छात्रों पर लाठीचार्ज: कांग्रेस ने सरकार से मांगा जवाब, निशिकांत दुबे बोले- इंदिरा गांधी के परिवार को मांगनी चाहिए माफी
BJP सांसद निशिकांत दुबे ने छात्रों पर लाठीचार्ज के मामले में कांग्रेस द्वारा मांगे जा रहे जवाब के क्रम में प्रतिक्रिया देते हुए नेहरू, इंदिरा के कार्यकाल में हुए फैसलों पर माफी की मांग की

भारतीय जनता पार्टी के नेता और झारखंड स्थित गोड्डा से सांसद निशिकांत दुबे ने दिल्ली में छात्रों पर लाठीचार्ज को लेकर विपक्ष की मांग पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कई वाकये गिनाते हुए कहा कि विपक्ष को माफी मांगनी चाहिए. दुबे ने कहा कि माफी तो इंदिरा गांधी और उनके परिवार को मांगनी चाहिए. पंडित जवाहरलाल नेहरू ने 1960 में इमरजेंसी लगाई थी, उसके लिए इनको माफी मांगनी चाहिए.
बीजेपी सांसद निशिकांत ने कहा कि, 'उन्हें माफ़ी मांगनी चाहिए. उन्हें 1960 में पंडित जवाहरलाल नेहरू के समय लगाई गई इमरजेंसी के लिए माफ़ी मांगनी चाहिए. उन्हें 1975 में इंदिरा गांधी द्वारा लगाई गई इमरजेंसी के लिए माफ़ी मांगनी चाहिए. उन्हें 1974 के नवनिर्माण आंदोलन और चिमनभाई पटेल से जुड़ी घटनाओं के लिए माफ़ी मांगनी चाहिए. उन्हें अन्ना हजारे के आंदोलन को दबाने और युवाओं पर लाठीचार्ज के लिए भी माफ़ी मांगनी चाहिए.'
चीन से किया समझौता- दुबे
दुबे ने कहा कि माफी उनको मांगनी चाहिए कि साल 2008 में चीन से कौन सा समझौता किया वो आज तक नहीं बताया. वो चीन का एजेंडा लागू करने की कोशिश कर रहे हैं. देश को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं.
कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए दुबे ने कहा कि माफी तो उनको देश से मांगना चाहिए कि जो लोग गांधी नेहरू परिवार का विरोध करते हैं, रफी अहमद किदवई से ललित नाराणय मिश्रा तक, उनकी संदिग्ध मौत क्यों हो जाती है?
बता दें कांग्रेस ने प्रदर्शनकारियों पर दिल्ली पुलिस के बल प्रयोग को लेकर मंगलवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि सत्ता के आदेश पर युवाओं पर 'जुल्म और दमन' करने वालों को एक दिन संविधान की 'लाठी' का सामना करना होगा. पार्टी के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, 'इस देश के युवाओं पर ढाए गए अन्यायों की लंबी सूची में कल का यह शर्मनाक अध्याय भी जोड़ दीजिए, जब सत्ता के इशारे पर इस देश के बेटे-बेटियों पर ज़ुल्म और दमन किया गया.'
उन्होंने कहा, 'लेकिन आज जो सत्ता के आदेश पर देश के युवाओं को पीट रहे थे, उन्हें कल संविधान की लाठी का सामना करना होगा.' परीक्षा प्रश्नपत्र लीक होने के विरोध में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (कॉजपा) के संसद मार्च के दौरान सोमवार को पुलिस ने हजारों की संख्या में जुटे युवाओं को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े थे और लाठीचार्ज किया था. भाषा हक शफीकशफीक























