बिहार चुनाव में यूपी के नेता बदलेंगे सियासी तस्वीर! OP राजभर से लेकर मायावती तक...जानें रणनीति?
Bihar Election 2025: बिहार में चुनाव को लेकर बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद के साथ केंद्रीय कोऑर्डिनेटर और राज्यसभा सांसद रामजी गौतम को चुनाव की जिम्मेदारी दी है.

बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर पहले प्रदेश की सियासत अभी से गरमाई हुई है. बिहार चुनाव में यूपी के राजनीतिक धुरंधर भी उतरने वाले हैं और वह बिहार में एनडीए और महागठबंधन का चुनावी समीकरण बिगाड़ सकते हैं. यूपी की नेताओं की इस लिस्ट में सबसे पहला नाम पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती का है जिन्होंने बिहार चुनाव में अकेले लड़ने का ऐलान किया है. इसके साथ ही नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद और योगी सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने भी बिहार चुनाव में उतरने का पूरी तरह से मन बना लिया है.
बिहार की 243 सीटों पर होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर बसपा सुप्रीमो मायावती ने हाल ही में ऐलान किया था कि बसपा बिहार चुनाव अकेले ही मैदान में उतरेगी. इसके साथ ही मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद के साथ केंद्रीय कोऑर्डिनेटर और राज्यसभा सांसद रामजी गौतम को बिहार चुनाव की जिम्मेदारी दी है.
वहीं उत्तर प्रदेश की नगीना सीट से सांसद और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद भी बिहार विधानसभा चुनाव में पूरी तरह से चुनावी मैदान में उतरने के लिए तैयार हैं. नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद बिहार में 100 सीटों पर चुनावी मैदान में उतरने के लिए तैयार हैं और वह राज्य के दलित वोटों पर खास फोकस रखेंगे.
क्या बोले ओम प्रकाश राजभर?
इसके साथ ही बिहार में चुनाव में लड़ने को लेकर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) प्रमुख और कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने पहले कहा था कि वह बिहार की करीब 40-42 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे. हालांकि अब ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि हमारी मुलाकात भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेताओं से हुई है. गृहमंत्री अमित शाह, बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और संगठन मंत्री से हम मुलाकात कर चुके हैं. हमने बिहार के 29 सीटों की सूची उन्हें सौंप दी है और उनका कहना है कि चुनाव नजदीक आते ही हम सभी लोग मिलकर सीट शेयरिंग पर चर्चा कर लेंगे, हम लोग मिलकर लड़ेंगे यह तय है. हमारा उद्देश्य है कि बिहार में एनडीए की सरकार बने. हम सरकार में शामिल भी होंगे और बिहार में योगी मॉडल लागू कराएंगे.
NDA पर क्या पड़ेगा असर?
यूपी के इन नेताओं की अगर बिहार चुनाव में एंट्री होती है तो न केवल ये महागठबंधन को नुकसान पहुंचाएंगे बल्कि एनडीए के लिए भी ये झटका देंगे. क्योंकि अगर ओम प्रकाश राजभर एनडीए के साथ चुनाव में आते हैं तो वह अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) वोट को एनडीए के पाले में ले जा सकते हैं लेकिन वह अगर अलग चुनाव में लड़ते हैं तो एनडीए के EBC वोट बंट जाएंगे. इसके अलावा मायावती और चंद्रशेखर आजाद बिहार में दलित वोटों को बांट देंगे.
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