल पड़े 10 लाख वोटों में से उन्हें करीब 6 लाख वोट मिले थे। जबकि उनके सामने दूसरे खड़े बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी प्रदीप कुमार जाटव को मात्र 1 लाख 82 हजार वोट मिल पाए थे। 2014 के चुनाव में यहां सिर्फ 58 फीसदी मतदान हुआ था, इसमें से भी करीब 7000 वोट NOTA में डाले गए थे। कौन हैं भोला सिंह भोला सिंह अपने बयानों के कारण चर्चा में रह चुके हैं। 2014 के लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज कर वह पहली बार सांसद बने थे। 2019 के लोकसभा चुनाव में भी भाजपा ने भोला सिंह को प्रत्याशी बनाया है। क्या हैं प्रमुख मुद्दे - खुर्जा के पॉटरी उद्योग को सरकारी संरक्षण की दरकार - उच्च शिक्षा संस्थानों की बेहद कमी - बदहाल स्वास्थ्य सेवा को पटरी पर लाना - भूमि अधिग्रहण व मुआवजा प्रकरण को सुलझाना - किसानों की उपज बिक्री के लिए बाजार की दरकार
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

राजेंद्र पाल गौतम को कांग्रेस ने दी बड़ी जिम्मेदारी, दिल्ली सरकार में रह चुके हैं मंत्री
राजेंद्र पाल गौतम को कांग्रेस ने दी बड़ी जिम्मेदारी, दिल्ली सरकार में रह चुके हैं मंत्री
UP Panchayat Chunav: यूपी में प्रधानों को बड़ा झटका, हाईकोर्ट ने प्रशासक बनने की नहीं दी इजाज़त, अब क्या होगा?
यूपी में प्रधानों को बड़ा झटका, हाईकोर्ट ने प्रशासक बनने की नहीं दी इजाज़त, अब क्या होगा?
Gorakhpur News: CM योगी आदित्यनाथ का विपक्ष पर हमला, 'पिछली सरकार ने हर जिले में माफिया पैदा किया'
CM योगी आदित्यनाथ का विपक्ष पर हमला, 'पिछली सरकार ने हर जिले में माफिया पैदा किया'
Greater Noida News: वायु प्रदूषण पर प्रहार! ग्रेटर नोएडा में 37 सड़कों पर शुरू हुआ मेगा सफाई अभियान
वायु प्रदूषण पर प्रहार! ग्रेटर नोएडा में 37 सड़कों पर शुरू हुआ मेगा सफाई अभियान

वीडियोज

Sansani | Crime News | Ketan Murder Case:'विग लगाता था... इसलिए मरना था?' सिया का चौंकाने वाला दावा!
Welcome to the Jungle Review: Akshay Kumar की मजेदार कॉमेडी, लॉजिक नहीं सिर्फ एंटरटेनमेंट
Raakh के Villain Akash Makhija ने सुनाई struggle, Death Threatsऔर success की अनसुनी कहानी
Sansani | Ketan Agrawal Murder Case:मर्डर से ठीक एक दिन पहले सिया और चेतन ने रची थी ये साजिश!
Ketan Murder Case: 350 फीट गहरी खाई...'क्राइम कुंडली' सामने आई! | Bharat ki Baat

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
केतन को 350 फीट गड्ढे में धक्का चेतन दिया या सिया? CCTV और हुड्डी में उलझी मर्डर मिस्ट्री
केतन को 350 फीट गड्ढे में धक्का चेतन दिया या सिया? CCTV और हुड्डी में उलझी मर्डर मिस्ट्री
तेज प्रताप यादव के ड्राइवर की पत्नी थाने पहुंची, चोरी के मामले में अब आया नया विवाद
तेज प्रताप यादव के ड्राइवर की पत्नी थाने पहुंची, चोरी के मामले में अब आया नया विवाद
IND vs IRE 1st T20I: भारत की हार के 3 बड़े कारण, जानें क्यों और कैसे आयरलैंड के खिलाफ खत्म हुई बादशाहत
भारत की हार के 3 बड़े कारण, जानें क्यों और कैसे आयरलैंड के खिलाफ खत्म हुई बादशाहत
Welcome To The Jungle BO Collection: 'वेलकम टू द जंगल' का धमाका, पहले दिन 'राजा शिवाजी'-'पेद्दी' समेत तोड़े 10 फिल्मों के रिकॉर्ड्स
'वेलकम टू द जंगल' का धमाका, पहले दिन 'राजा शिवाजी'-'पेद्दी' समेत तोड़े 10 फिल्मों के रिकॉर्ड्स
इंडिगो की फ्लाइट में यात्री बनाए गए बंदी! घंटे भर से ज्यादा बिना AC के विमान में बैठाया, यात्रियों का घुटा दम
फ्लाइट में यात्री बने बंदी! घंटे भर से ज्यादा बिना AC के विमान में बैठाया, यात्रियों का घुटा दम
मुहर्रम का नाम बवालियों ने किया बदनाम, बिहार में चली गोली, यूपी से एमपी तक आयी डरावनी तस्वीरें
मुहर्रम का नाम बवालियों ने किया बदनाम, बिहार में चली गोली, यूपी से एमपी तक आयी डरावनी तस्वीरें
PoK विद्रोह: पाकिस्तान की फूड ब्लॉकेड नीति 14वें दिन भी जारी! कहुटा बॉर्डर पर सैकड़ों ट्रक खड़े, आम लोगों से भी जब्त हो रहा राशन
PoK विद्रोह: पाकिस्तान की फूड ब्लॉकेड नीति 14वें दिन भी जारी! कहुटा बॉर्डर पर खड़े सैकड़ों ट्रक
कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने धर्मेंद्र प्रधान को भेजा 'गिफ्ट', बोले - 'हैप्पी बर्थडे, प्लीज...'
CJP फाउंडर अभिजीत दीपके ने धर्मेंद्र प्रधान को भेजा 'गिफ्ट', बोले - 'हैप्पी बर्थडे, प्लीज...'
Embed widget